मशहूर पंजाबी गायिका और रियलिटी शो बिग बॉस 15 का हिस्सा रहीं अफसाना खान इन दिनों इंटरनेट पर जबरदस्त चर्चा के केंद्र में हैं. हाल ही में गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर वह हास्य कलाकार कपिल शर्मा और उनकी जीवनसंगिनी गिन्नी चतरथ के आवास पर आयोजित गणपति उत्सव में शामिल होने पहुंची थीं. इस मांगलिक आयोजन के खास पलों को उन्होंने अपने सोशल मीडिया खाते पर साझा किया, जिसमें उनके साथ उनके पति तथा संगीतकार साज भी उपस्थित नजर आए.
इंटरनेट पर सामने आई इन तस्वीरों में गायिका विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा भाव से बैठी हुई दिखाई दे रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने मेजबान कपिल शर्मा और गिन्नी चतरथ के संग भी कई तस्वीरें खिंचवाईं. जैसे ही यह तस्वीरें सार्वजनिक हुईं, वैसे ही प्रशंसकों के एक बड़े वर्ग ने उन पर स्नेह लुटाया, किंतु दूसरी ओर कई कट्टरपंथी सोच रखने वाले यूजर्स ने उनके मजहब और आस्था को लेकर आपत्तिजनक सवाल खड़े करने शुरू कर दिए.
उत्सव की झलकियां और मिक्का सिंह के घर दर्शन
अपने आधिकारिक प्रोफाइल पर इस उत्सव की सुंदर तस्वीरें पोस्ट करते हुए गायिका ने अपने दिल की बात बयां की. उन्होंने अपनी पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने कपिल पाजी और गिन्नी भाभी के घर पर गणेश चतुर्थी का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया. उन्होंने इस पूरे दिन को प्रेम, असीम आनंद और उल्लास से परिपूर्ण करार दिया. इसके अलावा उन्होंने यह भी साझा किया कि मिक्का पाजी के घर जाकर भी गणपति बप्पा के दर्शन करने का अवसर मिला, जिससे उन्हें मानसिक तौर पर अपार खुशी और सुकून हासिल हुआ.
ट्रोलर्स के निशाने पर धार्मिक पहचान
गायिका की इस पोस्ट के कमेंट सेक्शन में जहां बहुतेरे लोगों ने उनकी सराहना की और उन्हें पर्व की शुभकामनाएं प्रेषित कीं, वहीं कुछ इंटरनेट यूजर्स ने उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि को निशाना बनाकर अत्यंत भद्दे कमेंट किए. एक यूजर ने नाराजगी जताते हुए लिखा कि शेम ऑन यू. इसी क्रम में एक दूसरे यूजर ने कटाक्ष करते हुए टिप्पणी दर्ज की कि पहले पाप करती हैं और फिर भगवान को याद करती हैं. इतना ही नहीं, एक अन्य आलोचक ने तो गायक बब्बू मान का संदर्भ खींचते हुए लिखा कि बब्बू मान ने सच कहा था, उन्होंने फेम पाने के लिए अपना धर्म छोड़ दिया.
प्रशंसकों ने उठाई व्यक्तिगत स्वतंत्रता की आवाज
सोशल मीडिया पर चल रही इस एकतरफा ट्रोलिंग के बीच गायिका के पक्ष में खड़े होने वाले संवेदनशील लोगों की भी कमी नहीं रही. कई जागरूक यूजर्स ने इस प्रकार की धार्मिक संकीर्णता और ट्रोलिंग की कड़े शब्दों में निंदा की. प्रशंसकों ने स्पष्ट किया कि हर नागरिक को अपनी व्यक्तिगत आस्था, विश्वास और पसंद के अनुरूप जीवन बिताने का पूरा लोकतांत्रिक और मानवीय अधिकार है. एक शुभचिंतक ने लोगों से समझदारी बरतने का आग्रह करते हुए कहा कि जब वह वर्तमान में कोई अनुचित कार्य नहीं कर रही हैं, तो उनकी पुरानी बातों को बार-बार कुरेदने और विवाद खड़ा करने का कोई औचित्य नहीं बनता.
सावन माह में रुद्राभिषेक को लेकर भी हुआ था विवाद
यह कोई पहला अवसर नहीं है जब इस पंजाबी गायिका को हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों और त्योहारों में भाग लेने की वजह से आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा हो. इसी वर्ष अगस्त महीने में सावन के पवित्र अवसर पर भी ऐसा ही एक वाकया सामने आया था. उस समय उन्होंने अपने पति साज के साथ मिलकर शिवलिंग का विधिवत रुद्राभिषेक किया था और उस धार्मिक अनुष्ठान की तस्वीरें व वीडियो इंटरनेट पर साझा किए थे. उस समय उन्होंने पोस्ट में आस्था प्रकट करते हुए लिखा था कि मेरी ताकत मेरा महादेव है.
सावन के उस अनुष्ठान पर भी इंटरनेट समुदाय दो धड़ों में बंट गया था और तीखी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई थीं. उस दौरान कुछ आलोचकों ने यहां तक कह दिया था कि यदि वह हिंदू परंपराओं और आस्थाओं का पालन करती हैं तो उन्हें औपचारिक रूप से अपना नाम ही बदल लेना चाहिए. इसके अतिरिक्त कुछ अन्य लोगों ने उनके इस व्यवहार को इस्लाम की मान्यताओं के विरुद्ध बताते हुए धार्मिक नियमों की दुहाई दी थी.
















