उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। 25 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे इंडोरामा उर्वरक इकाई की साइडिंग पर एक मालगाड़ी के सात डिब्बे पटरी से उतर गए। यह मालगाड़ी इस औद्योगिक इकाई के लिए खाद लेकर जा रही थी। हालांकि, एक राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी डिब्बा पलटा नहीं और न ही किसी तरह की जनहानि की सूचना मिली। लोको पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए ब्रेक लगाए और ट्रेन को रोक दिया, जिससे स्थिति काबू से बाहर नहीं गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग, परिचालन विभाग और आरपीएफ की टीमें फौरन घटनास्थल पर पहुंच गईं।
मरम्मत कार्य और परिचालन बाधित
इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई। मौके पर पहुंचे रेल कर्मियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने सबसे पहले दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी की, ताकि मरम्मत का काम बिना किसी रुकावट के किया जा सके। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने और ट्रैक बहाली का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया। इस बेपटरी हादसे की वजह से साइडिंग ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचा है। ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण इंडोरामा इकाई के भीतर मालगाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है और वहां तैयार खाद की लोडिंग का काम भी प्रभावित हुआ है।
आरपीएफ निहालगढ़ के उपनिरीक्षक रमेश कुमार तथा स्टेशन अधीक्षक अमित कुमार ने इस रेल दुर्घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक मरम्मत का काम पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता और ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तक तक इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बहाल नहीं किया जाएगा। तकनीकी टीमें बारीकी से पटरियों और वैगनों की जांच कर रही हैं ताकि सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
धीमी गति से टला बड़ा नुकसान
विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी जैसे ही इंडोरामा साइडिंग के निकट पहुंची, अचानक असंतुलित हो गई। इसके बाद एक के बाद एक उसके सात डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए। इस अप्रत्याशित घटना के समय ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी, जो एक बड़ा वरदान साबित हुई। गति धीमी होने की वजह से लोको पायलट को आपातकालीन ब्रेक लगाने और गाड़ी को नियंत्रित करने में अधिक समय नहीं लगा। उसने त्वरित निर्णय लेते हुए ट्रेन को रोक दिया, जिससे मालगाड़ी के डिब्बे पलटने से बच गए। फिलहाल रेलवे प्रशासन और तकनीकी टीम इस घटना के मूल कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर किस तकनीकी खामी या मानवीय त्रुटि के चलते यह हादसा हुआ।
गाजियाबाद में हाल ही में हुआ था ऐसा ही हादसा
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में मालगाड़ी के बेपटरी होने की यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले ही गाजियाबाद और नई दिल्ली रेल मार्ग पर भी ऐसा ही एक हादसा देखने को मिला था। उस समय सामान से लदी एक मालगाड़ी के छह डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए थे। राहत की बात यह थी कि उस हादसे में भी किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई थी।
हालांकि, व्यस्त रेल मार्ग होने की वजह से उस दुर्घटना के कारण गाजियाबाद और नई दिल्ली रूट पर ट्रेनों का संचालन बहुत बुरी तरह से चरमरा गया था। सुबह के व्यस्त समय में हुए उस हादसे ने हजारों रेल यात्रियों की यात्रा में बाधा उत्पन्न की थी। उस स्थिति से निपटने के लिए रेलवे प्रशासन को कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट करने पड़े थे। मार्ग पूरी तरह बाधित होने के कारण कुल 24 ट्रेनों को उनके निर्धारित रूट से हटाकर दिल्ली और नई दिल्ली के वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ा गया था ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।



















