लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश में मानसून ने आखिरकार पूरी रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है. लेकिन इस राहत के साथ मुसीबत भी आई है. मौसम विभाग ने मुजफ्फरनगर, संभल और बिजनौर समेत 9 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि मेरठ, बुलंदशहर और सहारनपुर समेत 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है. इसके अलावा 43 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है और कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है. पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने कई जगह मुश्किलें खड़ी कर दीं, गाजियाबाद में जलभराव के कारण एक मासूम बच्ची की जान चली गई, वहीं कई इलाकों में लोग अपने वाहन खुद खींचते नजर आए. गाजियाबाद में आज भी स्कूल बंद रखे गए हैं.
बिजनौर के नजीबाबाद में 306 मिमी बारिश, तीन दशक का रिकॉर्ड टूटा
उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण बिजनौर का नजीबाबाद कस्बा बना. गुरुवार को यहां 24 घंटे के दौरान 306 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो साल 1952 के बाद से मापन के पूरे इतिहास में तीसरी सबसे अधिक बारिश है. इतनी भारी बारिश ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर ला दिया, बल्कि आसपास के इलाकों में जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ. लगातार हो रही इस बारिश का एक फायदा भी हुआ, कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया, जिससे लोगों को गर्मी और चिपचिपी उमस से बड़ी राहत मिली.
आज 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगा तूफान
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के 19 जिलों में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ गरज-चमक और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है. यही वजह है कि इन जिलों को ऑरेंज अलर्ट में रखा गया है, ताकि प्रशासन और आम लोग समय रहते एहतियात बरत सकें. इसके साथ ही प्रदेश के 43 अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात यानी बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश का यह दौर जारी रहेगा. इसके बाद 10 से 13 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी व्यापक स्तर पर बारिश होने के आसार बन रहे हैं, यानी मानसून जल्द ही पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगा.
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, यहां भारी बारिश की चेतावनी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और संभल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, यानी इन दस जिलों में प्रशासन को खासतौर पर सतर्क रहने को कहा गया है. इसके अलावा आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा और औरैया के साथ-साथ बुंदेलखंड क्षेत्र के जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. वहीं पूर्वांचल, तराई, मध्य उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के कुल 43 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जो दिखाता है कि मानसून की सक्रियता अब सिर्फ पश्चिमी हिस्से तक सीमित नहीं रह गई है.
राजधानी लखनऊ में भी अलर्ट, लेकिन मानसून अभी कमजोर
राजधानी लखनऊ के लिए भी बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जुलाई तक शहर में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि 10 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है. हालांकि दिलचस्प बात यह है कि इस मानसून सीजन में अब तक लखनऊ में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज हुई है. 1 जून से 8 जुलाई के बीच शहर में सामान्य तौर पर 133 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 51.9 मिलीमीटर वर्षा ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से 61 प्रतिशत कम है. यानी भले ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़े हों, राजधानी अभी भी मानसून की भरपाई के इंतजार में है. कुल मिलाकर मौसम विभाग का आकलन है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना रहेगा और बारिश से तापमान में गिरावट के साथ लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलती रहेगी.
गाजियाबाद में आज सभी स्कूल बंद, आदेश का सख्ती से पालन
मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट में तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी के निर्देश पर आज कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है. इस आदेश के दायरे में सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड समेत सभी मान्यता प्राप्त और परिषदीय विद्यालय शामिल हैं. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि खराब मौसम में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई चूक न हो.
जलभराव में डूबने से तीन साल की बच्ची की मौत
गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित सर्वोदय नगर में भारी बारिश के कारण हुए जलभराव ने एक मासूम की जान ले ली. तीन साल की पल्लवी अपने घर के बाहर पानी से भरी गली में पहुंच गई थी और देखते ही देखते वह गहरे पानी में डूब गई. परिजन आनन-फानन में बच्ची को पास के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मासूम की इस दर्दनाक मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. पुलिस के अनुसार आशंका है कि बच्ची जलभराव के बीच किसी नाले या गहरी नाली की ओर बह गई थी, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.











