हिमालय की गोद में बसे लद्दाख में इस साल पर्यटकों की रिकॉर्ड आवाजाही देखने को मिल रही है। नीले आसमान, शांत झीलों और बर्फीली चोटियों का दीदार करने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 के शुरुआती 8 महीनों के भीतर ही लद्दाख ने पर्यटन के मामले में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब लद्दाख केवल गर्मियों के मौसम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यहां सालभर पर्यटन गतिविधियों को चालू रखने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।
पर्यटन के आंकड़ों में दर्ज हुई भारी बढ़ोतरी
लद्दाख प्रशासन द्वारा 9 सितंबर 2026 को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच कुल 4.05 लाख पर्यटक लद्दाख पहुंचे। यह आंकड़ा वर्ष 2025 के पूरे 12 महीनों में आए 3.35 लाख कुल पर्यटकों की तुलना में 20.61 प्रतिशत अधिक है। अगर वर्ष 2025 की इसी अवधि यानी जनवरी से अगस्त से तुलना की जाए, तो उस समय 2.69 लाख पर्यटक आए थे, जिसके मुकाबले इस साल 50.37 प्रतिशत की तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
केवल अगस्त 2026 के महीने में 74,753 पर्यटकों ने लद्दाख का दौरा किया, जबकि अगस्त 2025 में यह संख्या 45,201 थी। इस तरह अगस्त महीने के आंकड़े में 65.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा विदेशी पर्यटकों की रुचि भी लद्दाख में लगातार बढ़ रही है। जनवरी से अगस्त 2025 के दौरान जहां 25,082 विदेशी पर्यटक लद्दाख आए थे, वहीं जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान यह संख्या बढ़कर 33,346 हो गई, जो 32.95 प्रतिशत का उछाल दर्शाती है।
नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर का असर
पर्यटन में आए इस बड़े उछाल के पीछे बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नई नीतियों और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को प्रमुख वजह माना जा रहा है। लद्दाख के एलजी (@lg_ladakh) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि लद्दाख में "सतत, जिम्मेदार और सालभर चलने वाली पर्यटन अर्थव्यवस्था का निर्माण किया जा रहा है।"
ऑफ-सीजन के दौरान विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों और त्योहारों का आयोजन किया जा रहा है ताकि उन महीनों में भी सैलानी लद्दाख आ सकें जब आमतौर पर भीड़ कम होती है। इस कदम से स्थानीय युवाओं, होमस्टे संचालकों और हस्तशिल्प कारीगरों को सालभर रोजगार और आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। इसके साथ ही पर्यटकों को भी कम भीड़भाड़ वाले माहौल में घूमने का शांत अनुभव प्राप्त हो रहा है।
लद्दाख यात्रा का संभावित खर्च और बजट
अगर कोई व्यक्ति लद्दाख घूमने की योजना बनाता है, तो यात्रा का बजट उसके साधन और सुविधाओं के चयन पर निर्भर करता है। सामान्य बजट में 6 से 7 दिनों की यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 25,000 रुपये से 40,000 रुपये का खर्च आ सकता है। इस बजट में सामान्य होटल या होमस्टे में रुकना, स्थानीय भोजन और शेयरिंग कैब या टैक्सी से यात्रा करना शामिल है।
हालांकि, यदि कोई यात्री हवाई जहाज से यात्रा करता है, उच्च श्रेणी के लग्जरी होटलों में ठहरता है और व्यक्तिगत प्राइवेट कैब बुक करता है, तो प्रति व्यक्ति कुल खर्च 50,000 रुपये या उससे अधिक भी पहुंच सकता है। सड़क मार्ग से बाइक ट्रिप करने वाले युवाओं के लिए ईंधन और बाइक किराए के आधार पर खर्च अलग से तय होता है।
प्रमुख पर्यटन स्थल और एडवेंचर
लेह शहर लद्दाख यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु बना हुआ है, जहां से अन्य सभी प्रमुख स्थलों के लिए रास्ते निकलते हैं। सैलानियों के बीच पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, शांति स्तूप और सदियों पुराने बौद्ध मठ काफी लोकप्रिय हैं। इसके अतिरिक्त युवाओं में लेह-मनाली या लेह-श्रीनगर मार्ग पर बाइक चलाकर पहुंचने और घाटियों में कैंपिंग करने का विशेष क्रेज देखने को मिलता है। जो लोग प्राकृतिक शांति पसंद करते हैं, उनके लिए दूर-दराज के पहाड़ी गांव और स्थानीय होमस्टे एक अनूठा अनुभव प्रदान करते हैं।



















