काली और जली हुई कड़ाही को मिनटों में चमकाएं, घंटों रगड़ने की नहीं पड़ेगी जरूरतअमेरिकी डॉलर पर दबाव: ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक और महंगाई के बढ़ते जोखिमों से बदली बाजार की चालसवाई माधोपुर में 14 सितंबर को सजेगा रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश का लक्खी मेला, उमड़ेगी भारी भीड़लखीमपुर खीरी में खरीफ फसलों पर मंडराया संकट, बाढ़ और बारिश से बचाव के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उठाएं लाभजालौर में अनूठी परंपरा, तालाब में मटका हिलाकर भाई-बहन निभा रहे हैं 'समुंदर हिलोरने' की रस्मबाईं करवट सोना सेहत के लिए क्यों है फायदेमंद, जानिए डॉक्टर कुणाल सूद की सलाहमछली पकाने के बाद किचन से महकने लगती है तेज़ बदबू, ये आसान घरेलू नुस्खे दिलाएंगे राहतराजस्थान निकाय चुनाव के पहले चरण के बाद सियासी दलों ने शुरू की पार्षदों की बाड़ेबंदीचित्रकूट में भदई अमावस्या मेला कल, बाढ़ के निशान के बीच 15 लाख श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीदकक्षा से बाहर हो रहा नासा का अंतरिक्ष टेलीस्कोप स्विफ्ट आखिरी मिशन पर जुटा
तमिलनाडु नहीं बल्कि तेलंगाना में मिल रहा धनुषकोडी जैसा अनोखा नजारा, वारंगल के पास खोज निकाला गया यह नया टूरिस्ट स्पॉटयात्रा
10 सित॰ 2026, 2:49 pm (51 मिनट पहले)· 2

तमिलनाडु नहीं बल्कि तेलंगाना में मिल रहा धनुषकोडी जैसा अनोखा नजारा, वारंगल के पास खोज निकाला गया यह नया टूरिस्ट स्पॉट

तेलंगाना में एक ऐसी खूबसूरत सड़क मिली है जिसके दोनों तरफ पानी और डूबा हुआ गांव है। वारंगल के पास स्थित इस जगह की तुलना तमिलनाडु के प्रसिद्ध धनुषकोडी से की जा रही है।

यदि आप रोमांच पसंद करते हैं और सप्ताहांत पर किसी शांत और एकांत जगह की तलाश में हैं, तो तेलंगाना में एक बेहतरीन अनसुना पर्यटन स्थल आपका स्वागत करने के लिए तैयार है। इन दिनों इंटरनेट पर एक वीडियो काफी तेजी से शेयर किया जा रहा है जिसे देखकर लोग काफी रोमांचित हैं। इस जगह को लोग तेलंगाना का धनुषकोडी बता रहे हैं।

तमिलनाडु का धनुषकोडी अपने उस अनोखे रास्ते के लिए जाना जाता है जिसके दोनों तरफ विशाल समुद्र फैला हुआ है। बिल्कुल वैसा ही अद्भुत दृश्य अब तेलंगाना राज्य के भीतर भी देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे इस वीडियो में एक पतली सी डामर सड़क नजर आ रही है जिसके दोनों किनारों पर दूर-दूर तक सिर्फ पानी ही पानी नजर आता है। इस नज़रे की खूबसूरती इतनी मोहक है कि एक पल के लिए आपको यकीन ही नहीं होगा कि आप किसी दक्षिण भारतीय राज्य के अंदर यात्रा कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें

इस पूरी जगह की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस पानी के बीच से यह सड़क निकलती है, उसके नीचे एक पूरा पुराना गांव डूबा हुआ है। यह किसी प्रकार की काल्पनिक कथा नहीं बल्कि एक दम सच है। दरअसल, राज्य के अंदर बनाए गए बड़े सिंचाई संयंत्रों और बांधों के बैकवाटर यानी पिछले हिस्से के पानी में कुछ पुराने रिहायशी इलाके डूब गए थे। अब पानी के बीच से गुजरने वाले इन पुराने रास्तों ने एक बेहद आकर्षक और साहसिक पर्यटन स्थल का रूप धारण कर लिया है।

खास तौर पर बाइक चलाने वाले चालकों और सड़क यात्रा के दीवानों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है। ठंडी हवा के झोंके, दोनों तरफ नीले पानी की हिलोरें और बीच में एक सूनी सड़क—यह सब मिलकर लंबी सैर के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार करते हैं। यही मुख्य कारण है कि पर्यटकों और युवाओं के बीच इस ठिकाने की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है।

यह शानदार लोकेशन वारंगल से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। सिद्दीपेट और राजन्ना सिरिसिल्ला जिलों के आसपास स्थित विशाल जलाशयों के बैकवाटर में इस तरह के मनमोहक नजारे आसानी से देखे जा सकते हैं। यदि आप हैदराबाद या वारंगल शहर के आसपास रहते हैं, तो अपनी गाड़ी की चाबी उठाइए और इस छुट्टी के दिन इस रोमांचक नए ठिकाने की सैर पर निकल पड़िए।

फिर भी, ऐसी जगहों की यात्रा करते समय सुरक्षा का खास ख्याल रखना बेहद आवश्यक हो जाता है। पानी काफी गहरा हो सकता है और बारिश के दिनों में जल स्तर तेजी से ऊपर आ सकता है, इसलिए पानी से सुरक्षित दूरी बनाकर रखें और प्रकृति के इस अनुपम सौंदर्य का आनंद लें।

सवाल-जवाब

यह नई जगह कहाँ स्थित है?
यह जगह तेलंगाना में वारंगल से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर सिद्दीपेट और राजन्ना सिरिसिल्ला जिलों के आसपास स्थित है।
इस जगह की तुलना किससे की जा रही है?
इस जगह की तुलना तमिलनाडु के प्रसिद्ध तटीय शहर धनुषकोडी से की जा रही है जहाँ सड़क के दोनों ओर समुद्र है।
सड़क के दोनों तरफ पानी क्यों दिखाई देता है?
राज्य में बने बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट्स और डैम के बैकवाटर के कारण पुराने गांव जलमग्न हो गए थे, जिससे यह नजारा बनता है।
यह जगह किन लोगों के लिए खास है?
यह जगह खासतौर पर बाइकर्स, रोड ट्रिप के शौकीनों और एडवेंचर पसंद करने वाले ट्रैवलर्स के बीच लोकप्रिय हो रही है।
यहाँ जाते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
पानी गहरा हो सकता है और बारिश में जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए पर्यटकों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR