उत्तराखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने आज, 02 जुलाई को राज्य के 9 जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी कर दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 30 जून को ही राज्य के ज्यादातर हिस्सों में पहुंच चुका है और अब अगले दो से तीन दिनों में यह पूरे उत्तराखंड को अपनी चपेट में ले लेगा। दरअसल पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक मजबूत मानसूनी सिस्टम बना हुआ है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है। इन दोनों मौसमी सिस्टम्स के आपस में मिलने से समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक नमी से भरी तेज हवाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से 02 जुलाई से 04 जुलाई तक पहाड़ से लेकर मैदान तक मानसून बेहद आक्रामक रूप दिखा सकता है और झमाझम बारिश का दौर लगातार बना रह सकता है।
आज इन 5 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा, बाकी 4 जिलों में भी अलर्ट
आज के लिए मौसम विज्ञान केंद्र ने राजधानी देहरादून के साथ-साथ टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। इन पांचों जिलों के लिए खास तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश की पूरी संभावना जताई गई है, जिससे मौसम विभाग की चेतावनी के दायरे में आने वाले जिलों की कुल संख्या 9 हो जाती है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों और पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है, क्योंकि लगातार तेज बारिश के चलते भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड का खतरा काफी बढ़ जाता है। वहीं मैदानी जिलों जैसे ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।
देहरादून में जलभराव की आशंका, 24 घंटे में हुई तगड़ी बारिश
राजधानी देहरादून और इसके आसपास के इलाकों, जैसे विकास नगर, डोईवाला और जौलीग्रांट में आज मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक देहरादून जिले में आज कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो देहरादून के ड्रम्स इलाके में 62.0 मिमी और मोहकमपुर इलाके में 60.0 मिमी जितनी अच्छी-खासी बारिश पहले ही दर्ज हो चुकी है। आज भी आसमान में काले घने बादल छाए रहने की संभावना है और गरज-चमक के साथ बारिश के अति तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
नैनीताल से पिथौरागढ़ तक कुमाऊं में मानसून पूरी तरह सक्रिय
कुमाऊं मंडल के सबसे मशहूर पर्यटन स्थल नैनीताल और इसके करीबी मैदानी शहरों हल्द्वानी व काठगोदाम में भी आज मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने नैनीताल जिले को आज भारी से बहुत भारी बारिश वाले जोन में रखा है। नैनीताल के अलावा बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। पिछले 24 घंटों के दौरान पिथौरागढ़ में 68.3 मिमी और बागेश्वर के डंगोली इलाके में रिकॉर्ड 98.0 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। इतनी भारी बारिश की वजह से तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे मैदानी इलाकों में रह रहे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हरिद्वार, रुड़की और ऊधम सिंह नगर में आकाशीय बिजली का खतरा
धर्मनगरी हरिद्वार, रुड़की और ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा, काशीपुर व रुद्रपुर जैसे मैदानी इलाकों में आज बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली चमकने और आंधी-तूफान जैसे हालात बनने की पूरी संभावना है। हरिद्वार और चमोली जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। पिछले 24 घंटों में रुड़की में सबसे ज्यादा 35.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, लेकिन आज से शुरू हो रही तेज मानसूनी बारिश और हवाओं के चलते अगले 3 से 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को पूरी तरह राहत मिल जाएगी।
चारधाम यात्रा मार्ग पर भी बारिश का अलर्ट, तीर्थयात्रियों को सलाह
चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में भी आज मौसम वैज्ञानिकों ने भारी बारिश का अनुमान जताया है। इन पहाड़ी जिलों में सिर्फ बारिश ही नहीं बल्कि गर्जन के साथ बिजली कड़कने और बेहद तीव्र बौछारें पड़ने की भी पूरी आशंका है। पिछले कुछ घंटों के दौरान जोशीमठ, कर्नप्रयाग, उखीमठ और रुद्रप्रयाग में हल्की से मध्यम बारिश पहले ही दर्ज हो चुकी है। तीर्थयात्रियों को साफ तौर पर सलाह दी गई है कि वे मौसम की पल-पल की जानकारी लेते हुए ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं, क्योंकि पहाड़ों में अचानक मौसम बदलने और बिजली गिरने जैसी घटनाएं किसी भी वक्त बढ़ सकती हैं।
02 से 07 जुलाई तक कैसा रहेगा उत्तराखंड का मौसम
मौसम विभाग ने 02 जुलाई से लेकर 07 जुलाई तक का जो पांच दिन का बुलेटिन जारी किया है, उसके मुताबिक फिलहाल राज्य को बारिश से कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
- 02 जुलाई: राज्यभर में करीब सभी जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज होगी, जबकि कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
- 03 जुलाई: देहरादून, उत्तरकाशी, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, चमोली और बागेश्वर जिलों में अधिकांश जगहों पर झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा, वहीं पर्वतीय जिलों में बिजली चमकने और बहुत तेज बौछारें पड़ने की आशंका बनी रहेगी।
- 04 जुलाई: पौड़ी और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि बाकी सभी जिलों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
- 05 से 07 जुलाई: इन तीन दिनों के दौरान भी उत्तराखंड के लगभग सभी जिलों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गर्जन के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला लगातार जारी रहने की संभावना है।













