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लखनऊ के अलीगंज कोचिंग हादसे की इमारत पर चला बुलडोजर, 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने शुरू की बड़ी कार्रवाईउत्तर प्रदेश
25 जुल॰ 2026, 2:09 pm (24 दिन पहले)· 0

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग हादसे की इमारत पर चला बुलडोजर, 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने शुरू की बड़ी कार्रवाई

लखनऊ के अलीगंज में पिछले महीने जिस इमारत में लगी आग से 15 लोगों की मौत हुई थी, उसे प्रशासन ने ढहाना शुरू कर दिया है। हालांकि, इमारत के मालिक ने इस कार्रवाई को समय से पहले और गैर-कानूनी बताया है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में पिछले महीने एक दर्दनाक अग्निकांड का शिकार हुई व्यावसायिक इमारत को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस हादसे में 15 लोगों की दुखद मौत हो गई थी। शनिवार की सुबह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन के बुलडोजर घटना स्थल पर पहुंचे और इमारत को गिराने का काम शुरू किया गया। लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए) द्वारा की जा रही यह बड़ी कार्रवाई भवन मालिक को जारी किए गए 15 दिनों के नोटिस की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद की गई है। शहर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन का यह एक कड़ा कदम माना जा रहा है।

जांच और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बुलडोजर चलाने से पहले एलडीए के अधिकारियों ने इस बात का बारीकी से निरीक्षण किया कि इमारत के मालिक ने खुद कितना हिस्सा हटाया है। इसके बाद ही आधिकारिक तौर पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। अलीगंज के इस संवेदनशील इलाके में किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। इस दौरान पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई ताकि आम जनता को सुरक्षित दूरी पर रखा जा सके और बिना किसी बाधा के इस पूरी कार्रवाई को पूरा किया जा सके।

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22 जून का वह भयावह अग्निकांड

गौरतलब है कि इस साल 22 जून को अलीगंज की इसी बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई थी। इस इमारत में एक निजी कोचिंग संस्थान का संचालन किया जा रहा था, जिसमें हादसे के वक्त कई छात्र और कर्मचारी मौजूद थे। आग की लपटों और धुएं के कारण लोग इमारत के भीतर ही फंस गए, जिससे दम घुटने और झुलसने की वजह से 15 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था और प्रशासन ने जांच के बाद इमारत की संरचना को बेहद असुरक्षित घोषित कर इसे ढहाने का फैसला किया।

भवन मालिक ने कार्रवाई को बताया गैर-कानूनी

दूसरी तरफ, इस पूरी कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इमारत के मालिक और पेशे से वकील राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने प्रशासन के इस कदम को पूरी तरह से गैर-कानूनी करार दिया है। राजेंद्र प्रसाद शुक्ला का आरोप है कि प्रशासन ने नोटिस में दी गई निर्धारित समय-सीमा के समाप्त होने से पहले ही जल्दबाजी में यह कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना है कि सरकारी नोटिस के अनुसार उन्हें इस कार्य के लिए 25 जुलाई की शाम तक का समय मिला था, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें अपना काम पूरा करने का उचित अवसर नहीं दिया।

समय-सीमा और कानूनी प्रक्रिया पर विवाद

राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने इस पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें 15 दिनों का नोटिस दिया गया था। वह नोटिस के अनुसार ही खुद कदम उठाने आए थे, लेकिन शुरुआत में उन्हें स्थानीय पुलिस से सहयोग नहीं मिला। शुक्ला ने दावा किया कि अलीगंज थाने से उन्हें इस काम को शुरू करने की अनुमति केवल 20 जुलाई को ही मिल पाई थी। अनुमति मिलने के बाद से वह लगातार इमारत को हटाने का काम करवा रहे थे और शनिवार को भी मौके पर काम चल रहा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून के अनुसार काम होना चाहिए और यदि अधिकारियों को उनके द्वारा किए जा रहे काम की गति से कोई शिकायत थी, तो उन्हें 26 जुलाई को आना चाहिए था, न कि समय से पहले ही भारी पुलिस बल के साथ इस तरह बुलडोजर चला देना चाहिए था।

सवाल-जवाब

लखनऊ की इस इमारत को क्यों गिराया जा रहा है?
लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए) अलीगंज की इस इमारत को इसलिए गिरा रही है क्योंकि पिछले महीने यहाँ भीषण आग लगी थी, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी।
यह दर्दनाक अग्निकांड कब हुआ था?
यह दर्दनाक हादसा इस साल 22 जून को अलीगंज की इमारत में चल रहे एक कोचिंग संस्थान में हुआ था।
इमारत के मालिक ने क्या आपत्ति जताई है?
इमारत के मालिक राजेंद्र प्रसाद शुक्ला का आरोप है कि यह कार्रवाई गैर-कानूनी है क्योंकि प्रशासन ने नोटिस में दी गई 15 दिन की समय-सीमा (25 जुलाई) समाप्त होने से पहले ही बुलडोजर चला दिया।
मालिक को खुद इमारत ढहाने में देरी क्यों हुई?
मालिक के अनुसार, उन्हें अलीगंज पुलिस स्टेशन से काम शुरू करने की अनुमति केवल 20 जुलाई को मिली थी, जिससे उन्हें खुद काम पूरा करने के लिए बहुत कम समय मिला।
विध्वंस की कार्रवाई शुरू होने से पहले क्या तैयारियाँ की गईं?
बुलडोजर चलाने से पहले एलडीए ने इमारत के खुद हटाए गए हिस्से की जांच की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया।
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