रियलिटी शो बिग बॉस के 20वें संस्करण के वीकेंड का वार में मेजबान सलमान खान द्वारा बॉडी शेमिंग के खिलाफ उठाए गए कदम के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मंच पर आलोचकों को जवाब देने के इरादे से अपनी कमीज उतारने वाले सलमान खान की जहां कई दर्शक सराहना कर रहे थे, वहीं इस शो के सातवें संस्करण का हिस्सा रह चुकीं सोफिया हयात ने उनके इस रुख पर गहरा ऐतराज जताया है। सोफिया हयात ने सार्वजनिक तौर पर सलमान खान के इस व्यवहार को दोहरा रवैया बताते हुए उनके पिछले आचरण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सोफिया हयात ने पुराने बर्ताव को लेकर साधा निशाना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सलमान खान के बिना कमीज वाले वीडियो फुटेज को साझा करते हुए सोफिया हयात ने तीखे शब्दों में अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने मंच पर बॉडी शेमिंग के खिलाफ भाषण देने वाले मेजबान को पाखंडी बेवकूफ करार दिया। सोफिया हयात का कहना है कि जो व्यक्ति आज कैमरे के सामने शारीरिक बनावट पर टिप्पणी करने वालों को सीख दे रहा है, उसने अतीत में खुद उनके चेहरे और शारीरिक गठन का उपहास उड़ाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली छवि और असलियत में जमीन आसमान का फर्क है।
बिग बॉस 7 के दौर की तुलना का किया जिक्र
अपने अनुभव को साझा करते हुए सोफिया हयात ने बताया कि जब वह बिग बॉस के सातवें सीजन में प्रतिभागी के तौर पर शामिल हुई थीं, तब सलमान खान ने उनके लुक्स और शरीर पर नकारात्मक टिप्पणियां की थीं। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान शो के मंच पर सलमान खान ने उनकी तुलना साथी प्रतिभागी गौहर खान से की थी और कहा था कि गौहर खान का शरीर उनसे कहीं बेहतर है। सोफिया हयात के मुताबिक टीवी पर भलमनसाहत का दिखावा करने वाले मेजबान का असली चेहरा इससे बिल्कुल अलग है और वह केवल जनता के सामने अच्छा बनने का नाटक करते हैं।
मंच पर कमीज उतारकर सलमान खान ने दिया था जवाब
यह पूरा विवाद वीकेंड का वार के उस घटनाक्रम से शुरू हुआ जिसमें सलमान खान अपनी बढ़ती उम्र, गिरते बाल, वजन और लुक्स को लेकर इंटरनेट पर होने वाली आलोचना से बेहद खफा दिखे थे। उन्होंने आलोचकों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मंच पर ही अपनी कमीज उतार दी थी और महिलाओं के प्रसव उपरांत बढ़ने वाले वजन पर फब्तियां कसने वालों को भी जमकर फटकार लगाई थी। हालांकि सोफिया हयात के इस पुराने वाकये को दोबारा सामने लाने के बाद इंटरनेट पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और बहस का रुख बदल चुका है।



















