मकान बनवाते या सजाते समय सीढ़ियों के नीचे बची हुई अतिरिक्त जगह को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। अधिकांश घरों में इस खाली कोने को अनुपयोगी वस्तुएं अथवा कबाड़ इकट्ठा करने का अड्डा बना दिया जाता है। वास्तु सिद्धांतों में इस तरह की लापरवाही को बिल्कुल भी उचित नहीं माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस हिस्से में कबाड़ भरने से वहां नकारात्मक ऊर्जा का जमाव होने लगता है, जो धीरे-धीरे पूरे घर के माहौल में भारीपन घोल देती है। इसके अलावा कई लोग सुविधा के लिए इसी स्थान पर जूतों का रैक स्थापित कर देते हैं। इस आदत से गंभीर वास्तु दोष निर्मित होने की प्रबल आशंका रहती है। वास्तु शास्त्र के नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि इस स्थान की व्यवस्था का सीधा जुड़ाव परिवार की खुशहाली, प्रगति और वित्तीय समृद्धि से होता है। यदि यहां बिना सोचे-समझे कोई भी वस्तु रख दी जाए, तो उसका विपरीत असर जीवन की स्थिरता पर देखने को मिल सकता है। इसलिए यह समझना बेहद आवश्यक है कि यहां किन चीजों को स्थापित करना फलदायी रहता है और किन निर्माणों से पूरी तरह बचना चाहिए।
सीढ़ियों के नीचे किन चीजों को रखना माना गया है अनुकूल
यदि इस हिस्से की योजना सही तरीके से बनाई जाए, तो यह घर के सकारात्मक प्रवाह को बढ़ाने में सहायक बन सकता है। जो लोग अध्ययन में रुचि रखते हैं, वे सीढ़ियों के नीचे के ढलान वाले स्थान का उपयोग एक व्यवस्थित और आकर्षक बुकशेल्फ बनाने में कर सकते हैं। इसके साथ यह सावधानी रखनी अनिवार्य है कि पुस्तकों को बेहद करीने और साफ-सुथरे ढंग से रखा जाए। उस स्थान पर धूल, जाले या गंदगी बिल्कुल भी जमा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि स्वच्छता ही सकारात्मक ऊर्जा की पहली शर्त है।
इसके साथ ही, यदि आप कलात्मक दृष्टिकोण पसंद करते हैं, तो सीढ़ियों के नीचे की दीवार का उपयोग पारिवारिक तस्वीरों की सजावट के लिए कर सकते हैं। खूबसूरत यादों को संजोने वाली तस्वीरें या कोई सुंदर शो-पीस लगाने से उस कोने की सुंदरता निखर उठती है। इसके अतिरिक्त दैनिक जीवन में कम उपयोग में आने वाले या हल्के वजन वाले सामान को रखने के लिए यहां एक छोटा सा बंद स्टोर रूम तैयार किया जा सकता है। बिजली से जुड़े जरूरी घरेलू उपकरण, जैसे कि इनवर्टर व्यवस्था अथवा एमसीबी रूम स्थापित करने के लिए भी यह जगह काम में लाई जा सकती है। प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखने के लिए यहां छोटे और शुभ किस्म के इनडोर प्लांट्स रखना भी एक बेहतरीन विकल्प है। इन व्यवस्थाओं को अपनाने से नकारात्मकता दूर रहती है और खुशहाली का संचार होता है।
किन निर्माणों और वस्तुओं से बचना है बेहद जरूरी
सीढ़ियों के नीचे कुछ खास चीजें स्थापित करने से कड़ा परहेज करने की सलाह दी जाती है। सबसे प्रमुख नियम यह है कि सीढ़ियों के नीचे कभी भी पूजा घर अथवा मंदिर का निर्माण नहीं करना चाहिए। सीढ़ियों पर लगातार लोगों की आवाजाही रहती है, इसलिए इसके नीचे पवित्र देवस्थान बनाना सर्वथा अनुचित माना गया है।
इसके साथ ही इस जगह पर शौचालय का निर्माण भी कतई नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों की सेहत और आर्थिक मामलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी तरह इस क्षेत्र में नल, पानी का सिंक अथवा सजावटी वाटर फाउंटेन जैसी जल संरचनाएं स्थापित करने की भी मनाही है। सीढ़ियों के निचले हिस्से में पानी का लगातार बहना वित्तीय नुकसान और व्यर्थ धन खर्च का माध्यम बनता है। अंत में, पुराना टूटा-फूटा सामान, अनुपयोगी रद्दी, कूड़ा या जूते-चप्पल यहां भूलकर भी न छोड़ें, क्योंकि ऐसा जमावड़ा प्रगति में रुकावट पैदा करता है।



















