गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके की सुचेतापुरी कॉलोनी से एक दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। 30 जून को दो दबंगों ने एक परिवार के घर में जबरन घुसकर बुजुर्ग पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने पिस्तौल मुंह में डालकर जान से मारने की धमकी दी और जबरन पैसे वसूलने की कोशिश की। पीड़िता साक्षी ठाकुर ने मोदीनगर थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
घर के भीतर बंधक बनाकर किया जानलेवा हमला
साक्षी ठाकुर की शिकायत के मुताबिक, उनके ही इलाके में रहने वाले सचिन जिंदल और शरद जिंदल 30 जून को उनके घर में जबरदस्ती घुस आए। दोनों ने गाली-गलौज करते हुए परिवार के तीनों सदस्यों यानी साक्षी, उनकी माँ राधा देवी और बुजुर्ग पिता कृष्णवीर को घर के अंदर ही बंधक बना लिया।
इसके बाद जो हुआ वह और भी खौफनाक था। आरोपियों ने कृष्णवीर के मुंह में पिस्तौल ठोंक दी, जो उनके इरादे की क्रूरता को साफ दर्शाता है। फिर उन्होंने बुजुर्ग के साथ जमकर पिटाई की और परिवार से जबरन पैसे देने का दबाव बनाने लगे। परिवार ने किसी तरह खुद को बचाया और वहां से निकलने में सफलता पाई।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना, पुलिस जांच में जुटी
इस पूरी घटना का सबूत सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गया है। फुटेज में आरोपी कृष्णवीर को पीटते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं, जो पुलिस जांच के लिए एक मजबूत आधार बनता है। साक्षी ठाकुर ने मोदीनगर थाने में लिखित तहरीर दी है और मांग की है कि दोनों आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस लिखित शिकायत और सीसीटीवी फुटेज दोनों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
20 जून को बिल्डर के दफ्तर पर भी हुई थी फायरिंग
गाजियाबाद में यह घटना अकेली नहीं है। 20 जून को खोड़ा थाना क्षेत्र में देर रात एक स्थानीय बिल्डर के दफ्तर के बाहर अज्ञात बदमाशों ने गोलीबारी की थी। वह पूरी घटना भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
उस हमले में किसी को गोली नहीं लगी थी, इसलिए यह माना गया कि बदमाशों का इरादा बिल्डर को डराना-धमकाना था। बावजूद इसके, इस तरह खुलेआम की गई फायरिंग ने पूरे इलाके में भारी दहशत फैला दी। गोलीबारी की यह घटना सुनकर लोग सन्न रह गए और अपराधियों के बुलंद हौसलों को देखकर उनके मन में यह सवाल उठा कि आखिर पुलिस का खौफ अपराधियों के बीच क्यों खत्म होता जा रहा है।
एक के बाद एक आ रही इन आपराधिक वारदातों को देखते हुए गाजियाबाद के नागरिक प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। आम जनता जानना चाहती है कि बढ़ते अपराध को काबू में लाने और इलाके में सार्वजनिक सुरक्षा बहाल करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।













