उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में बीए की छात्रा ललिता गौतम के साथ हुई दुखद घटना अब एक बड़े जातिगत विवाद में बदल चुकी है। प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद दलित संगठनों द्वारा किए जा रहे उग्र विरोध प्रदर्शनों ने सुरक्षा व्यवस्था के सामने चुनौती पेश कर दी है। पुलिस का तर्क है कि प्रदर्शन की आड़ में कुछ अराजक तत्व शहर का अमन-चैन बिगाड़ने की फिराक में हैं, जिसके चलते प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। इस संवेदनशील मामले की सच्चाई को समझने के लिए पूरी घटनाक्रम पर गौर करना आवश्यक है।
ललिता गौतम का परिचय और घटना का दिन
बीस वर्षीय ललिता गौतम अपनी पढ़ाई कर रही थीं और वह मेरठ के टीपी नगर इलाके की गगन एंक्लेव कॉलोनी में अपने परिवार के साथ रहती थीं। 15 मई की वह तारीख थी जब ललिता अपनी परीक्षा में शामिल होने के लिए घर से बाहर निकली थीं, लेकिन देर शाम तक उनके वापस न लौटने से परिवार में हड़कंप मच गया। घर वालों ने अपनी स्तर पर खोजबीन की, परंतु जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने थाना टीपी नगर में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में ललिता को गांव कल्याणपुर के रहने वाले युवक अंकुश के साथ देखा गया, जिससे पुलिस को एक ठोस सुराग मिल गया। इसके बाद पुलिस ने कई टीमों का गठन कर आरोपी की धरपकड़ तेज कर दी।
विरोध प्रदर्शनों के पीछे की वजह
ललिता गौतम के दलित समुदाय से ताल्लुक रखने के कारण उनकी हत्या ने राजनीतिक रंग ले लिया और कई दलित संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा और कई लोगों को हिरासत में लेना पड़ा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में ऐसे लोग भारी संख्या में देखे गए जो बाहर से आए थे और उनमें से कई को तो असल मामले की जानकारी तक नहीं थी। पुलिस प्रशासन ने यह भी आरोप लगाया कि मृतका के भाई को भी गलत तरीके से बरगलाकर और लालच देकर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लाया गया था। अधिकारियों का मानना है कि कुछ तत्व दलित राजनीति का सहारा लेकर समाज में वैमनस्य फैलाना चाहते हैं, जिनकी पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है।
पुलिस का खुलासा और हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी अंकुश ने ललिता गौतम की हत्या करना स्वीकार कर लिया है। जांच के अनुसार, अंकुश और ललिता के बीच प्रेम संबंध थे और घटना के दिन दोनों साथ में थे। आरोपी का कहना है कि ललिता के मोबाइल फोन में मौजूद कुछ चैट और तस्वीरों को देखकर उसे संदेह हुआ कि ललिता का किसी अन्य युवक के साथ भी संबंध है। इसी शक और आपसी विवाद के चलते उसने ललिता की हत्या करने का खौफनाक फैसला लिया। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव को मेरठ के ही रोहटा थाना इलाके के उपसिया जंगल के गन्ने के खेत में ले जाकर फेंक दिया था, जहाँ से बाद में पुलिस ने उसे बरामद किया। फिलहाल मुख्य आरोपी अंकुश को जेल भेजा जा चुका है और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन छानबीन अभी भी की जा रही है।











