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गंगा ब्रिज निर्माण: मुगलसराय रिंग रोड पर रात आठ बजे से भारी वाहनों पर पाबंदी, 30 सितंबर तक बदला यातायातभारत
29 जुल॰ 2026, 9:41 am (45 दिन पहले)· 1

गंगा ब्रिज निर्माण: मुगलसराय रिंग रोड पर रात आठ बजे से भारी वाहनों पर पाबंदी, 30 सितंबर तक बदला यातायात

चन्दौली के मुगलसराय में गंगा ब्रिज के निर्माण कार्य को गति देने के लिए रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। 30 सितंबर तक लागू इस व्यवस्था से वाराणसी और बाबतपुर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को पहले योजना बनाने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश के चन्दौली जिले में मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रिंग रोड पर गंगा ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। इस विशाल बुनियादी ढांचा परियोजना को बिना किसी बाधा और पूरी सुरक्षा के साथ पूरा करने के मकसद से प्रशासन ने एक बड़ा यातायात बदलाव लागू किया है। इसके तहत रिंग रोड के इस विशेष हिस्से पर हर दिन रात 8 बजे से लेकर अगली सुबह 8 बजे तक भारी मालवाहक और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह 12 घंटे का दैनिक यातायात प्रतिबंध 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले से वाराणसी, बाबतपुर एयरपोर्ट, चन्दौली, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर तथा कोलकाता की तरफ जाने और वहां से लौटने वाले वाहन चालकों को अपनी यात्रा का समय पहले से तय करने की सख्त हिदायत दी गई है।

रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक 12 घंटे रहेगा प्रतिबंध

मुगलसराय रिंग रोड पर बन रहे नए पुल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दैनिक स्तर पर रात की पाबंदी लागू की जा रही है। निर्माण स्थल के आसपास विभिन्न स्थानों पर स्पष्ट सूचना बोर्ड स्थापित किए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले ट्रक चालकों और बस ऑपरेटरों को समय रहते इस बदलाव की जानकारी मिल सके। इस निर्धारित अवधि के दौरान भारी ट्रकों, बहु-धुरी वाले वाहनों, पर्यटक बसों और अन्य बड़े मालवाहकों का इस सड़क से गुजरना प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छोटे निजी चार पहिया वाहनों, कारों, एम्बुलेंस और दोपहिया वाहनों जैसे मोटरसाइकिल व स्कूटी को आवश्यकता पड़ने पर सतर्कता के साथ निकलने की अनुमति दी जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी मशीनरी के संचालन के कारण सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।

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रात के समय भारी मशीनों के संचालन से सुरक्षा को प्राथमिकता

रिंग रोड पर गंगा नदी के ऊपर पुल का ढांचा तैयार करने के लिए रात के वक्त बेहद जटिल और भारी तकनीकी उपकरण तैनात किए जा रहे हैं। निर्माण स्थल पर बड़ी क्रेन, हाइड्रोलिक पाइलिंग मशीनें, डंपर और कंक्रीट मिक्सर लगातार कार्यरत रहते हैं। अंधेरे में इन विशालकाय मशीनों की आवाजाही और ऊंचे बीम बैठाने का काम चलता है। यदि ऐसी स्थिति में भारी ट्रकों और तेज रफ्तार बसों की आवाजाही जारी रखी जाती, तो निर्माण कार्य में न केवल बार-बार रुकावट आती बल्कि गंभीर सड़क हादसों की आशंका भी कई गुना बढ़ जाती। इसी जोखिम को समाप्त करने के लिए रात 12 घंटे के लिए इस मार्ग को बड़े वाहनों के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है ताकि कार्य की गति भी बनी रहे और किसी मजदूर या राहगीर की जान को खतरा न हो।

30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी यह व्यवस्था

प्रशासन और निर्माण कंपनी ने इस विशेष यातायात डायवर्जन के लिए 30 सितंबर तक की सीमा निर्धारित की है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले लगभग दो महीनों तक भारी वाणिज्यिक वाहनों को इस मार्ग का उपयोग करने से बचना होगा और वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। हालांकि, इस परियोजना का इतिहास बताता है कि गंगा ब्रिज का निर्माण कार्य काफी लंबे समय से चल रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिस कार्यदायी संस्था को इस पुल के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था, वह अपनी पूर्व निर्धारित समयावधि में काम पूरा करने में विफल रही है। इसके बावजूद, अब काम में तेजी लाकर आगामी समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने का भरसक प्रयास किया जा रहा है।

विमानस्थल और रेलवे यात्रियों के लिए विशेष गाइडलाइन

यदि आपकी योजना वाराणसी शहर में प्रवेश करने, बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने, चन्दौली जाने या पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की है, तो समय प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी तरह कोलकाता की ओर जाने वाले लंबी दूरी के यात्रियों को भी अपने रूट की समय सारणी पहले से जांच लेनी चाहिए। यदि आपको रात के समय इस रास्ते से गुजरना है, तो सबसे बेहतर विकल्प यही होगा कि आप शाम 8 बजे से पहले ही रिंग रोड के इस हिस्से को पार कर लें। यदि आप 8 बजे के बाद निकलते हैं, तो आपको अन्य बाईपास या वैकल्पिक मार्गों की तरफ मोड़ा जा सकता है, जिससे आपकी यात्रा का समय काफी बढ़ सकता है। अपनी फ्लाइट या ट्रेन छूटने के जोखिम से बचने के लिए यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अतिरिक्त समय हाथ में लेकर चलने की सलाह दी गई है।

स्थल पर तैनात कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का पक्ष

निर्माण स्थल पर मुस्तैद कर्मचारी सोनू ने बताया कि रात में भारी उपकरणों के जरिए काम काफी तेज गति से किया जाता है। उन्होंने कहा, "रात में निर्माण का काम काफी तेज गति से चलता है, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर बड़े वाहनों की आवाजाही को रोकना जरूरी हो जाता है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आपात स्थिति या आवश्यकता पड़ने पर छोटी कारों और दोपहिया वाहनों को सावधानीपूर्वक रास्ता दिया जाता है।

वहीं निर्माण क्षेत्र के पास रहने वाले स्थानीय निवासी नितिन विश्वकर्मा का मानना है कि रात के समय दुर्घटनाओं का अंदेशा हमेशा बना रहता है। नितिन विश्वकर्मा ने कहा, "पुल पर पूरी रात मजदूर और भारी मशीनें काम करती हैं, ऐसे में ट्रैफिक चालू रहने से हादसों का डर बना रहता है।" उनके अनुसार, यह प्रतिबंध मजदूरों और आम लोगों दोनों के बचाव के लिए एक बुद्धिमत्तापूर्ण कदम है, जिससे बिना किसी अप्रिय घटना के काम सुचारु रूप से जारी रह सकता है।

वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल और यातायात प्रबंधन

इस पाबंदी का सबसे व्यापक असर अंतरराज्यीय माल ढुलाई, ट्रक ऑपरेटरों और लंबी दूरी की बस सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। भारी वाहनों को अब मुगलसराय क्षेत्र के अन्य अंदरूनी या बाहरी बाईपास रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय पुलिस और यातायात विभाग की टीमें जगह-जगह तैनात हैं ताकि रात 8 बजे के बाद भारी वाहनों को रिंग रोड पर प्रवेश करने से रोका जा सके। प्रशासन का अंतिम लक्ष्य यही है कि 30 सितंबर तक गंगा ब्रिज का निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के सुरक्षित माहौल में पूरा कर लिया जाए ताकि आने वाले समय में वाराणसी और चन्दौली क्षेत्र में यातायात सुगम हो सके।

सवाल-जवाब

मुगलसराय रिंग रोड पर भारी वाहनों के लिए क्या प्रतिबंध लगाया गया है?
रिंग रोड पर गंगा ब्रिज निर्माण कार्य के चलते हर रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक भारी वाहनों (ट्रक, बस, बड़े मालवाहक) की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी।
यह यातायात प्रतिबंध कब तक लागू रहेगा?
प्रशासन द्वारा घोषित यह ट्रैफिक व्यवस्था 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी।
क्या कार और बाइक जैसे छोटे वाहनों को भी रोका जा रहा है?
नहीं, कार, स्कूटी, बाइक और एम्बुलेंस जैसे छोटे वाहनों को आवश्यकता पड़ने पर सावधानीपूर्वक गुजरने की अनुमति दी जा रही है।
बाबतपुर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए क्या सलाह है?
एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे रात 8 बजे से पहले इस मार्ग को पार कर लें या वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करें।
रात के समय ट्रैफिक बंद करने का मुख्य कारण क्या है?
रात में बड़ी क्रेन और हाइड्रोलिक जैसी भारी मशीनों से पुल का निर्माण कार्य किया जाता है, जिससे हादसों का खतरा कम करने के लिए ट्रैफिक रोका गया है।
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