मेरठ के चर्चित सौरव मर्डर केस में जिला जज ने मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मौत की सजा सुनाई है। इस अदालत के फैसले के बाद से ही जेल के सलाखों के पीछे अपनी मां के साथ रह रही 10 महीने की मासूम बच्ची राधा के भविष्य को लेकर हर तरफ चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी थी और शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की थी। इस सनसनीखेज अपराध में अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है, जिसके बाद से सलाखों के पीछे मौजूद मुस्कान को अपनी गोद में खेल रही दूधमुंही बेटी राधा के भविष्य की गहरी चिंता सता रही है। इस बीच, मुंबई से ताल्लुक रखने वाले एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने इस मामले में एक नया कदम उठाते हुए बच्ची की संपूर्ण परवरिश और पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाने की इच्छा जाहिर की है।
अदालत में दिया गया औपचारिक प्रार्थना पत्र
मुंबई के रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी इस सिलसिले में विशेष रूप से मेरठ पहुंचे और जिला जज की अदालत में एक औपचारिक प्रार्थना पत्र दाखिल किया। उन्होंने अदालत के समक्ष आवेदन देकर छोटी बच्ची राधा की देखभाल करने और उसे अपने संरक्षण में लेने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील से भी मुलाकात कर अपनी इस मंशा से उन्हें अवगत कराया। फैजान का कहना है कि वह आज से ही इस मासूम बच्ची के कपड़े, खानपान, शिक्षा और चिकित्सा से जुड़े सभी खर्चों को उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने कोर्ट के सामने अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति का पूरा विवरण भी पेश किया है ताकि अदालत को उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा हो सके।
जेल की चारदीवारी के भीतर हुआ है राधा का जन्म
गौरतलब है कि मुस्कान की बेटी राधा का जन्म बाहर की दुनिया में नहीं बल्कि जेल की चारदीवारी के अंदर ही हुआ है और वर्तमान में उसकी उम्र महज 10 महीने की है। फैजान अंसारी का यह मानना है कि इतनी कम उम्र के बच्चे के पालन-पोषण और भविष्य के बारे में बेहद गंभीरता से विचार किया जाना बेहद जरूरी है। वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस मासूम को एक बेहतर और सुरक्षित माहौल मिले तथा उसकी पढ़ाई-लिखाई पर किसी भी प्रकार का कोई बुरा असर न पड़े। पिछले महीने की 14 तारीख को ही नीला ड्रम हत्याकांड मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई थी। इस बड़े कानूनी फैसले के बाद से ही दोषी सलाखों के पीछे हैं और बच्ची की कस्टडी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पब्लिसिटी या व्यूज पाने के लिए नहीं उठाया कदम
जब फैजान अंसारी से इस तरह अचानक आगे आने के पीछे की वजह पूछी गई तो उन्होंने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की लोकप्रियता हासिल करना या अपने वीडियो के व्यूज बढ़ाना उनका मकसद नहीं है। उन्होंने कहा कि वह केवल राधा को एक बेहतर और उज्जवल जीवन देना चाहते हैं ताकि वह जेल की दमघोटू दुनिया से पूरी तरह दूर रहकर एक अच्छी इंसान बन सके। फैजान मुंबई के एक जाने-माने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और इंस्टाग्राम पर उनके वीडियो को लाखों की संख्या में व्यूज मिलने का दावा किया जाता है। हालांकि, उनके इस कदम के सामने आने के बाद कई लोगों का यह भी सवाल है कि जेलों में ऐसी और भी कई बच्चियां हैं, ऐसे में वह बाकी बच्चों की जिम्मेदारी क्यों नहीं उठा रहे हैं? इस पर फैजान का कहना है कि अगर भविष्य में संभव हो सका तो वह अन्य बच्चों के लिए भी हरसंभव प्रयास करेंगे।
कानून सम्मत प्रक्रिया और अंतिम निर्णय पर टिकी निगाहें
फैजान अंसारी ने जिला जज के समक्ष अर्जी तो लगा दी है लेकिन किसी भी बच्चे को गोद लेने या उसकी अभिरक्षा किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने का पूरा मामला स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं और सक्षम प्राधिकारी के अंतिम निर्णय पर ही निर्भर करता है। कानून के जानकारों का कहना है कि जेल में बंद महिला कैदी के बच्चे की कस्टडी के संबंध में देश के प्रचलित कानूनों और नियमों के तहत ही आगे की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल फैजान की तरफ से उठाई गई इस अप्रत्याशित मांग के बाद से यह मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है और हर कोई अदालत के अगले रुख का इंतजार कर रहा है। वहीं इस सनसनीखेज और दर्दनाक हत्याकांड के अन्य पहलुओं को लेकर भी कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर चर्चाएं लगातार जारी हैं। मुस्कान को मथुरा में फांसी दिए जाने की चर्चाएं भी चल रही हैं क्योंकि वहां महिलाओं का इकलौता फांसीघर स्थित है, हालांकि उच्च न्यायालय में अपील और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा सजा के बाद इन दोनों दोषियों की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है और अब जेल के भीतर उनकी पहचान उनके विशिष्ट कैदी नंबरों से ही की जाएगी।

















