मणिपुर के शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व ने चुराचांदपुर जिले में चल रही विकास परियोजनाओं और राहत उपायों की जमीनी स्तर पर व्यापक समीक्षा की है। राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर ने एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य देखभाल, आजीविका संवर्धन, पुनर्वास और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (IDP) के लिए जारी राहत कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
विभागीय समीक्षा और नागरिक संगठनों से संवाद
यह समीक्षा बैठक उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के सभी जिला स्तरीय अधिकारी (DLO) शामिल हुए। अधिकारियों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे, ई-गवर्नेंस और पुनर्वास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धियों तथा सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। विभागीय समीक्षा के बाद मुख्य सचिव ठाकुर ने चुराचांदपुर के नागरिक समाज संगठनों (CSO) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की।
राहत शिविरों का निरीक्षण और विस्थापितों का आंकड़ा
बैठक के पश्चात मुख्य सचिव ने बेथलहम स्थित प्री-फैब राहत शिविर और लिंगसिफाई के लान्वा TD ब्लॉक राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने विस्थापित नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में चुराचांदपुर में 19 राहत शिविर संचालित हो रहे हैं, जिनमें 5,195 विस्थापित लोग रह रहे हैं। इसके अलावा, शिविरों से बाहर रह रहे 10,214 विस्थापित व्यक्तियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाएं और आयुष्मान भारत कार्ड
शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देते हुए उपायुक्त कृष्णा कुमार ने बताया कि सभी राहत शिविरों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। जिन विस्थापितों को निरंतर चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है, उन्हें संबंधित उप-विभागीय अधिकारी (SDO) से संपर्क करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, शिविरों में आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री-गी हकशेलगी तेंगबांग (CMHT) कार्ड बनाने की प्रक्रिया चलाई गई है। जिनके पास ये कार्ड नहीं हैं, उन्हें जिला अस्पताल के माध्यम से नामांकन कराने में मदद की जा रही है।
कौशल विकास और ई-ऑफिस प्रणाली का विस्तार
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जोर दिया कि आजीविका और कौशल विकास अभियानों का लाभ केवल विस्थापितों तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय युवाओं को भी मिले। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि विस्थापितों को दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण में चुराचांदपुर के स्थानीय युवाओं को भी शामिल किया जाए ताकि उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव ने जिले में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने पर बल दिया और उपायुक्त द्वारा ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोग की सराहना की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर पूरी तरह से कागजरहित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए।



















