मौसम वैज्ञानिक लंबे समय से सुपर अल नीनो को लेकर जिस आशंका की बात कर रहे थे, वह अब हकीकत में बदलती दिख रही है। इसी का सीधा असर दक्षिण-पश्चिम मानसून पर पड़ा है और इसकी रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। जून का आधा महीना लगभग खत्म होने को है, फिर भी मानसून देश के बड़े हिस्से में पूरी ताकत के साथ दाखिल नहीं हो पाया है।
आम तौर पर इस समय तक मानसून पूरे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को पार कर चुका होता है। लेकिन भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस बार यह अभी बिहार और झारखंड के कुछ ही हिस्सों तक ही पहुंच सका है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मानसून का धीमा पड़ना यह नहीं दर्शाता कि मौसम शांत है। उल्टा, देश के अलग-अलग कोनों में बारिश, आंधी, बिजली और लू का ऐसा मिला-जुला असर दिख रहा है, जिसने पूरे मौसम का मिजाज बदल दिया है।
क्यों बिगड़ा हुआ है मौसम का संतुलन
देशभर के मौसम को इस वक्त कई सिस्टम मिलकर प्रभावित कर रहे हैं। इनमें हरियाणा और उसके आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, पाकिस्तान तथा राजस्थान के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी व पूर्वोत्तर भारत के ऊपर बने सिस्टम शामिल हैं। इन्हीं के चलते कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल रहा है। IMD के अनुसार आज पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश के आसार हैं, वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कुछ इलाकों में तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक का अलर्ट है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू अब भी लोगों को सता रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दक्षिण छत्तीसगढ़ के और इलाकों में मानसून आगे बढ़ेगा, हालांकि उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा फिलहाल इंतजार में ही रहेगा।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत पर बादलों का दबदबा
मानसून की सुस्ती के बावजूद पूर्वोत्तर भारत में बारिश थमने का नाम नहीं ले रही। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 जून को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल पर इसका असर दिखेगा। बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि ओडिशा में भारी बारिश के साथ उमस भरा मौसम लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
दक्षिण भारत में बेहतर है मानसून की स्थिति
केरल, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु में मानसूनी बादल लगातार सक्रिय बने हुए हैं। केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि तेलंगाना में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि देश के बाकी हिस्सों के मुकाबले दक्षिण भारत में मानसून की हालत अपेक्षाकृत अच्छी है और आने वाले दिनों में यहां बारिश की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
दिल्ली में फिर बढ़ेगा पारा
राजधानी के लोगों को मानसून के लिए अभी कुछ और इंतजार करना होगा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली में आंशिक बादल और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी जरूर हो सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। IMD के मुताबिक अगले पांच दिनों में दिल्ली के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, यानी गर्मी और उमस एक बार फिर लोगों की परीक्षा लेने को तैयार हैं। दिल्ली-एनसीआर में शाम के समय तेज हवाएं चलने से थोड़ी राहत मिल सकती है, पर मानसून की ठंडी फुहारों का इंतजार अभी जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मिला-जुला असर
उत्तर प्रदेश में मौसम क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग रंग दिखाएगा। पूर्वी यूपी में बादल छाए रहेंगे और कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, कुछ जगह तेज हवाएं भी चलने की आशंका है। वहीं पश्चिमी यूपी में मौसम तुलनात्मक रूप से शांत रहेगा, जहां हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही गर्मी को कुछ हद तक कम कर सकती है — यह बदलाव किसानों के लिए राहत लेकर आ सकता है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ने की आशंका है, इसलिए श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार और झारखंड को बारिश से राहत
बिहार में 14 जून को मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है। राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है, तो कुछ जिलों में भारी बारिश भी दर्ज हो सकती है। झारखंड में भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान गिरेगा और गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली को लेकर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में आंधी का खतरा
पूर्वी राजस्थान में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। चूंकि मौसम अचानक करवट ले सकता है, इसलिए लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। एक ओर जहां देश के कई हिस्से बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर रही है।













