उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पिछले चार महीनों से लापता एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति के मामले में चौकाने वाला मोड़ सामने आया है। गोविंद नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली राधा कृष्ण वाटिका कॉलोनी से चार माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुए 42 वर्षीय मनोज सोनी के मामले में अब हत्या की गहरी आशंका व्यक्त की जा रही है। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि मनोज सोनी की गुमशुदगी साधारण गायब होने का मामला नहीं, बल्कि एक पूर्व-नियोजित आपराधिक साजिश का परिणाम हो सकती है। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसकी बेटी और बेटी के कथित प्रेमी को संदेह के घेरे में लेते हुए उनसे कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
अवैध संबंध और साजिश की परतें
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में घटना से जुड़ी चौंकाने वाली कड़ियां सामने आई हैं। जांच के दौरान यह तथ्य उभरा है कि पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों में तनाव तथा अवैध संबंधों की उपस्थिति इस पूरी साजिश की मुख्य वजह बनी। आरोप हैं कि मनोज सोनी इन अवैध संबंधों के रास्ते में बाधा बन रहे थे, जिसके कारण उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। साजिश के तहत मनोज सोनी को पहले किसी नशीले पदार्थ का सेवन कराया गया, जिससे वे बेसुध हो गए। इसके बाद बेसुध अवस्था में उनके सिर पर भारी पत्थर से वार करके उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उनके शव को किसी दूरदराज के जंगल या सुनसार इलाके में ले जाकर छिपा दिया गया।
जंगलों में तलाशी और पुलिस के सामने खड़ी चुनौतियां
घटना के चार महीने बीत जाने के बाद इस रहस्य से पर्दा उठने की दिशा में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है, लेकिन सबसे बड़ी व्यावहारिक चुनौती मनोज सोनी के शव को बरामद करना बनी हुई है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हासिल जानकारी के मुताबिक पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें संभावित जंगलों, बीहड़ों और सुनसान ठिकानों पर लगातार सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। कई संभावित स्थानों पर व्यापक छानबीन किए जाने के बावजूद अभी तक शव या उससे संबंधित कोई ठोस अवशेष अथवा साक्ष्य हाथ नहीं लग सका है। कानून-प्रक्रिया के तहत जब तक शव बरामद नहीं हो जाता या फोरेंसिक साक्ष्य नहीं मिल जाते, तब तक इस पूरे दावे की आधिकारिक और अंतिम पुष्टि होना बाकी है।
इलाके में दहशत का माहौल और आगे की कानूनी प्रक्रिया
चार महीने तक केवल गायब समझे जा रहे व्यक्ति की हत्या की साजिश का खुलासा होने से राधा कृष्ण वाटिका कॉलोनी और आसपास के निवासियों के साथ-साथ परिजनों में गहरा धक्का पहुंचा है। स्थानीय लोग इस घटनाक्रम से स्तब्ध हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों से गहन पूछताछ का दौर लगातार जारी है ताकि हत्या में प्रयुक्त वस्तुओं, घटना की पूरी घटनाक्रम कड़ी और शव ठिकाने लगाने के सटीक स्थान की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। पुलिस का स्पष्ट मानना है कि भौतिक साक्ष्यों के संकलन और शव की बरामदगी के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। प्राप्त साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर ही इस मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















