टेलीविजन जगत के चर्चित धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच शो में नजर आने वाली अभिनेत्री रावी गुप्ता ने अपनी सह-कलाकार और राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ीं स्मृति ईरानी के साथ अपने काम करने के अनुभवों को साझा किया है। रावी ने स्मृति की तारीफ करते हुए कहा कि वह सेट पर कभी भी अपने राजनीतिक रूतबे या ओहदे का दिखावा नहीं करती हैं और हमेशा एक पेशेवर कलाकार की तरह पेश आती हैं।
शूटिंग सेट पर कैसा रहता है स्मृति ईरानी का रवैया
रावी गुप्ता ने बातचीत के दौरान बताया कि जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या स्मृति ईरानी की राजनीतिक पहचान या उनका रुतबा शूटिंग के दौरान उनके काम को प्रभावित करता है, तो उनका जवाब बिल्कुल स्पष्ट था। रावी ने कहा कि स्मृति बेहद मिलनसार और गर्मजोशी से मिलने वाली इंसान हैं। वह अपने ऊंचे राजनीतिक पद या रुतबे को कभी भी मेकअप रूम या शूटिंग सेट के अंदर नहीं लाती हैं। उनका स्वभाव बहुत ही सरल और स्पष्ट है और उन्होंने कभी भी स्मृति को अपने रूतबे का प्रदर्शन करते हुए नहीं देखा है।
धारावाहिक के खत्म होने की खबर पर हुईं भावुक
जब रावी से यह पूछा गया कि शो के बंद होने की बात सामने आने पर स्मृति ईरानी की क्या प्रतिक्रिया थी, तो उन्होंने खुलासा किया कि धारावाहिक के आखिरी दिनों में स्मृति काफी भावुक हो गई थीं। रावी ने कहा कि उनका यह किरदार भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक आइकॉनिक रूप ले चुका है और वह हमेशा तुलसी के रूप में पहचानी जाती हैं। उन्होंने शूटिंग के अंतिम दिन के कई वीडियो और रील्स भी देखे हैं, जिनसे साफ पता चलता है कि उस दिन सेट पर मौजूद हर एक व्यक्ति की आंखें नम थीं। यह शो स्मृति के अभिनय करियर और निजी जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है, इसलिए वह विदाई का पल उनके लिए काफी गहरा और भावुक करने वाला था।
पहले से तय थी शो की सीमित अवधि
कलाकारों को इस बात की जानकारी शुरुआत से ही दे दी गई थी कि यह धारावाहिक एक तय अवधि के लिए ही बनाया गया एक सीमित शो है। इसलिए सभी कलाकारों को इस बात का अंदाजा था कि एक दिन यह सफर समाप्त होगा। हालांकि, जैसे-जैसे शूटिंग के आखिरी दिन नजदीक आए, वैसे-वैसे सबको यह अहसास होने लगा कि अब विदाई का वक्त आ चुका है। खासकर जब टीम दिवाली के विशेष सीक्वेंस की शूटिंग कर रही थी, तब सेट का पूरा माहौल काफी ज्यादा भावुक हो गया था।
दिवाली सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान का माहौल
अपने अनुभवों को आगे साझा करते हुए रावी ने बताया कि जब वे लोग शूटिंग के अंतिम चरण में पहुंचे, तो सभी को यह भान था कि जल्द ही पैकअप होने वाला है। लेकिन जिस दिन उन्होंने दिवाली के दृश्यों को फिल्माया, वह दिन बाकी सभी दिनों से पूरी तरह अलग और भारी था। सेट पर एक अजीब सी शांति छाई हुई थी। कलाकारों के चेहरों पर काम पूरा होने की खुशी तो थी, लेकिन साथ ही इस बात का भारी अहसास भी था कि एक बहुत बड़ा सफर अब थमने जा रहा है। उस दौरान हर कोई थोड़ा उदास और भावुक नजर आया।



















