त्रिपुरा के परिवहन मंत्री सुशांत चौधरी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के रामामोहन नायडू को पत्र लिखकर अगरतला से जुड़ी उड़ान सेवाओं में लगातार हो रही कटौती पर हस्तक्षेप की मांग की है, उनका कहना है कि राज्य की हवाई कनेक्टिविटी पर इसका गंभीर असर पड़ रहा है।
कई एयरलाइनों ने घटाईं उड़ानें
11 अगस्त को लिखे अपने पत्र में चौधरी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा एयर ने अगरतला से जुड़े कई रूटों पर उड़ानें या तो बंद कर दी हैं, घटा दी हैं या बंद करने का प्रस्ताव रखा है। एयर इंडिया पहले ही अपना शेड्यूल छोटा कर चुकी है और 22 अक्टूबर से अगरतला-गुवाहाटी रूट पूरी तरह बंद करने वाली है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी अहम रूटों पर कटौती की है, जिसमें अगरतला-बागडोगरा-बेंगलुरु सेवा शामिल है, जिसे जल्द पूरी तरह बंद किए जाने की आशंका है। वहीं इंडिगो 1 अक्टूबर से अपनी सीधी अगरतला-हैदराबाद उड़ान बंद करने की तैयारी में है, और अकासा एयर 22 अक्टूबर से अगरतला से अपनी सभी सेवाएं पूरी तरह समेटने वाली है। मंत्री ने यह भी बताया कि अगरतला-शिलॉन्ग, अगरतला-आइजोल और सीधी अगरतला-चेन्नई सेवा पहले ही प्रभावित हो चुकी है।
घटती सीटें, बढ़ता किराया
चौधरी के मुताबिक यह कटौती ऐसे समय हो रही है जब त्रिपुरा से हवाई सफर की मांग लगातार बढ़ रही है, और इसके चलते राज्य के लोगों के लिए देश के बड़े शहरों तक पहुंचना मुश्किल होता जा रहा है। सीटें घटने से अगरतला-कोलकाता, अगरतला-दिल्ली, अगरतला-गुवाहाटी और अगरतला-बेंगलुरु जैसे रूटों पर किराया तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि महंगे टिकट और सीमित उड़ानों की वजह से यात्रियों पर, खासकर इलाज कराने, उच्च शिक्षा, कारोबार, सरकारी काम और दूसरी जरूरी वजहों से सफर करने वालों पर, आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है।
केंद्र से हस्तक्षेप की मांग
चौधरी ने नायडू से अनुरोध किया है कि वे खुद इस मामले में संबंधित एयरलाइनों से बात करें और उन्हें अपने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहें। उन्होंने केंद्र सरकार से यह भी मांग की है कि बंद हो चुकी उड़ानों को फिर शुरू कराने, मौजूदा सेवाओं को बनाए रखने और अगरतला से ज्यादा मांग वाले रूटों पर उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।



















