रसोई में रखे चावल के डिब्बे का ढक्कन खोलते ही यदि छोटे-छोटे कीड़े या घुन नजर आने लगें, तो इसका मतलब है कि अनाज को अब अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता है। यह समस्या विशेष रूप से उन चावलों में अधिक देखने को मिलती है जो लंबे समय तक स्टोर करके रखे जाते हैं। कई बार बाजार से लाए गए चावल पहली नजर में बिल्कुल साफ और दुरुस्त दिखाई देते हैं, लेकिन डिब्बे के भीतर पहुंचने के कुछ दिनों बाद उनमें कीड़े पनपने लगते हैं। ऐसे में घबराकर या बिना सोचे-समझे पूरा अनाज कूड़े में फेंक देने के बजाय कुछ व्यावहारिक कदम उठाए जा सकते हैं, हालांकि केवल तेज गंध वाली चीजें डिब्बे में डाल देने मात्र से घुन की समस्या की जड़ से समाप्ति की गारंटी नहीं दी जा सकती है।
संक्रमित अनाज को अलग करने की प्रक्रिया
सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम यह होता है कि प्रभावित चावल को बाकी सुरक्षित अनाज से तुरंत अलग कर दिया जाए। यदि संक्रमण बहुत हल्का या शुरुआती स्तर पर है, तो चावल को अच्छी तरह छानकर धूप में फैलाना और उसका भंडारण सही तरीके से करना काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके विपरीत, यदि चावल में घुन बहुत अधिक संख्या में फैल चुके हैं, तो ऐसे अनाज का सेवन करने से बचना ही समझदारी होती है। केवल डिब्बे की सफाई कर देना ही इस समस्या का समाधान नहीं है, क्योंकि कई बार घुन या उनके अदृश्य अंडे अनाज खरीदते समय ही पैकेट के साथ घर आ जाते हैं और अनुकूल वातावरण मिलने पर पनपने लगते हैं.
आसपास के अन्य अनाजों की जांच
चावल में कीड़े लगने के पीछे एक मुख्य वजह उसका लंबे समय तक बिना इस्तेमाल के डिब्बे में पड़ा रहना भी है। अधिक गर्मी और नमी वाले वातावरण में कीड़ों के विकसित होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए यह आवश्यक है कि केवल चावल के डिब्बे की ही नहीं, बल्कि उस स्थान की भी पूरी जांच की जाए जहां अन्य सूखे अनाज रखे गए हैं। यदि चावल के एक पैकेट में घुन मिल चुके हैं, तो यह पूरी संभावना है कि वही कीट आटा, सूजी, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों तक भी पहुंच सकते हैं। ऐसे में घर में रखे सभी सूखे अनाजों की बारीकी से जांच करना बेहद समझदारी भरा कदम साबित होता है ताकि समय रहते बाकी राशन को सुरक्षित बचाया जा सके.
धूप दिखाने और सूती कपड़े का इस्तेमाल
यदि चावल में कीड़ों की संख्या काफी कम है, तो उन्हें साफ सूती कपड़े या किसी बड़ी परात पर पतली परत के रूप में फैलाकर कुछ घंटों के लिए तेज धूप में छोड़ देना चाहिए। इस प्रक्रिया से चावल में मौजूद अतिरिक्त नमी सूख जाती है और कई सक्रिय कीड़े खुद-बखुद बाहर निकल जाते हैं। धूप दिखाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चावल को एक बार फिर से अच्छी तरह छान लेना चाहिए। हालांकि, यह बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि केवल धूप में रख देने मात्र से हर एक अंडा या कीड़ा पूरी तरह खत्म हो जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। यदि चावल में बार-बार घुन दिखाई दे रहे हैं, तो उसे लंबे समय तक संरक्षित रखने का प्रयास करने के बजाय उसका उपयोग बंद कर देना ही बेहतर विकल्प होता है.
तेजपत्ता, लौंग और प्राकृतिक उपाय
पारंपरिक घरेलू तौर-तरीकों की बात करें तो बहुत से लोग चावल के डिब्बे के अंदर तेजपत्ता या साबुत लौंग रखना पसंद करते हैं। इन चीजों की महक कुछ खास प्रकार के कीड़ों को दूर रखने में सहायता कर सकती है, परंतु इसे घुन की समस्या का शत-प्रतिशत पक्का इलाज कतई नहीं माना जा सकता है। यदि आप इन मसालों का उपयोग करना चाहते हैं, तो इन्हें चावल को पूरी तरह सूखे और साफ डिब्बे में भरने के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि भंडारण पात्र के अंदर किसी भी प्रकार की नमी जमा न होने पाए और कोई भी पुराना चावल लंबे समय तक बिना उपयोग के डिब्बे की तली में न पड़ा रहे.
नीम की पत्तियां और लहसुन का प्रभाव
अनाज को कीड़ों से सुरक्षित रखने के लिए सूखी नीम की पत्तियां, साबुत सूखी लाल मिर्च या बिना छीले हुए लहसुन की कलियां डिब्बे में डालने के नुस्खे भी बहुतायत में सुझाए जाते हैं। इनसे कुछ हद तक कीड़ों को अनाज के पास आने से रोकने में मदद जरूर मिल सकती है, लेकिन इनके भरोसे पहले से ही बुरी तरह संक्रमित हो चुके चावल को पूरी तरह सुरक्षित मान लेना गलत होगा। विशेष रूप से लहसुन या लाल मिर्च को सीधे चावल के अंदर गड़ाने के बजाय साफ और सूखी जगह पर चावल का भंडारण करना कहीं अधिक प्रभावी होता है। यदि किसी भी घरेलू उपाय को आजमाने के बावजूद चावल में घुन लगातार नजर आते रहें, तो बिना संकोच के उस चावल को अलग कर देना चाहिए.
फ्रीजर तकनीक का उपयोग
यदि चावल में संक्रमण बहुत ही मामूली स्तर का है और आप उसे बचाना चाहते हैं, तो एक अन्य तरीका भी आजमाया जा सकता है। सूखे अनाज को अच्छी तरह सील किए गए फ्रीजर-सेफ पैकेट में भरकर कुछ दिनों के लिए डीप फ्रीजर में रखना एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। अत्यधिक ठंड का प्रभाव कई प्रकार के कीटों और उनके विकास के विभिन्न चरणों पर सीधा पड़ता है। फ्रीजर से निकालने के बाद चावल को सामान्य तापमान पर लौटने दें और फिर पूरी तरह सूखे, साफ एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। हालांकि, यदि चावल में से किसी भी प्रकार की दुर्गंध आ रही है, नमी महसूस हो रही है, फफूंद लग चुकी है या कीड़ों की भरमार है, तो उसे बचाने की जिद बिल्कुल न करें। ऐसे खराब हो चुके चावल को फेंक देना ही स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सबसे सही फैसला होता है.



















