खाना पकाने के दौरान बर्तनों को पकड़ने, छींटे पोंछने और हाथ साफ करने में किचन का तौलिया लगातार काम आता है। रोजाना तेल, हल्दी और मसालों के संपर्क में रहने के कारण यह कपड़ा बहुत तेजी से गंदा होने लगता है। कुछ ही दिनों के इस्तेमाल के बाद इसमें चिपचिपाहट भर जाती है और एक अजीब सी दुर्गंध आने लगती है। आम साबुन या सर्फ से सामान्य धुलाई करने पर भी रेशों के भीतर जमी चिकनाई पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाती। ऐसे मैले कपड़े का उपयोग जारी रखने से रसोई के स्लैब और हाथों पर बैक्टीरिया तथा गंदगी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए इसे गहराई से साफ रखना बेहद आवश्यक माना जाता है।
किचन के चिकने कपड़ों को दोबारा नया जैसा बनाने के लिए बाजार से महंगे केमिकल खरीदने की आवश्यकता नहीं होती। घर की रसोई में रोज काम आने वाली आम सामग्रियां जैसे बेकिंग सोडा, गर्म पानी, सफेद सिरका और बर्तन धोने वाला लिक्विड डिशवॉश इस काम को बेहद आसान बना देते हैं। बस जरूरी यह है कि चिकनाई की गंभीरता के अनुसार सही सामग्री का चुनाव किया जाए और सही विधि अपनाई जाए।
गर्म पानी और बेकिंग सोडा के घोल में भिगोएं
जब कपड़े के रेशों में तेल की मोटी और पुरानी परत जम जाए, तो साधारण ठंडे पानी की धुलाई बेअसर साबित होती है। इसके समाधान के लिए सबसे पहले एक बड़े टब या बर्तन में पर्याप्त पानी अच्छी तरह गर्म कर लें। इस गर्म पानी में थोड़ा सा बेकिंग सोडा और एक बड़ा चम्मच लिक्विड डिशवॉश डालकर अच्छी तरह मिला दें। अब तेल लगे सभी गंदे तौलियों को इस तैयार घोल में पूरी तरह डुबो दें और लगभग 15 से 20 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें।
गर्म तापमान और डिशवॉश के तत्व मिलकर कपड़े के भीतरी धागों में फंसी जिद्दी चिकनाई को ढीला कर देते हैं। निर्धारित समय पूरा होने के बाद तौलिए को निकालकर सामान्य डिटर्जेंट पाउडर या टिकिया से धो लें। यदि कहीं गाढ़े दाग दिखाई दें, तो उन्हें हाथों से हल्का सा रगड़कर साफ किया जा सकता है। हालांकि, धुलाई शुरू करने से पहले कपड़े के लेबल पर बने देखभाल संबंधी निर्देशों को जरूर जांच लें ताकि बहुत नाजुक फैब्रिक को उबलते पानी के संपर्क में आने से बचाया जा सके।
सफेद सिरके से दूर करें बदबू और फफूंद
अक्सर देखा जाता है कि लोग कपड़ों को मुलायम रखने के चक्कर में फैब्रिक सॉफ्टनर का इस्तेमाल करते हैं। किचन तौलियों के मामले में ऐसा करना उल्टा असर डाल सकता है, क्योंकि सॉफ्टनर कपड़े की पानी सोखने की क्षमता को घटा देता है। इसकी जगह सफेद सिरके का प्रयोग करना कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है।
वॉशिंग मशीन में कपड़े धोते समय अंतिम रिंस चक्र के दौरान थोड़ा सा सफेद सिरका डाल दें। सिरके में मौजूद प्राकृतिक अम्ल तौलिए में बसी सीलन और मसालों की तीखी गंध को पूरी तरह मिटाने में मदद करते हैं। इस प्रक्रिया में एक बड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है कि सिरके को कभी भी ब्लीच के साथ मिलाकर इस्तेमाल न करें। ब्लीच और सिरके का रासायनिक मेल बेहद हानिकारक और जहरीली गैस पैदा करता है। इसलिए सफाई के लिए एक बार में केवल एक ही रासायनिक या प्राकृतिक माध्यम का प्रयोग सुरक्षित रहता है।
जिद्दी निशानों पर सीधे लगाएं डिशवॉश
कभी-कभार सब्जी की तरी या रिफाइंड तेल की बूंदें कपड़े के भीतर इतनी गहराई तक पैठ बना लेती हैं कि पूरी धुलाई के बाद भी गोल निशान बने रह जाते हैं। ऐसे जिद्दी धब्बों के लिए स्पॉट ट्रीटमेंट सबसे बेहतर रहता है। कपड़े को टब या मशीन में डालने से पहले दाग वाले हिस्से पर सीधे लिक्विड डिशवॉश की कुछ बूंदें टपकाएं।
इसे दाग पर हल्के हाथों से फैलाकर लगभग 20 से 30 मिनट तक असर करने के लिए छोड़ दें। समय बीतने पर उस जगह को उंगलियों से थोड़ा मलें और फिर सामान्य रूप से पानी से धो लें। यदि दाग बहुत पुराना और सूखा हो, तो बेकिंग सोडा में थोड़ा सा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को धब्बे के ऊपर लगाकर कुछ समय के लिए छोड़ दें और फिर रगड़ते हुए साफ पानी से धो लें।
धोने के बाद तेज धूप में सुखाना है जरूरी
रसोई के कपड़े की पूरी सफाई तभी पूरी होती है जब उसे सही तरीके से सुखाया जाए। कई बार लोग धुलाई के तुरंत बाद तौलिए को रसोई के किसी कोने में लटका देते हैं। बंद जगह पर गीला कपड़ा छोड़ने से उसमें नमी बनी रहती है, जिससे उसमें फफूंद पनपने और दोबारा सड़ांध पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है।
सफाई के बाद तौलिए को निचोड़कर खुली हवा और तेज धूप में पूरी तरह सूखने दें। धूप की प्राकृतिक किरणें न केवल कपड़े को पूरी तरह सुखाती हैं, बल्कि रेशों में बचे सूक्ष्म कीटाणुओं का भी खात्मा कर देती हैं। सही तकनीक से नियमित धुलाई करने पर किचन के कपड़े लंबे समय तक स्वच्छ और इस्तेमाल के लायक बने रहते हैं।


















