राजस्थान के मौसम में इन दिनों मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है, जहां एक तरफ गर्मी अपने तेवर दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ बारिश का कोई नामोनिधान नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार 22 अक्टूबर को राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही हिस्सों में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने की उम्मीद है। इस दौरान प्रदेश के किसी भी जिले के लिए किसी भी तरह की मौसम चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे लोगों को फिलहाल राहत मिली हुई है।
बुधवार को बाड़मेर रहा सबसे गर्म
बीते दिन यानी बुधवार को भी राज्य का मौसम मुख्य रूप से सूखा ही बना रहा। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 38.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अक्टूबर महीने का अंतिम सप्ताह शुरू होने को है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में गर्मी का अहसास अभी भी बरकरार है। दिन के समय तेज धूप निकलने की वजह से गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है, जबकि सुबह और रात के वक्त हल्की ठंडक या तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक 22 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले तमाम जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। इनमें जयपुर, अजमेर, अलवर, दौसा, सीकर, झुंझुनूं, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जैसे इलाके शामिल हैं। ठीक इसी तरह पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।
इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, फलोदी, जालोर, पाली और नागौर समेत अन्य सभी जिलों में स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। आईएमडी की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि किसी भी क्षेत्र में आंधी या ओलावृष्टि जैसी कोई हलचल देखने को नहीं मिलेगी।
चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव और नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसमी तंत्रों की बात करें तो दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास के इलाकों में समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी करीब 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों की मौजूदगी के बावजूद 22 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां होने की कोई उम्मीद नहीं है।
आईएमडी के अनुसार आगामी दो दिनों तक यानी 22 और 23 अक्टूबर को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रह सकता है। हालांकि इसके बाद 24 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इस मौसमी बदलाव के असर से 24 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग और उसके आसपास के इलाकों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
किसानों के लिए विशेष सलाह और सतर्कता
नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। खासकर चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। हालांकि बारिश का वास्तविक दायरा और उसका असर क्या होगा, यह मौसम विभाग के आगामी अपडेट्स के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगा।
कृषि विभाग और मौसम विभाग की तरफ से किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को अच्छी तरह समझकर ही अपनी फसल की कटाई और अन्य कृषि कार्यों की रूपरेखा तैयार करें। जो फसलें पककर पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं, खेतों में पड़ी कृषि उपज है या मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा हुआ अनाज है, उसे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने या ढंकने के लिए जरूरी इंतजाम करने पर जोर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।


















