निमाड़ की मशहूर क्विट फल चटनी: सर्दियों में घर पर इस आसान रेसिपी से बनाएं खट्टा-मीठा स्वादबाथरूम की पीली बाल्टी को इन आसान तरीकों से चमकाएंदूध बरिया की आसान रेसिपी, बेसन की पकौड़ी छोड़िए और सिर्फ 15 मिनट में घर पर बनाएं यह अनोखी स्वीट डिशदक्षिण अफ्रीका में दूषित पानी पीने से 500 से अधिक लोग बीमार, अधिकारियों की बड़ी लापरवाही आई सामनेदिल्ली के पीतमपुरा में खूनी संघर्ष, थाने में हुए समझौते के बावजूद लड़की के विवाद में किशोर की हत्याग्रीनलाइट फैमिली हब रिव्यू (2026): एक स्मार्ट डिजिटल वॉल कैलेंडर जिसमें है वॉयस असिस्टेंटनई नवेली रिव्यू (2026): यामी गौतम की फिल्म हॉरर, कॉमेडी और पौराणिक रहस्यों का शानदार मेलमहिंद्रा बोलेरो का 2026 बोल्ड एडिशन लॉन्च, जानिए क्या हैं खास फीचर्स और कीमतबिना ज्यादा पैसे खर्च किए ऐसे चमकाएं घर, विंटर सीजन के लिए अपनाएं ये 5 आसान तरीकेदृश्यम 3 बनाम जेलर 2: रजनीकांत की फिल्म ने महज 8 दिनों में अजय देवगन को पछाड़ा, जानिए वर्ल्डवाइड कलेक्शन
जमुई के पास वीकेंड पर घूमने के लिए 5 बेहतरीन जगहें, एक दिन की ट्रिप में लें आस्था और रोमांच का मजायात्रा
29 अग॰ 2026, 11:53 pm (55 दिन पहले)· 3

जमुई के पास वीकेंड पर घूमने के लिए 5 बेहतरीन जगहें, एक दिन की ट्रिप में लें आस्था और रोमांच का मजा

अगर आप जमुई में रहते हैं और वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ एक दिन की ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो आसपास कई शानदार जगहें मौजूद हैं। यहां आप देवघर, राजगीर, नालंदा, मंदार पर्वत और ककोलत वाटरफॉल जैसी जगहों पर धार्मिक आस्था से लेकर एडवेंचर और इतिहास का अनुभव कर सकते हैं।

यदि आप सैर-सपाटे के शौकीन हैं और वीकेंड पर किसी शानदार जगह जाने का मन बना रहे हैं, तो जमुई के आसपास भी ऐसे कई खूबसूरत ठिकाने मौजूद हैं जहां कम समय में बेहतरीन अनुभव मिल सकता है। इन जगहों पर धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, रोमांचक गतिविधियां और समृद्ध इतिहास का अनूठा मेल देखने को मिलता है। आप इन स्थानों पर अपने परिवार, दोस्तों या बच्चों के साथ एक दिन की ट्रिप का पूरा आनंद उठा सकते हैं।

देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम और नंदन पहाड़

यदि आप अपनी यात्रा के दौरान घूमने के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति और आस्था का अनुभव करना चाहते हैं, तो देवघर आपके लिए सबसे उत्तम विकल्प साबित हो सकता है। यहां प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन और पूजन करने के बाद आप नंदन पहाड़ की सैर कर सकते हैं। इस जगह पर बच्चों के लिए झूले, टॉय ट्रेन और पहाड़ी की चोटी से पूरे शहर का मनमोहक नजारा मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है। जमुई से देवघर की दूरी करीब 65 से 70 किलोमीटर है और सड़क मार्ग के जरिए यहां पहुंचने में लगभग डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है।

ये भी पढ़ें

राजगीर में नेचर सफारी और ग्लास स्काईवॉक का रोमांच

जो लोग रोमांच और एडवेंचर के शौकीन हैं, उनके लिए राजगीर सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन माना जाता है। यहां आने वाले सैलानी नेचर सफारी, ग्लास स्काईवॉक, सस्पेंशन ब्रिज और जू सफारी जैसी रोमांचक गतिविधियों का भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं। इसके अलावा यहां के प्रसिद्ध गर्म जल के कुंड और ऐतिहासिक विश्व शांति स्तूप भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। जमुई से राजगीर की दूरी लगभग 85 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से वहां पहुंचने में करीब ढाई घंटे लगते हैं।

नालंदा में प्राचीन इतिहास और खंडहरों की सैर

यदि आपकी रुचि इतिहास और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को जानने में है, तो आप जमुई से नालंदा की यात्रा कर सकते हैं। प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के विशाल ईंटों से बने खंडहर, प्राचीन ध्यान कक्ष, समृद्ध पुरातत्व संग्रहालय और ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल यहां के मुख्य आकर्षण हैं। नालंदा जमुई से लगभग 85 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और सड़क मार्ग से वहां पहुंचने में करीब ढाई से तीन घंटे का समय लग जाता है।

बांका का मंदार पर्वत और पापहरणी सरोवर

आस्था और एडवेंचर का एक साथ अनुभव करने के लिए बांका का मंदार पर्वत एक शानदार जगह है। इस स्थान की धार्मिक मान्यता पौराणिक कथाओं और समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है। यहां पर्यटक रोपवे की सवारी का रोमांच महसूस कर सकते हैं, जबकि यहां स्थित पापहरणी सरोवर भी लोगों को बहुत आकर्षित करता है। जमुई से मंदार पर्वत की दूरी करीब 80 से 85 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से वहां पहुंचने में लगभग दो से ढाई घंटे लगते हैं।

ककोलत वाटरफॉल में प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद

यदि आप प्रकृति की गोद में समय बिताना चाहते हैं, पिकनिक मनाना चाहते हैं और ठंडे पानी के झरने का आनंद लेना चाहते हैं, तो ककोलत वाटरफॉल एक बेहतरीन विकल्प है। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित यह जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए देश-विदेश में जाना जाता है। झरने के ठीक नीचे बना कुंड और चारों तरफ का हरा-भरा वातावरण पर्यटकों का मन मोह लेता है। जमुई से ककोलत की दूरी करीब 70 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से वहां पहुंचने में लगभग दो घंटे का वक्त लगता है।

मुंगेर और बेगूसराय के अन्य दर्शनीय स्थल

इन प्रमुख जगहों के अलावा आप मुंगेर की पुरानी और ऐतिहासिक हवेलियों की भी सैर कर सकते हैं, जहां कई ऐसी ऐतिहासिक चीजें हैं जो आपको रोमांचित कर देंगी। अगर आप प्रकृति और पक्षी प्रेमियों की तरह माहौल को समझना चाहते हैं, तो बेगूसराय का कांवर झील घूमना एक अच्छा फैसला साबित होगा। इसके अलावा जमुई के आसपास झारखंड राज्य की सीमा पर बने कई खूबसूरत डैम और अन्य प्राकृतिक स्थल भी ऐसे हैं जिन्हें एक दिन की यात्रा में आसानी से कवर किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

जमुई से देवघर की दूरी कितनी है और वहां कैसे पहुंच सकते हैं?
जमुई से देवघर की दूरी लगभग 65 से 70 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से वहां पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है।
राजगीर में पर्यटकों के लिए कौन-से मुख्य आकर्षण हैं?
राजगीर में नेचर सफारी, ग्लास स्काईवॉक, सस्पेंशन ब्रिज, जू सफारी, गर्म जल के कुंड और विश्व शांति स्तूप प्रमुख आकर्षण हैं।
नालंदा जमुई से कितनी दूर स्थित है?
नालंदा जमुई से करीब 85 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और सड़क मार्ग से वहां पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लगते हैं।
बांका के मंदार पर्वत की क्या मान्यता है?
बांका के मंदार पर्वत की मान्यता पौराणिक कथाओं और समुद्र मंथन से जुड़ी हुई है, जहां पर्यटक रोपवे का आनंद ले सकते हैं।
जमुई से ककोलत वाटरफॉल की दूरी और यात्रा का समय क्या है?
जमुई से ककोलत वाटरफॉल की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है और सड़क मार्ग द्वारा वहां पहुंचने में करीब दो घंटे लगते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp