भारतीय टेलीविजन के इतिहास में कई ऐसे धारावाहिक आए जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी, लेकिन एकता कपूर के लोकप्रिय शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का क्रेज एक अलग ही स्तर पर था। साल 2000 में शुरू हुआ यह टीवी शो लगभग आठ साल तक प्रसारित हुआ और इसने कुल 1833 एपिसोड्स के साथ सफलता के तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
शांति निकेतन और तुलसी-मिहिर की जोड़ी
इस सीरियल की कहानी विरानी परिवार और उनके घर शांति निकेतन के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। तुलसी और मिहिर की जोड़ी से लेकर शांति निकेतन के हर एक किरदार ने भारतीय परिवारों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी। स्मृति ईरानी ने तुलसी विरानी का किरदार इतनी शिद्दत और खूबी से निभाया कि दर्शक उन्हें असल जिंदगी में भी उसी नाम से पुकारने लगे थे। वहीं अमर उपाध्याय ने मिहिर विरानी की भूमिका निभाकर लोगों का दिल जीत लिया और दोनों की ऑन-स्क्रीन कैमिस्ट्री ने इस पारिवारिक ड्रामे को घर-घर में सुपरहिट बना दिया।
प्रिया भट्टाचार्य की आवाज का जादू
इस धारावाहिक की सबसे बड़ी पहचान इसका मशहूर टाइटल सॉन्ग था, जो आज भी लोगों की जुबान पर आसानी से आ जाता है। इस आइकॉनिक ट्रैक को प्रसिद्ध गायिका प्रिया भट्टाचार्य ने अपनी जादुई आवाज से सजाया था। प्रिया ने एकता कपूर के ‘के’ अक्षर से शुरू होने वाले कई अन्य सीरियल्स के टाइटल गाने भी गाए हैं। इस बेहतरीन गाने के बोल नवाब आरजू ने लिखे थे और इसका संगीत ललित सेन ने तैयार किया था। आज भी लोग अपने घरों की झलक दिखाते वक्त सोशल मीडिया रील्स में इसी गाने का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
टीआरपी के सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाला सफर
यह ऐतिहासिक धारावाहिक 3 जुलाई 2000 से शुरू हुआ था और 6 नवंबर 2008 तक अनवरत चला। इस लंबे सफर के दौरान शो में कई पीढ़ियों के उतार-चढ़ाव और रिश्तों की बारीकियों को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया। कुल 1833 एपिसोड्स तक चले इस सीरियल ने टेलीविजन रेटिंग पॉइंट यानी टीआरपी के पुराने सभी कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए थे। इसके 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में इसका नया सीजन भी दर्शकों के बीच लाया गया है, जिसे फैंस की तरफ से बेशुमार प्यार मिल रहा है।



















