उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़ी तकनीकी खामी और गड़बड़ी उजागर होने के बाद चुनाव विभाग ने तत्काल और सख्त कदम उठाए हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और शीर्ष स्तर से सीधे तौर पर जवाबदेही तय की जा रही है।
कांग्रेस की शिकायत पर हरकत में आया आयोग
बुधवार यानी 21 अक्टूबर को कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस संबंध में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में मुख्य रूप से यह मुद्दा उठाया गया था कि जब कोई नागरिक ऑनलाइन माध्यम से वोटर आईडी कार्ड यानी EPIC नंबर के जरिए अपनी जानकारी खोजता है, तो डेटाबेस में गड़बड़ी के कारण किसी अन्य मतदाता का विवरण स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है। इस गंभीर विसंगति का तुरंत संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बिना किसी देरी के मामले की अंदरूनी जांच के आदेश दे दिए थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट से पुष्टि
जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीलीभीत के जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जो आधिकारिक रिपोर्ट सौंपी गई, उसने शिकायतों को पूरी तरह से सही साबित कर दिया। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि वाकई कुछ खास मतदाताओं के EPIC नंबर ऑनलाइन सर्च करने पर सिस्टम में किसी दूसरे व्यक्ति का डेटा प्रदर्शित हो रहा था। यह डेटाबेस प्रबंधन में एक बड़ी चूक थी, जिससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो सकते थे।
लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों पर गिरी गाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने फौरन त्रुटियों को सुधारने के स्पष्ट आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी ERO और वीआरसी ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची से जुड़े सभी कार्यों से हटा दिया गया है। इन दोनों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इतना ही नहीं, इस पूरे विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने के वास्ते एक स्पष्ट और विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है।
पूरे प्रदेश में मतदाता सूचियों की होगी गहन जांच
पीलीभीत की इस घटना को एक चेतावनी के रूप में लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिले के निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह पूरे जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की इस विशेष बिंदु पर गहराई से जांच करवाएं। इस पूरी प्रक्रिया की एक विस्तृत रिपोर्ट अगले दो दिन के भीतर राज्य मुख्यालय को सौंपी जानी है। केवल पीलीभीत तक ही यह दायरा सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को यह सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली सभी विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की ऐसी ही बारीकी से जांच करवाएं और दो दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रेषित करें। इस पूरी कवायद का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पूरे प्रदेश में मतदाता सूचियां पूरी तरह त्रुटिहीन और विश्वसनीय बनी रहें।



















