रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंकम सामग्री में घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लाल भाजी और आलू की सूखी सब्जीप्रशांत महासागर में अल नीनो के उभार से कमजोर पड़ा मानसून, 2001 के बाद दर्ज हुई चौथी सबसे सूखी स्थितिबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकाकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफर
ओडिशा में टला बड़ा रेल हादसा, पुरी स्टेशन के समीप तालचेर मेमु पैसेंजर ट्रेन के पहिए उतरेभारत
14 अग॰ 2026, 6:25 pm (48 दिन पहले)· 1

ओडिशा में टला बड़ा रेल हादसा, पुरी स्टेशन के समीप तालचेर मेमु पैसेंजर ट्रेन के पहिए उतरे

ओडिशा के पुरी रेलवे स्टेशन से 300 मीटर दूर शुक्रवार को तालचेर से आ रही एक मेमु पैसेंजर ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया। ट्रेन की धीमी गति के कारण बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं।

ओडिशा के तटीय शहर पुरी के निकट शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जब तालचेर से आ रही एक मेमु पैसेंजर ट्रेन का इंजन स्टेशन के बिल्कुल करीब अचानक पटरी से उतर गया। यह घटना पुरी रेलवे स्टेशन की मुख्य इमारत से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित प्लेटफॉर्म नंबर 3 के पास उस समय घटी, जब ट्रेन अपनी अंतिम मंजिल की ओर धीमी गति से बढ़ रही थी। जैसे ही ट्रेन इस हिस्से से गुजर रही थी, उसका इंजन अचानक पटरियों से उतर गया। इस अप्रत्याशित घटना के बाद बोगियों में मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि स्टेशन परिसर के करीब होने के कारण ट्रेन की रफ्तार बेहद कम थी, जिसकी वजह से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और हादसे में किसी भी यात्री की जान नहीं गई और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ।

रेलवे अधिकारी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची, ट्रैक बहाली का काम शुरू

इंजन के पटरी से उतरते ही पैसेंजर ट्रेन मौके पर ही रुक गई। हादसे की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत राहत कार्य शुरू किए गए। सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर वरिष्ठ रेलवे अधिकारी तथा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर सुरक्षा सुनिश्चित की और ट्रेन में मौजूद सभी यात्रियों की स्थिति का जायजा लिया। इसके तुरंत बाद पटरी से उतरे इंजन को हटाने और क्षतिग्रस्त रेल पटरी को साफ करने की दिशा में तेजी से काम शुरू किया गया।

ये भी पढ़ें

रेलवे के मेंटेनेंस और तकनीकी कर्मचारियों की विशेष टीमों को क्रेन तथा अन्य उपकरणों के साथ तैनात किया गया ताकि प्रभावित रेल लाइन को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जा सके। इस घटना के कारण पुरी रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों में ट्रेनों के परिचालन पर अस्थायी रूप से असर पड़ा और कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। हालांकि, शुरुआती आधिकारिक जानकारी में यह स्पष्ट किया गया कि अन्य प्रमुख रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही पर इसका कोई बड़ा प्रतिकूल असर नहीं पड़ा और मुख्य लाइन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं।

हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए दिए गए जांच के आदेश

मेमु पैसेंजर ट्रेन के इंजन के पटरी से उतरने की सटीक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों का सही पता लगाने के लिए एक औपचारिक जांच का गठन किया जाएगा। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस बात का गहराई से अध्ययन करेगी कि यह हादसा इंजन में किसी यांत्रिक अथवा तकनीकी खराबी के कारण हुआ, रेल पटरी में किसी संरचनात्मक कमी या दरार की वजह से हुआ, अथवा इसके पीछे कोई अन्य परिचालन कारण जिम्मेदार था। अधिकारियों ने दोहराया कि सबसे राहत की बात यह रही कि इतनी बड़ी अनहोनी के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई, और रेलवे की पहली प्राथमिकता ट्रैक को पूरी तरह चालू करने की है।

जुलाई में गुजरात के वलसाड जिले में भी घटी थी ऐसी ही घटना

पैसेंजर ट्रेन के पटरी से उतरने का यह मामला हाल के दिनों में अकेला नहीं है। इससे पहले जुलाई महीने में गुजरात के वलसाड जिले में भी तड़के एक बड़ा रेल हादसा हुआ था। वह घटना उस वक्त हुई थी जब एक पैसेंजर ट्रेन भिलाड स्टेशन के करीब पहुंच रही थी। उस दौरान ट्रेन के ड्राइविंग मोटर कोच (DMC) के अगले 4 पहिए अचानक पटरी से नीचे उतर गए थे, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया था।

गुजरात में हुई उस डिरेलमेंट की घटना की वजह से मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ने वाले मुख्य और व्यस्ततम रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन काफी हद तक प्रभावित हुआ था। उस समय रेलवे प्रशासन को स्थिति को संभालने के लिए कई ट्रेनों के समय में बदलाव करना पड़ा था और कुछ सेवाओं को डायवर्ट करना पड़ा था। हालांकि, उस हादसे में भी सौभाग्य से किसी यात्री या रेल कर्मचारी को चोट नहीं पहुंची थी और सभी लोग सुरक्षित बच निकले थे।

सवाल-जवाब

ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना कहां और किस ट्रेन के साथ हुई?
यह हादसा पूरी रेलवे स्टेशन से 300 मीटर दूर प्लेटफॉर्म नंबर 3 के पास हुआ, जहां तालचेर से आ रही मेमु पैसेंजर ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया।
क्या इस ट्रेन हादसे में कोई यात्री घायल हुआ है?
नहीं, घटना के वक्त ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी, जिसकी वजह से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित हैं।
मेमु ट्रेन के इंजन के पटरी से उतरने का क्या कारण है?
हादसे के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चला है; रेलवे अधिकारी तकनीकी खराबी या ट्रैक में आई समस्या की जांच कर रहे हैं।
क्या इस घटना से ट्रेनों के आवागमन पर असर पड़ा है?
पुरी स्टेशन के आसपास लोकल रेल यातायात थोड़ी देर के लिए बाधित हुआ, लेकिन अन्य मुख्य रेल मार्गों की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई।
हाल ही में ऐसा ही दूसरा ट्रेन हादसा कहां हुआ था?
इससे पहले जुलाई में गुजरात के वलसाड जिले में भिलाड स्टेशन के पास एक पैसेंजर ट्रेन के ड्राइविंग मोटर कोच (DMC) के 4 पहिए पटरी से उतर गए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp