उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो चुका है और राज्य के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र ने आज, यानी 04 जुलाई 2026 के लिए राज्य के कई संवेदनशील जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की सबसे तेज मार पड़ने की आशंका है, जहां गरज के साथ तीव्र से अति तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं। हालात की गंभीरता देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
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बारिश के पीछे कौन सा मौसमी तंत्र सक्रिय है
मौसम विभाग के ताजा आकलन के अनुसार इस समय पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक समुद्र तल के औसत स्तर पर एक बेहद सक्रिय द्रोणिका फैली हुई है। यह द्रोणिका औसत समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तृत है। इसके असर से क्षोभमंडल के निचले स्तरों में दक्षिण-पूर्वी दिशा से नम और तेज हवाएं मैदानी इलाकों को पार करते हुए उत्तराखंड के पहाड़ों की ओर बढ़ रही हैं। ठीक इसी समय उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है, जिसने मानसून को और आक्रामक बना दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि इन दोनों मौसमी प्रणालियों के मिलेजुले असर से आने वाले पांच से छह दिन, यानी 09 जुलाई तक पूरे उत्तराखंड में मानसून अपने चरम पर रहेगा और राज्य के ज्यादातर हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश की आशंका
देहरादून मौसम केंद्र के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार आज पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इन जिलों के संवेदनशील इलाकों में अचानक तेज बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन को सतर्क किया गया है। पिथौरागढ़ में हालात पहले से ही चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, जहां मौसम की मार और भूस्खलन के कारण करीब 9 ग्रामीण सड़कें बंद पड़ी हैं। प्रशासन इन सड़कों को दोबारा खोलने में जुटा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश काम में लगातार रुकावट डाल रही है।
देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी में येलो अलर्ट और तेज हवाओं का खतरा
राजधानी देहरादून के साथ-साथ आसपास के पहाड़ी और मैदानी इलाकों के लिए भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में आज दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहने और कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही इन इलाकों में 30 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार वाली तेज आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। टिहरी और मसूरी में पिछले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ तेज बौछारें दर्ज की जा चुकी हैं, जिससे तापमान में गिरावट आई है और मौसम में ठंडक घुल गई है।
चमोली में मूसलाधार बारिश, रुद्रप्रयाग में उमस भरी गर्मी
सीमांत जिले चमोली में मौसम ने फिर करवट ले ली है और कई रणनीतिक व ग्रामीण इलाकों में तेज मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिसे देखते हुए चारधाम यात्रा मार्ग पर भी विशेष एहतियात बरती जा रही है। इसके उलट रुद्रप्रयाग जिले से राहत और चिंता दोनों तरह की खबरें सामने आ रही हैं। यहां फिलहाल बारिश थम गई है और मौसम सामान्य बना हुआ है, लेकिन बारिश रुकने की वजह से स्थानीय लोगों को भीषण और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके चमोली और रुद्रप्रयाग के पर्वतीय हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछारें पड़ने की चेतावनी अब भी बरकरार है।
हरिद्वार और उधम सिंह नगर के मैदानी इलाकों में बिजली गिरने का खतरा
राज्य के मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम का मिजाज मिलाजुला रहने वाला है। IMD की रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। उधम सिंह नगर के पंतनगर में पिछले दिनों अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक रहा। मौसम विभाग ने साफ हिदायत दी है कि गरज-चमक के दौरान लोग खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।
कुमाऊं क्षेत्र भी अलर्ट पर, नैनीताल-अल्मोड़ा-चम्पावत में चेतावनी
कुमाऊं मंडल के नैनीताल, अल्मोड़ा और चम्पावत जिलों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। आज इन जिलों के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है। मौसम विभाग ने यह भी साफ किया है कि कुमाऊं क्षेत्र में 05 और 06 जुलाई को बारिश की रफ्तार और तेज हो जाएगी। नैनीताल और चम्पावत में पर्यटकों की भारी आमद को देखते हुए प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।
अगले पांच दिनों के लिए जिलावार पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने 4 जुलाई से 7 जुलाई तक के लिए एक विस्तृत जिलावार पूर्वानुमान चार्ट भी जारी किया है। इसके अनुसार पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र बौछारें पड़ने का खतरा बना रहेगा, जबकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर में गरज के साथ हल्की-मध्यम बारिश होगी। देहरादून, चमोली, चम्पावत, नैनीताल और बागेश्वर के पर्वतीय हिस्सों में आकाशीय बिजली का खतरा और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं उधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर में मैदानी और पर्वतीय दोनों तरह के इलाकों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।













