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उत्तर प्रदेश में एक और शहर का नाम बदला, जलालाबाद अब कहलाएगा परशुरामपुरीउत्तर प्रदेश
6 जुल॰ 2026, 3:46 pm (45 दिन पहले)· 2

उत्तर प्रदेश में एक और शहर का नाम बदला, जलालाबाद अब कहलाएगा परशुरामपुरी

शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने पर योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने मुहर लगा दी है, यह इलाका भगवान परशुराम की जन्मस्थली के तौर पर जाना जाता है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में एक और शहर की पहचान बदलने जा रही है। शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम अब बदलकर परशुरामपुरी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली कैबिनेट ने इस बदलाव को मंजूरी दी है। जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के तौर पर जाना जाता रहा है, इसलिए अब इस कस्बे को उन्हीं के नाम से पुकारा जाएगा।

लंबे समय से चल रही थी मांग

जलालाबाद के जनप्रतिनिधि और स्थानीय निवासी काफी समय से इस बात की मांग कर रहे थे कि कस्बे का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखा जाए। उनका कहना था कि पौराणिक कथाओं और प्राचीन ग्रंथों में जलालाबाद का उल्लेख भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में मिलता है, इसलिए इस पहचान को आधिकारिक रूप से मान्यता दी जानी चाहिए। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया और अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद जलालाबाद आधिकारिक तौर पर परशुरामपुरी कहलाएगा।

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सरकार की प्रेस विज्ञप्ति में क्या कहा गया

सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस फैसले की पूरी जानकारी दी गई है। विज्ञप्ति के मुताबिक शाहजहांपुर जिले में स्थित नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला कस्बा जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली के तौर पर प्रसिद्ध है और पौराणिक ग्रंथों में भी इसका प्रमुखता से उल्लेख मिलता है।

विज्ञप्ति में साफ लिखा गया है कि जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों की ओर से जलालाबाद का नाम भगवान परशुराम के नाम पर परशुरामपुरी रखे जाने की लगातार मांग की जा रही थी। इसी को देखते हुए 19.08.2025 को नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के कस्बे जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव पर अनापत्ति दी गई थी। इसके बाद शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के कस्बे जलालाबाद का नाम परिवर्तित कर परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी गई है।

इस तरह अब शाहजहांपुर जिले के नक्शे पर जलालाबाद की जगह परशुरामपुरी नाम दर्ज होगा और आने वाले समय में सरकारी दस्तावेजों, पते और अन्य आधिकारिक कामकाज में भी यही नया नाम इस्तेमाल किया जाएगा।

पहले भी बदले जा चुके हैं कई शहरों और वार्डों के नाम

योगी सरकार का यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी शहर या कस्बे का नाम बदला गया हो। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में कई जगहों की पहचान बदली जा चुकी है। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया था, जबकि फैजाबाद अब अयोध्या के नाम से जाना जाता है। इसी तरह मुगलसराय का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर रखा गया और झांसी रेलवे स्टेशन को अब वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन कहा जाता है।

हाल ही में गोरखपुर में भी करीब 50 वार्डों के नाम बदले गए थे। इनमें मियां बाजार का नाम बदलकर माया बाजार और अलीनगर का नाम बदलकर आर्य नगर कर दिया गया। इसके अलावा हरदोई जिले में हाजीपुर का नाम बदलकर सियारामपुर और फिरोजाबाद जिले में उरमुरा किरार का नाम बदलकर हरिनगर कर दिया गया था। इन सभी बदलावों को मिलाकर देखें तो जलालाबाद का परशुरामपुरी बनना राज्य सरकार की उसी नीति का हिस्सा है, जिसके तहत शहरों और कस्बों के नाम स्थानीय आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान के अनुसार बदले जा रहे हैं।

सवाल-जवाब

जलालाबाद का नया नाम क्या रखा गया है?
शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी कर दिया गया है।
यह फैसला किसने लिया है?
यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने लिया है।
जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी क्यों रखा गया?
जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के तौर पर जाना जाता है और पौराणिक ग्रंथों में भी इसका उल्लेख मिलता है, इसी कारण जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों की मांग पर यह नाम रखा गया।
इस बदलाव को मंजूरी कब मिली?
19.08.2025 को नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर अनापत्ति दी गई थी, जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी दी गई।
क्या पहले भी उत्तर प्रदेश में शहरों के नाम बदले गए हैं?
हां, इससे पहले इलाहाबाद को प्रयागराज, फैजाबाद को अयोध्या और मुगलसराय को पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर किया जा चुका है।
गोरखपुर में क्या बदलाव हुए थे?
गोरखपुर में हाल ही में करीब 50 वार्डों के नाम बदले गए, जिनमें मियां बाजार को माया बाजार और अलीनगर को आर्य नगर किया गया।
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