देश की राजधानी में ऐतिहासिक स्मारकों की चर्चा होते ही अक्सर लाल किला, इंडिया गेट और कुतुब मीनार का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। इन बेहद लोकप्रिय स्थलों की भीड़भाड़ से अलग दिल्ली में एक ऐसा प्राचीन कोना भी मौजूद है जो अपनी सादगी, शांत वातावरण और शाही इतिहास के कारण सैलानियों को खूब लुभा रहा है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में स्थित शीश महल उन चुनिंदा धरोहरों में शामिल है, जो मुगल काल की स्थापत्य कला और उस दौर के शाही जीवन की बारीक झलक आज के दौर में भी पेश करती हैं।
लंबे अरसे बाद आम दर्शकों के लिए खुली मुगल धरोहर
शालीमार बाग का यह शीश महल दिल्ली के कम चर्चित ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है। मुगल इतिहास के कई अहम पहलुओं से जुड़े होने के बावजूद यह परिसर लंबे समय तक आम जनता और पर्यटकों के दीदार के लिए बंद रखा गया था। अब इस ऐतिहासिक इमारत के दरवाजे एक बार फिर दर्शकों के लिए खोल दिए गए हैं। इसके दोबारा खुलने से इतिहास के जानकारों, छात्रों और वीकेंड पर नई जगहों की तलाश करने वाले लोगों को राजधानी के एक छिपे हुए अध्याय को करीब से देखने का बेहतरीन अवसर मिला है।
फोटोग्राफी और सुकून भरे पलों के लिए खास माहौल
शीश महल परिसर की पुरानी बनावट, नक्काशीदार मेहराबें और शांत हरित परिवेश इसे आम पर्यटन स्थलों से काफी अलग बनाते हैं। जो लोग दिल्ली की ऐसी धरोहरों को कैमरे में कैद करना चाहते हैं जो सोशल मीडिया या आम गाइडबुक्स में ज्यादा दिखाई नहीं देतीं, उनके लिए यह जगह शानदार फ्रेम उपलब्ध कराती है। इसके ऐतिहासिक गलियारे और आसपास का खुला क्षेत्र वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के शौकीनों को एक विंटेज बैकग्राउंड प्रदान करते हैं, जहां बिना किसी व्यवधान के समय बिताया जा सकता है।
परिसर में कैफे की सुविधा और आरामदायक आउटिंग
इस स्मारक की खासियत केवल इसकी दीवारों में सिमटा प्राचीन इतिहास ही नहीं है, बल्कि यहां पर्यटकों की आधुनिक सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। परिसर के भीतर एक कैफे की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जहां स्मारक घूमने के बाद आगंतुक फुर्सत के पल बिता सकते हैं। यदि आप परिवार या दोस्तों के साथ एक दिन की शांतिपूर्ण आउटिंग की योजना बना रहे हैं, तो ऐतिहासिक निर्माण का मुआयना करने के बाद यहीं बैठकर अल्पाहार और चाय-कॉफी का आनंद लिया जा सकता है।
शीश महल कैसे पहुंचे और क्या है समय
शालीमार बाग स्थित इस स्मारक तक पहुंचना बेहद सुगम है। दर्शक यहां सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो, ऑटो, डीटीसी बस या निजी कैब के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। यदि आप मेट्रो रेल से यात्रा कर रहे हैं, तो नजदीकी शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन पर उतरकर वहां से ई-रिक्शा या ऑटो लेकर सीधे शीश महल पहुंचा जा सकता है।
बजट में घूमने वालों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि शीश महल में प्रवेश के लिए वर्तमान में कोई एंट्री टिकट नहीं रखी गई है, यानी पर्यटक बिना किसी शुल्क के इस पूरी जगह का भ्रमण कर सकते हैं। समय की बात करें तो यह स्मारक सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहता है और दर्शक सप्ताह के सातों दिन किसी भी वक्त यहां आ सकते हैं।



















