शहरी आपाधापी, चिलचिलाती धूप और रोजाना के भारी ट्रैफिक से राहत पाने के इच्छुक सैलानियों के लिए मध्य प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी एक बेहतरीन पर्यटन स्थल साबित होता है। सतपुड़ा पर्वतमाला की हरी-भरी वादियों में स्थित इस पहाड़ी शहर को अपनी प्राकृतिक छटा, कलकल बहते झरनों, गहरी घाटियों, प्राचीन गुफाओं और सुकून भरे माहौल के चलते सतपुड़ा की रानी के नाम से भी पुकारा जाता है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को एक ही सफर में घने जंगलों, ऐतिहासिक विरासतों, मनोरम घाटियों और प्राकृतिक जलप्रपातों का अद्भुत संगम देखने का अवसर प्राप्त होता है।
ट्रेन यात्रा और पिपरिया से पहुँचने का रास्ता
राजधानी दिल्ली से पचमढ़ी पहुँचने के लिए भारतीय रेल सबसे किफायती साधन प्रस्तुत करती है। पचमढ़ी की पहाड़ी चढ़ाई से पहले निकटतम रेलवे स्टेशन पिपरिया पड़ता है, जिसकी दूरी मुख्य हिल स्टेशन से लगभग 50 किलोमीटर है। यात्री दिल्ली से पिपरिया तक सीधी ट्रेन पकड़ सकते हैं। पिपरिया स्टेशन के बाहर उतरने के पश्चात पचमढ़ी कस्बे तक पहुँचने के लिए नियमित बस सेवा, निजी टैक्सी अथवा साझा वाहनों की सुविधा उपलब्ध रहती है।
रेल टिकट के व्यय की बात करें तो स्लीपर अथवा सामान्य श्रेणी में दिल्ली से पिपरिया तक दोनों तरफ की यात्रा का अनुमानित खर्च 1,000 रुपये से 2,500 रुपये के आसपास आता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यात्रा की तारीख, ट्रेन के प्रकार और टिकट श्रेणी के चयन के आधार पर किराये में बदलाव दर्ज किया जा सकता है। समय रहते अग्रिम आरक्षण करवा लेने से न सिर्फ सीट सुनिश्चित होती है बल्कि अतिरिक्त व्यय से भी बचाव होता है।
होटल में ठहरने का अनुमानित व्यय
पचमढ़ी में ठहरने के लिए पर्यटकों को महंगे रिसॉर्ट से लेकर मध्यम दर्जे के किफायती होटलों तक व्यापक विकल्प मिल जाते हैं। किसी अत्यधिक महंगे लक्जरी होटल की जगह यदि साधारण और साफ-सुथरा कमरा चुना जाए, तो एक रात के लिए किराया लगभग 1,000 रुपये से 2,000 रुपये के बीच बैठता है।
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान सामान्य तौर पर दो रातें बितानी होती हैं, जिसके अनुसार आवास मद में 2,000 रुपये से 4,000 रुपये का बजट निर्धारित करना व्यावहारिक रहता है। यदि दो व्यक्ति एक साथ सफर कर रहे हों और कमरे का किराया आपस में साझा कर लें, तो प्रति व्यक्ति ठहरने का बोझ आधा रह जाता है, जिससे कुल टूर पैकेज काफी सस्ता हो जाता है।
खान-पान और भोजन का दैनिक बजट
पचमढ़ी प्रवास के दौरान स्थानीय भोजनालयों और साधारण रेस्टोरेंट में भोजन करने से दैनिक खर्च नियंत्रण में बना रहता है। प्रातःकालीन नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात्रि के खाने को मिलाकर प्रति व्यक्ति दैनिक व्यय का अनुमान लगभग 400 रुपये से 700 रुपये तक लगाया जा सकता है। इस गणना के अनुसार संपूर्ण तीन दिनों के दौरान खान-पान पर कुल व्यय लगभग 1,200 रुपये से 2,000 रुपये के भीतर सीमित रखा जा सकता है।
स्थानीय दर्शनीय स्थल और आंतरिक भ्रमण
पचमढ़ी में भ्रमण के दौरान पर्यटकों के लिए कई प्रमुख आकर्षण केंद्र मौजूद हैं। इनमें सतपुड़ा का सबसे ऊंचा बिंदु धूपगढ़, खूबसूरत जलप्रपात बी फॉल, धार्मिक आस्था का केंद्र जटाशंकर, गहरी घाटी हांडी खोह, प्राचीन पांडव गुफाएं और जल की फुहारों के लिए विख्यात रजत प्रपात विशेष रूप से शामिल हैं।
इन सभी दर्शनीय स्थलों तक पहुँचने के लिए स्थानीय स्तर पर टैक्सी किराए पर लेनी होती है अथवा साझा वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय पर्यटन और दर्शनीय स्थलों के भ्रमण मद में पर्यटकों को लगभग 1,500 रुपये से 2,500 रुपये का बजट अलग से रखना चाहिए।
तीन दिनों के सफर का कुल बजट गणित
यदि कोई यात्री पूरे अनुशासन के साथ बजट योजना बनाकर दिल्ली से पचमढ़ी का यह सफर तय करता है, तो विभिन्न मदों में होने वाले खर्च का ब्योरा साफ नजर आता है। दोनों तरफ के रेल आवागमन में 1,000 से 2,500 रुपये, दो रातों के होटल प्रवास में 2,000 से 4,000 रुपये, तीन दिनों के खान-पान में 1,200 से 2,000 रुपये तथा स्थानीय दर्शनीय स्थलों के भ्रमण में 1,500 से 2,500 रुपये तक का खर्च आता है। इसके अतिरिक्त अप्रत्याशित अथवा आकस्मिक खर्चों के लिए 500 से 1,000 रुपये की अतिरिक्त राशि रखना उचित माना जाता है।
इस पूरे आंकलन को जोड़ने पर तीन दिवसीय पचमढ़ी यात्रा का कुल बजट 6,700 रुपये से 13,000 रुपये के दायरे में आता है। समूह में अथवा दो लोगों के साथ यात्रा करने पर कमरे और टैक्सी के किराये का बंटवारा होने से यह खर्च प्रति व्यक्ति और घट जाता है। यात्रा की योजना बनाने से पूर्व रेल किराये, होटल दरों और स्थानीय टैक्सियों के वर्तमान शुल्कों की पड़ताल अवश्य कर लेनी चाहिए, क्योंकि पर्यटन सीजन, त्योहारों, सार्वजनिक अवकाशों और अंतिम समय की बुकिंग के चलते दरों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव आ सकता है।



















