उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बारिश से गर्मी से तो थोड़ी राहत मिली है, लेकिन इसके साथ ही जलभराव और नदियों के उफान ने गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। इसी बीच गागलहेड़ी इलाके के सैयद माजरा गांव से एक ऐसा विचलित करने वाला दृश्य सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
कब्रिस्तान में दिखा भयानक मंजर
यह घटना उस समय सामने आई जब सुबह करीब 9:00 बजे गांव के कुछ लोग अपने खेतों की तरफ जा रहे थे। रास्ते में जब उनकी नजर गांव के कब्रिस्तान पर पड़ी, तो वे सन्न रह गए। भारी जलभराव के बीच कब्रें धंसने से शव पानी में उतरा रहे थे। इस खौफनाक नजारे को देखकर ग्रामीण बदहवास होकर गांव की ओर भागे और अन्य लोगों को पूरी स्थिति की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने खुद किया अंतिम संस्कार
सूचना मिलने पर गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य वास्तव में वैसा ही था जैसा पहले बताया गया था। शव पानी के बहाव में इधर-उधर बह रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने खुद स्थिति को संभाला और किसी तरह शवों को पानी से निकालकर दोबारा कब्र खोदकर उन्हें सुरक्षित दफन किया। इस दौरान लोगों का गुस्सा स्थानीय प्रशासन और अव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा था।
एक्सप्रेसवे और जल निकासी की समस्या
ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि यह स्थिति प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानव निर्मित है। लोगों ने आरोप लगाया कि जब से यहां एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है, तब से जल निकासी का मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। सैयद माजरा के प्रधान ने स्पष्ट किया कि भारी बारिश ने हालात बिगाड़े हैं, लेकिन मुख्य कारण एक्सप्रेसवे का निर्माण है जिसमें पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। इसके कारण एक्सप्रेसवे का सारा पानी खेतों और बस्तियों की तरफ मुड़ गया है।
हिंडन नदी का भी बढ़ा खतरा
प्रधान ने यह भी बताया कि क्षेत्र में जलभराव की समस्या का एक अन्य प्रमुख कारण हिंडन नदी का सिकुड़ना है। नदी के जलस्तर और उसके बहाव क्षेत्र में बदलाव के कारण पानी खेतों में घुस रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी क्षेत्र में पानी भरा था, लेकिन तब ऐसी नौबत नहीं आई थी कि कब्रों से शव बाहर आ जाएं। फिलहाल ग्रामीणों को दो शव मिले हैं, लेकिन असली स्थिति का पता तभी चलेगा जब जलस्तर कम होगा। ग्रामीणों को अब और शवों के बाहर आने की आशंका सता रही है।











