राजस्थान के अजमेर जिले में नेशनल हाईवे 48 (NH-48) पर स्थित बांदनवाड़ा टोल प्लाजा पर अचानक एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। टोल कर्मियों और ट्रक चालकों के बीच हुई झड़प ने देखते ही देखते एक बड़ा हिंसक रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि टोल नाके पर तैनात कर्मचारियों ने किसी बात को लेकर एक ट्रक चालक के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी थी। इस घटना की जानकारी जैसे ही हाईवे से गुजर रहे अन्य ट्रक ड्राइवरों और उनके साथियों को मिली, उनका गुस्सा भड़क उठा। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में ट्रक चालक जमा हो गए और उन्होंने वहां जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
टोल केबिनों में भयंकर तोड़फोड़ और अफरा-तफरी का माहौल
आक्रोशित ट्रक ड्राइवरों का गुस्सा केवल प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं रहा। गुस्साए वाहन चालकों ने बांदनवाड़ा टोल प्लाजा पर भारी तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान टोल प्लाजा पर बने केबिनों के शीशे और खिड़कियों को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों में इस हमले के बाद हड़कंप मच गया और वे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। तोड़फोड़ की इस घटना के बाद टोल प्लाजा पर कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया और गाड़ियाँ जहाँ की तहाँ खड़ी हो गईं। स्थिति की गंभीरता और हाईवे पर बढ़ते तनाव को देखते हुए वहां मौजूद लोगों ने तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस आपातकालीन घटना की जानकारी दी ताकि सुरक्षा बहाल की जा सके।
दो थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा, चालकों को शांत करने का प्रयास
टोल नाके पर हो रही तोड़फोड़ और भारी हंगामे की खबर मिलते ही भिनाय थाने की पुलिस टीम बिना वक्त गंवाए दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई। वहां के माहौल और गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत बैकअप की मांग की, जिसके बाद पास के ही एक और पुलिस थाने की टीम को अतिरिक्त सुरक्षा के लिए बांदनवाड़ा टोल प्लाजा पर बुला लिया गया। वर्तमान में कानून व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए मौके पर दोनों थानों के पुलिस बल मुस्तैद हैं। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने उग्र ट्रक चालकों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया और उनसे लगातार बातचीत की। इस दौरान प्रदर्शनकारी ट्रक ड्राइवरों ने पुलिस प्रशासन के सामने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अपनी मांग रखी। चालकों का कहना है कि जिस निर्दोष साथी के साथ टोल कर्मियों ने बेरहमी से मारपीट की है, उन सभी दोषी कर्मचारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
हाइवे पर लगा मीलों लंबा जाम, वाहनों के मार्ग बदले गए
इस अचानक भड़की हिंसा, मारपीट और हंगामे के चलते नेशनल हाईवे 48 (NH-48) पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। बीच सड़क पर बड़े-बड़े ट्रकों और अन्य वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े हो जाने के कारण हाईवे पर गाड़ियों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया, जिससे कुछ ही समय में कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस भीषण जाम में रोजमर्रा की यात्रा करने वाले राहगीर, परिवार, बसें और आवश्यक सेवाओं में लगे वाहन भी फंस गए, जिसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाईवे पर फंसे यात्रियों को निकालने और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी ताकत से काम कर रहा है। पुलिसकर्मियों द्वारा जाम को खुलवाने के लिए वाहनों का मार्ग परिवर्तन (रूट डाइवर्जन) किया जा रहा है ताकि फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके और इस व्यस्त हाईवे पर यातायात को फिर से सामान्य किया जा सके।













