तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद अपनी ऐतिहासिक इमारतों और आधुनिक आईटी हब के अलावा प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के लिए भी जानी जाती है. शहर की भागदौड़, व्यस्त जीवनशैली और सड़कों के शोर-शराबे से राहत पाने के इच्छुक लोगों के लिए बाहरी इलाके में स्थित कोहेड़ा हिल्स एक मुफीद विकल्प के रूप में सामने आया है. स्थानीय बोलचाल में कोहेड़ा गुट्टा के नाम से पहचानी जाने वाली यह जगह प्राकृतिक परिदृश्य और धार्मिक आस्था का शानदार मेल कराती है. यह रमणीय पहाड़ी क्षेत्र रंगारेड्डी जिले में हयात नगर तथा प्रसिद्ध रामोजी फिल्म सिटी के बिल्कुल पास मौजूद है, जहां सप्ताहांत पर लोगों का पहुंचना लगातार जारी रहता है.
दक्कन की चट्टानें और मनोरम 360-डिग्री दृश्य
दक्कन के पठार की खास पहचान मानी जाने वाली प्राचीन और विशाल चट्टानी संरचनाओं के बीच स्थित कोहेड़ा हिल्स अपने बेहद शांत और स्वच्छ वातावरण के लिए मशहूर है. जब सैलानी इस पहाड़ी के ऊपरी सिरे पर कदम रखते हैं, तो उन्हें चारों ओर मीलों तक पसरी हरियाली के साथ-साथ हैदराबाद आउटर रिंग रोड का विहंगम 360-डिग्री पैनोरमा नजारा देखने को मिलता है. सुबह के वक्त चलने वाली शीतल बयार के बीच उगते सूरज की किरणें हों या फिर ढलती हुई सांझ में आसमान के बदलते चटख रंग, यहां का पूरा माहौल मानसिक शांति का अनुभव कराता है. खासतौर पर मॉनसून की विदाई के बाद और सर्दियों के पूरे मौसम में इस पहाड़ी की वादियां हरी चादर ओढ़ लेती हैं, जिससे यहां की आबोहवा बेहद सुहावनी और खुशनुमा बन जाती है.
शिखर पर स्थापित प्राचीन श्री आंजनेय स्वामी मंदिर
कोहेड़ा हिल्स की पहचान केवल इसकी प्राकृतिक खूबसूरती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक आस्था का केंद्र भी बना हुआ है. इस पहाड़ी की चोटी पर श्री आंजनेय स्वामी भगवान हनुमान का एक पुराना और प्रसिद्ध मंदिर विद्यमान है. मंदिर के गर्भगृह में काले पाषाण से तराशी गई भगवान हनुमान की अलौकिक और विशाल प्रतिमा स्थापित है. पूरे सप्ताह के दौरान और विशेषकर मंगलवार, शनिवार तथा हनुमान जयंती जैसे बड़े धार्मिक पर्वों पर यहां पूजा-अर्चना के लिए आसपास के गांवों समेत हैदराबाद शहर से बड़ी तादाद में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. पहाड़ी की असीम खामोशी के बीच गूंजने वाली मंदिर की घंटियों की पावन ध्वनि पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है.
पहुंचने का मार्ग और जरूरी सावधानियां
भौगोलिक स्थिति की बात करें तो कोहेड़ा हिल्स हैदराबाद के प्रमुख शहरी केंद्र एलबी नगर से लगभग 20 से 25 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है. यहां आने के लिए यात्री विजयवाड़ा हाईवे यानी एनएच-65 और पेद्दा अंबरपेट के रास्ते अपनी निजी कार, कैब अथवा दोपहिया वाहन का इस्तेमाल करके बहुत सुगमता से पहुंच सकते हैं. पक्का सड़क मार्ग सीधे पहाड़ी के तलहटी वाले हिस्से तक जाता है, जिसके बाद शिखर पर स्थित मंदिर परिसर तक जाने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हल्की पैदल चढ़ाई पूरी करनी होती है. पहाड़ी की चोटी पर खान-पान और मूलभूत सुविधाएं काफी सीमित हैं, इसलिए यहां भ्रमण की योजना बना रहे लोगों को अपने साथ पीने का पानी और रोजमर्रा का जरूरी सामान पहले से साथ रखने की सलाह दी जाती है. प्राकृतिक नजारों के शौकीनों, फोटोग्राफी प्रेमियों और आत्मिक सुकून तलाशने वालों के लिए यह एक बेहतरीन गंतव्य साबित होता है.



















