सर्दियों का मौसम शुरू होते ही घर के भीतर रखे इनडोर पौधों की जरूरतें पूरी तरह बदल जाती हैं। गर्मियों के मुकाबले इस मौसम में धूप धीमी हो जाती है और वातावरण में ठंडक बढ़ जाती है। इसका सीधा असर गमले की मिट्टी पर पड़ता है, जो बहुत धीमी गति से सूखती है। अगर इस दौरान पुरानी दिनचर्या के हिसाब से लगातार पानी दिया जाए, तो पौधों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। दूसरी तरफ, खिड़की से आने वाली ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से भी पौधे खराब होने का खतरा बना रहता है।
पानी देने का तरीका बदलें
घर में मौजूद मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पीस लिली या किसी भी अन्य इनडोर पौधे की देखरेख का सबसे अहम नियम पानी की मात्रा को नियंत्रित करना है। ठंड में पानी देने से पहले मिट्टी की नमी जांचना बेहद जरूरी है। मिट्टी की ऊपरी सतह जब तक पूरी तरह सूखी न दिखे, तब तक दोबारा पानी न डालें। गमले में जलनिकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी नीचे न रुके। मिट्टी में ज्यादा नमी बने रहने से पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे मुरझा जाता है।
पर्याप्त रोशनी और ठंडी हवा से बचाव
इनडोर पौधों को ऐसे स्थान पर व्यवस्थित करें जहां उन्हें छनकर आने वाली प्राकृतिक रोशनी मिल सके। खिड़की के पास का स्थान रोशनी के लिए उपयुक्त हो सकता है, लेकिन यदि वहां से ठंडी हवा के तेज झोंके आ रहे हों तो गमले को खिड़की से थोड़ा पीछे हटा लेना चाहिए। तापमान में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव और ठंडी हवा के सीधे झोंकों से पौधे को सुरक्षित दूरी पर रखना उनकी सेहत के लिए फायदेमंद रहता है।
पत्तियों की नियमित सफाई
कमरे के अंदर रखे पौधों की पत्तियों पर धीरे-धीरे धूल की परत जमने लगती है। यह धूल पत्तियों तक रोशनी पहुंचने की प्रक्रिया में रुकावट बनती है। बड़ी पत्तियों वाले पौधों को मुलायम और हल्के नम कपड़े की मदद से धीरे-धीरे पोंछना चाहिए। सफाई करते समय ध्यान रखें कि पत्तियों को जोर से न रगड़ा जाए, ताकि उनकी कोमल सतह सुरक्षित रहे।
सर्दियों में खाद के इस्तेमाल पर नियंत्रण
ठंड के महीनों में अधिकांश इनडोर पौधों का विकास धीमा पड़ जाता है। इस सुप्तावस्था के दौरान पौधों को अतिरिक्त पोषण या बार-बार खाद देने की आवश्यकता नहीं होती। पौधे की किस्म और उसकी वास्तविक स्थिति को देखकर ही खाद का निर्णय लेना चाहिए। यदि पौधा पहले से कमजोर या तनाव में दिख रहा हो, तो बिना जरूरत खाद डालने से उसकी जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।
कमरे का तापमान और किस्म के अनुसार देखरेख
पौधों को घर के खुले दरवाजों, अत्यधिक ठंडे कोनों या ऐसे स्थानों पर रखने से बचना चाहिए जहां ठंडी हवा का बहाव लगातार बना रहता हो। पौधे को अचानक बहुत ठंडे या बहुत गर्म माहौल में ले जाने के बजाय कमरे के स्थिर और सामान्य तापमान में बनाए रखना बेहतर विकल्प है। इसके साथ ही यह ध्यान रखें कि सभी पौधों की पानी और रोशनी की जरूरतें एक समान नहीं होतीं। स्नेक प्लांट जैसे पौधों को बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, जबकि कुछ अन्य किस्मों की मिट्टी अपेक्षाकृत जल्दी सूखती है। इसलिए प्रत्येक पौधे की किस्म, गमले के आकार और कमरे की रोशनी के हिसाब से ही देखभाल का नियम तय करें।



















