यूरोप में जारी भीषण गर्मी और तपन के बीच क्रोएशिया के खूबसूरत तटीय क्षेत्र में एक विनाशकारी दावानल ने भारी तबाही मचाई है। गुरुवार की रात और शुक्रवार की सुबह के दौरान तटीय शहरों में फैली इस आग की चपेट में आने से कम से कम 1 व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि लगभग 40 लोग घायल हुए हैं। आग की लपटें इतनी तेज और भयावह थीं कि आवासीय इलाकों, गाड़ियों और आसपास के जंगलों को खाक में मिला दिया। आपातकालीन सेवाओं और प्रशासन ने इलाके से लगभग 1,200 स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। अस्पतालों में भर्ती घायलों में से 10 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे गहन चिकित्सा इकाई यानी आईसीयू में जीवन की जंग लड़ रहे हैं।
क्रोएशिया के तटीय इलाकों में तेजी से फैली आग
इस भीषण दावानल की शुरुआत गुरुवार की शाम को लोक्वा रोगोज़्निका गांव के पास हुई थी। सूखी झाड़ियों और तेज हवाओं के कारण यह आग बेहद तेजी से फैलते हुए मात्र 6 किलोमीटर या 7 मील दूर स्थित प्रमुख पर्यटक शहर ओमिश की ओर बढ़ गई। एड्रियाटिक सागर के पास स्थित ऐतिहासिक शहर स्प्लिट के निकटवर्ती गांवों को भी आग की प्रचंड लपटों ने अपनी चपेट में ले लिया। चीड़ और सनोबर के घने जंगलों से ढकी पहाड़ियों पर भड़की इस आग की वजह से दर्जनों मकान और कई गाड़ियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
आपातकालीन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तेज और तूफानी हवाओं के कारण इस प्रचंड आग ने महज चार घंटे के भीतर 1,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अपने आगोश में ले लिया। आग की गति इतनी तेज थी कि मार्ग में आने वाली हर चीज जलकर नष्ट हो गई। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार रात को 300 से अधिक दमकलकर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन कई मौकों पर आग के प्रचंड रूप को देखते हुए दमकल टीमों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जान बचाने के लिए समुद्र में कूदे लोग और राहत कार्य
सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वायरल हुए दृश्यों में घने धुएं के गुबार और आग की विशाल लपटों को देखा जा सकता है, जिसने पूरे आसमान को लाल रंग में बदल दिया था। आग की भयावहता के बीच फंसे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों में चीख-पुकार मच गई। कई जगहों पर जान बचाने के लिए लोगों के पास कोई रास्ता नहीं बचा था, जिसके कारण उन्हें नावों से सीधे ठंडे समुद्र के पानी में छलांग लगानी पड़ी।
तटीय रेखा पर स्थित कई शहरों में रात भर राहत शिविर और आपातकालीन आश्रय स्थल खोले गए, जहां विस्थापित लोगों को भोजन और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है। शुक्रवार को जब राहत और बचाव दमकल दल जले हुए इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे थे, तब एक पूरी तरह जले हुए ढांचे से एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने इस हादसे में पहली मौत की पुष्टि की।
शुक्रवार को क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक ने प्रभावित तटीय क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आग गेल फोर्स यानी प्रचंड तूफानी हवाओं के साथ बिजली की गति से फैली थी। प्रधानमंत्री ने दमकलकर्मियों और आपातकालीन कर्मचारियों के साहसिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी भीषण तबाही के बीच दमकलकर्मियों ने जो कुछ बचाया है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। वहीं ओमिश वालंटियर फायर डिपार्टमेंट के कमांडर विसेस्लाव पेसिक ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि आग इतनी विकराल थी कि कई लोग अपनी गाड़ियों को सीधे फायर ज़ोन यानी आग की लपटों के बीच छोड़कर जान बचाकर भागे। सड़क पर खड़ी इन लावारिस गाड़ियों की वजह से दमकल गाड़ियों और राहत टीमों को मौके पर पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्रोएशिया के मुख्य अग्निशमन अधिकारी स्लावको तुकाकोविक ने इसे देश के इतिहास का सबसे दर्दनाक और भयानक दावानल करार दिया है।
पूरे यूरोप में दावानल का व्यापक संकट
क्रोएशिया ही नहीं, बल्कि इस समय पूरा यूरोपीय महाद्वीप भीषण गर्मी की लहर और सूखे के कारण दावानल की चपेट में है। यूरोप भर में अग्निशमन सेवाएं अत्यधिक दबाव और संसाधनों की कमी से जूझ रही हैं। ग्रीस के एगियोस वासिलियोस क्षेत्र में समुद्र तट पर बने एक रिसॉर्ट में आग लगने के बाद 200 से अधिक लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाला गया। ग्रीस के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों स्थानों पर आग की घटनाएं सामने आ रही हैं।
इसी तरह फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र लैंडेस में जंगल की आग रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ने के कारण 500 से अधिक निवासियों को अपने घर छोड़ने पड़े। यह इलाका पहले से ही पिछली दावानल की घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित रहा है। उधर पश्चिमी जर्मनी के गे गांव में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां बेल्जियम सीमा के पास स्थित जंगलों में लगी आग गांव की ओर तेजी से बढ़ने लगी, जिसके बाद 2,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।
ब्रिटेन में चेतावनी और सार्वजनिक अलर्ट
यूरोपीय महाद्वीप में जारी इस आपदा का असर ब्रिटेन में भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को इंग्लैंड और वेल्स में रहने वाले लाखों लोगों के मोबाइल फोन पर आपातकालीन अलर्ट भेजा गया, जिसमें राष्ट्रीय स्तर पर जंगल और झाड़ियों में आग लगने के बेहद उच्च जोखिम की चेतावनी दी गई है। वेस्ट मिडलैंड्स के स्टौरब्रिज जैसे इलाकों में कई इमारतों में भयंकर आग लग गई, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में धुएं का भारी असर देखा गया। मौसम वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक तापमान के कारण यूरोप के जंगलों में आग लगने की घटनाएं अब अधिक विनाशकारी रूप ले रही हैं।


















