रियलिटी शो बिग बॉस 20 के घर में फैमिली मैसेज टास्क के दौरान बेहद भावुक माहौल देखने को मिला, जहां कंटेस्टेंट अरिशफा खान ने दरियादिली दिखाते हुए अपनी पर्सनल लाइफलाइन दांव पर लगा दी। टास्क की कसौटी पर खरी उतरते हुए उन्होंने साथी प्रतियोगी आम्रपाली दुबे को उनके परिवार से जुड़ा संदेश सुनने की अनुमति दी। आम्रपाली के पिता की आवाज सुनते ही अरिशफा अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सकीं और अपने पिता को याद कर रोने लगीं।
मुश्किल चुनौती में अरिशफा ने चुनी आम्रपाली की खुशी
बिग बॉस ने फैमिली मैसेज टास्क के अंतर्गत अरिशफा खान के सामने एक बेहद कठिन दुविधा रखी थी। नियम के मुताबिक उनके पास दो स्पष्ट विकल्प मौजूद थे। वह या तो अपनी गेम की लाइफलाइन सुरक्षित रख सकती थीं, या फिर उन्हें आम्रपाली दुबे के परिवार का संदेश सुनाने वाली कैसेट को तोड़ना था। अगर वह कैसेट तोड़तीं, तो उनकी अपनी लाइफलाइन बच जाती लेकिन आम्रपाली अपने घर की आवाज नहीं सुन पातीं। अरिशफा ने साथी प्रतियोगी की भावनाओं को अपनी गेम सेफ्टी से ऊपर रखा। उन्होंने कैसेट नष्ट करने से साफ इनकार कर दिया और अपनी लाइफलाइन कुर्बान करके आम्रपाली के पिता का ऑडियो मैसेज बजने दिया।
संदेश खत्म होते ही घर का माहौल काफी गमगीन हो गया और अरिशफा अपने आंसू नहीं रोक सकीं। उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "सब मेरे खिलाफ हैं, मेरी एक लाइफलाइन भी ली है… मेरे पापा नहीं हैं।" उन्होंने आगे बताया कि उनकी नानी ने उनका पालन-पोषण किया है और उन्हें अच्छे संस्कार सिखाए हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह कभी किसी का उसके परिवार की बात सुनने का हक नहीं छीन सकतीं। अरिशफा के इस कदम ने साबित किया कि मुश्किल खेल के बावजूद उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी।
मनीष और गुल्लू ने भी अन्य साथियों के लिए गंवाई थी लाइफलाइन
इस टास्क में त्याग करने वाली अरिशफा अकेली प्रतियोगी नहीं हैं, बल्कि उनसे पहले मनीष और गुल्लू भी ऐसा ही कदम उठा चुके हैं। मनीष ने अपने खेल की लाइफलाइन गंवाकर काजी तौकीर को उनके घरवालों का संदेश सुनने की अनुमति दी थी। ठीक इसी तरह गुल्लू ने भी अपनी लाइफलाइन कुर्बान करके कनिका के परिवार का भेजा संदेश चलवाया था। बुधवार को यह टास्क घर के अन्य बचे हुए सदस्यों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे आने वाले एपिसोड में और भी भावुक क्षणों और तीखी नोकझोंक की संभावना है।
बचपन से शुरू हुआ अरिशफा का अभिनय सफर
अरिशफा खान ने बेहद छोटी उम्र में बाल कलाकार के तौर पर अभिनय जगत में कदम रख दिया था। उनके इस सफर में उनकी मां अर्शी नाज ने हमेशा मजबूत सहारा दिया, जबकि उनकी नानी ने उनके पालन-पोषण में अहम भूमिका निभाई। अभिनय की व्यस्त शूटिंग के चलते अरिशफा की स्कूली पढ़ाई पर काफी असर पड़ा था, जिसकी वजह से उन्हें नियमित स्कूल जाना छोड़ना पड़ा था।
अरिशफा ने अपने टीवी करियर का आगाज कलर्स टीवी के धारावाहिक 'छल-शह और मात' से किया था। इसके बाद धारावाहिक 'एक वीर की अरदास…वीरा' से उन्हें घर-घर में खास पहचान हासिल हुई। उन्होंने 'क्राइम पेट्रोल', 'उत्तरन', 'ये है मोहब्बतें', 'जीनी और जुजू', 'गंगा' और 'मेरी दुर्गा' जैसे कई चर्चित टीवी कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण किरदार निभाए। मुख्य अभिनेत्री के रूप में वह स्टार भारत के सीरियल 'पापा बाय चांस' में दिखाई दी थीं।



















