अयोध्या में भव्य राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर हाल ही में हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर यह दावा किया जा रहा था कि वहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ी कमी आई है। इन भ्रामक दावों और अफवाहों पर पूरी तरह विराम लगाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक कर दिए हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि रामलला के दरबार में भक्तों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है और वे पहले की ही तरह भारी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने पुलिस कंट्रोल रूम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 21 जून से 3 जुलाई तक वर्ष 2025 और वर्ष 2026 की तुलनात्मक सूची जारी की है, जिससे अफवाहों की सच्चाई सबके सामने आ गई है।
आंकड़ों की जुबानी: पिछले साल के मुकाबले इस साल अधिक रही भीड़
ट्रस्ट द्वारा साझा किए गए तुलनात्मक आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि कई विशेष दिनों में वर्ष 2026 में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या वर्ष 2025 की तुलना में काफी अधिक दर्ज की गई है। उदाहरण के लिए, 21 जून 2026 को जहां 94,419 श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए, वहीं वर्ष 2025 में इसी तारीख को यह संख्या केवल 81,303 थी। इसके बाद भी यह सिलसिला थमा नहीं। आंकड़ों के अनुसार, 24 जून को 84,124 भक्त, 25 जून को 85,510 भक्त, 26 जून को 97,603 भक्त और 27 जून को 97,134 भक्तों ने मंदिर में माथा टेका। इस पूरी अवधि के दौरान सबसे अधिक भीड़ 28 जून को दर्ज की गई, जब रिकॉर्ड 1,02,672 श्रद्धालु दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचे।
जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में दर्शनार्थियों का आंकड़ा
जून के अंतिम दिनों और जुलाई के प्रथम सप्ताह में भी मंदिर में श्रद्धालुओं की आमद लगातार बनी रही। आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून को 96,112 लोग मंदिर पहुंचे, जबकि 1 जुलाई को यह संख्या 89,653, 2 जुलाई को 83,863 और 3 जुलाई को 87,652 दर्ज की गई। हालांकि, कुछ विशेष तारीखों जैसे 22 जून को 75,845 श्रद्धालु, 23 जून को 76,104 श्रद्धालु और 29 जून को 84,102 श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम जरूर रही, लेकिन अधिकांश दिनों में मंदिर आने वाले लोगों का ग्राफ पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ा हुआ ही नजर आया।
अफवाहों से बचने की अपील
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का कहना है कि इन आधिकारिक आंकड़ों से यह पूरी तरह साबित हो जाता है कि श्रद्धालुओं की आस्था पहले की तरह ही दृढ़ है। सोशल मीडिया पर चढ़ावा मामले में कथित अनियमितताओं का हवाला देकर जो नकारात्मक बातें फैलाई जा रही थीं, उनका धरातल पर कोई आधार नहीं है। ट्रस्ट ने सभी भक्तों से विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर तैरने वाली इस तरह की किसी भी भ्रामक अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक रूप से जारी जानकारियों को ही सही मानें।











