उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की सभी सड़कों को पूरी तरह से गड्ढा मुक्त बनाने के लगातार और बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी तहसील क्षेत्र में इस सरकारी अभियान की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। प्रशासनिक स्तर पर किए जाने वाले दावों और धरातल की वास्तविक स्थिति में एक बड़ा अंतर साफ नजर आता है। इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई महत्वपूर्ण मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े हैं, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुंदरपुर से मझिगवां मार्ग की गंभीर बदहाली
मोहम्मदी तहसील के ग्रामीण क्षेत्र के तहत सुंदरपुर से मझिगवां को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पिछले लगभग एक साल से बेहद खराब और बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। यह मार्ग आसपास के दर्जनों गांवों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे होकर प्रतिदिन हजारों लोग अपने काम के सिलसिले में गुजरते हैं। वर्तमान में छह किलोमीटर लंबे इस पूरे मार्ग की स्थिति यह है कि इस पर बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे बन चुके हैं। इन गड्ढों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से सुरक्षित निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
बारिश के मौसम में दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा
मानसून और बारिश के सीजन में इस सड़क पर सफर करना किसी जानलेवा जोखिम से कम नहीं होता है। लगातार होने वाली बारिश के कारण सड़क पर बने इन बड़े और गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है। पानी जमा होने की वजह से पूरी सड़क जलमग्न दिखाई देती है, जिससे वाहन चालकों के लिए सड़क और गहरे गड्ढे के बीच अंतर करना नामुमकिन हो जाता है। इस स्थिति में सबसे ज्यादा नुकसान मोटरसाइकिल, स्कूटर और साइकिल सवारों को उठाना पड़ता है, जो अक्सर इन पानी भरे गड्ढों का अंदाजा न लगा पाने के कारण गंभीर हादसों का शिकार हो जाते हैं।
स्थानीय निवासी ने बयां की जमीनी हकीकत
इस विकट समस्या और रोजाना की दिक्कतों को साझा करते हुए परवरिश नगर के रहने वाले स्थानीय निवासी देवेंद्र यादव ने बताया कि इस मार्ग की जर्जर स्थिति को एक साल से भी अधिक का समय बीत चुका है। उनके अनुसार, करीब छह किलोमीटर की यह पूरी सड़क पूरी तरह से टूटकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिसके कारण लोगों को रोज आना-जाना करने में बेहद कठिनाई होती है। देवेंद्र यादव ने आगे बताया कि बरसात के दिनों में पानी भर जाने से यहां हर समय हादसे का डर बना रहता है और इस मार्ग पर कई राहगीर पहले ही दुर्घटनाग्रस्त होकर चोटिल हो चुके हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सरकार का गड्ढा मुक्त अभियान तभी सफल माना जा सकता है जब ग्रामीण इलाकों की इन जर्जर सड़कों की समय पर सुध ली जाएगी।











