दोपहर के भोजन या किसी खास मौके पर गेहूं के आटे की पूड़ियां तो लगभग हर घर में नियमित रूप से तैयार की जाती हैं। यदि आप अपने रोजमर्रा के खाने में कुछ नयापन और अलग स्वाद जोड़ना चाहते हैं, तो चावल के आटे की पूड़ी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यह पूड़ी स्वाद में बेहद अनोखी, कुरकुरी और स्वादिष्ट लगती है। हालांकि, इसे तैयार करते समय अक्सर लोगों को एक बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि इसका आटा सही विधि से तैयार न किया जाए, तो पूड़ी बेलते समय चकले पर ही टूटने लगती है अथवा तेल में तलने के बाद बहुत ज्यादा सख्त हो जाती है।
इस समस्या की मुख्य वजह चावल के आटे में प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन की कमी होना है। गेहूं के आटे में मौजूद ग्लूटेन उसे लचीलापन देता है, जिससे पूड़ी आसानी से खिंचती और बेल जाती है। चावल के आटे में इस चिपचिपेपन और लचीलेपन की अनुपस्थिति के चलते आटा गूंथने की तकनीक बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। इस रेसिपी में पूड़ी को लचीला और नरम बनाए रखने के लिए उबले हुए आलू का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा, आटे को सीधे सामान्य पानी से गूंथने के बजाय सबसे पहले खौलते हुए पानी में भाप के जरिए पकाने की विशेष विधि अपनाई जाती है।
जरूरी सामग्री और उनका सही नाप
चावल के आटे की यह खास पूड़ी बनाने के लिए रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों की ही जरूरत होती है। सबसे पहले सामग्री का सही अनुपात तैयार रखना जरूरी है
- चावल का आटा: पूड़ी का मुख्य आधार तैयार करने के लिए।
- उबला हुआ आलू: 1 मध्यम आकार का, जिसे बारीक कद्दूकस किया गया हो।
- जीरा या अजवाइन: 1 छोटा चम्मच स्वाद और पाचन के लिए।
- सफेद तिल या कलौंजी: 1 छोटा चम्मच अतिरिक्त कुरकुरेपन के लिए।
- हरा धनिया: 2 बड़े चम्मच, बिल्कुल बारीक कटा हुआ।
- हरी मिर्च: 1 से 2 बारीक कटी हुई।
- देसी घी या तेल: 1 बड़ा चम्मच गर्म पानी में मिलाने के लिए और अतिरिक्त तलने के लिए।
- नमक और पानी: करीब डेढ़ कप पानी उबलने के लिए और स्वादानुसार नमक।
परफेक्ट आटा तैयार करने की आसान विधि
इस व्यंजन की सफलता पूरी तरह इस बात पर टिकी है कि आटा किस तरह तैयार किया जाता है। सबसे पहले एक चौड़े पैन में लगभग डेढ़ कप पानी डालकर आंच पर चढ़ाएं। इस उबलते पानी में स्वादानुसार नमक, एक छोटा चम्मच जीरा अथवा अजवाइन और एक बड़ा चम्मच देसी घी या रिफाइंड तेल डाल दें। जब पानी में तेजी से उबाल आने लगे, तब गैस की आंच को बंद कर दें। अब इस गर्म पानी में धीरे-धीरे चावल का आटा मिलाना शुरू करें और चम्मच या कलछी की सहायता से लगातार चलाते रहें, ताकि आटे में किसी प्रकार की गांठें या गुठलियां न पड़ें।
जब आटा और पानी अच्छी तरह मिल जाएं, तो इस बर्तन को एक ढक्कन से ढंककर 5 से 10 मिनट के लिए एक तरफ छोड़ दें। गर्म भाप के प्रभाव से चावल का आटा पूरी तरह पककर सेट हो जाएगा और उसमें आवश्यक नमी आ जाएगी। जब यह मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए और हाथों से छूने योग्य बन जाए, तब इसमें बारीक कद्दूकस किया हुआ उबला आलू, कटी हुई हरी मिर्च और बारीक हरा धनिया अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद हथेलियों पर थोड़ा सा तेल लगाएं और मिश्रण को मसल-मसलकर एकदम नरम, चिकना और लचीला गूंथ लें। यदि आटा थोड़ा सूखा महसूस हो, तो हाथों पर तेल लगाकर ही उसे मिलाएं, अतिरिक्त ठंडा पानी न डालें।
पूड़ी बेलने और तलने का सही तरीका
तैयार आटे की छोटी-छोटी एकसमान लोइयां बना लें। चकले पर थोड़ा सा सूखा चावल का आटा छिड़कें या फिर हल्का सा तेल लगा लें। अब लोई को बेलन से बहुत ही हल्के हाथों से दबाते हुए गोल आकार में बेलें। चूंकि चावल के आटे में खिंचाव कम होता है, इसलिए बेलते वक्त पूड़ी के किनारे हल्के से कटने या फटने की संभावना रहती है। यदि किनारे चिकने न आ रहे हों, तो किसी नुकीले किनारे वाली कटोरी या डिब्बे के ढक्कन से दबाकर अतिरिक्त हिस्सा हटा दें और पूड़ी को एकदम परफेक्ट गोल आकार दे लें।
कढ़ाई में पर्याप्त मात्रा में तेल डालकर उसे अच्छी तरह गर्म करें। पूड़ी तलने के लिए तेल का अच्छा गर्म होना अनिवार्य है। अब बेली हुई पूड़ी को सावधानीपूर्वक खौलते तेल में डालें और कलछी से उसके ऊपर हल्का सा दबाव बनाएं। हल्का दबाव पड़ते ही पूड़ी गुब्बारे की तरह फूलने लगेगी। इसे दोनों तरफ से पलटकर हल्का सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तल लें। तलने के पश्चात इसे किसी जालीदार बर्तन या प्लेट पर निकालें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए और पूड़ी खस्ता बनी रहे।
पूड़ी को सॉफ्ट और खस्ता रखने के दो मुख्य नियम
चावल की पूड़ी को बिना तोड़े मुलायम और फुला हुआ बनाने के पीछे दो ही प्रमुख कारण काम करते हैं। पहला, चावल के आटे को सीधे खौलते पानी में डालकर 5 से 10 मिनट के लिए भाप में ढककर पकाना, जिससे आटे का स्टार्च एक्टिवेट होकर बाइंडिंग तैयार करता है। दूसरा, आटे में बारीक कद्दूकस किया हुआ उबला आलू मिलाना, जो ग्लूटेन की कमी को पूरी तरह भर देता है और पूड़ी को लंबे समय तक नरम बनाए रखता है। यदि आटा बहुत सूखा लगे तो उसे हाथों पर थोड़ा तेल लगाकर अच्छी तरह गूंथें, जिससे तलने के बाद पूड़ियां कड़ी होने के बजाय एकदम खस्ता और मुंह में घुलने वाली बनती हैं।


















