पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां मेला देखने गई एक आदिवासी किशोरी के साथ चार युवकों ने मिलकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और किशोरी का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
मेले में अकेली मिली किशोरी को जंगल में ले गए आरोपी
घटना बुधवार रात की है, जब दुर्गापुर थाना क्षेत्र के कमलपुर इलाके में मेला लगा हुआ था। आदिवासी किशोरी भी इसी मेले में घूमने पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, चार युवकों ने किशोरी को अकेला देखा और उसे पास के जंगल में ले गए। वहां चारों आरोपियों ने मिलकर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। यह बात सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में गुस्सा देखा गया।
परिवार की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई, चारों आरोपी गिरफ्तार
घटना की जानकारी मिलते ही किशोरी के परिवार वाले दुर्गापुर थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद किशोरी को इलाज के लिए दुर्गापुर अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उसका उपचार चल रहा है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया कि आरोपी युवक किशोरी के पड़ोसी ही हैं। पुलिस ने अजय सोरेन, लक्ष्मण रबीन बास्के, बुधन टुडू और राजू मांडी को गिरफ्तार किया। गुरुवार को इन चारों को दुर्गापुर अनुमंडल अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
जून में भी सामने आया था नाबालिग से दुष्कर्म का मामला
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जून महीने में दुर्गापुर के ही एक होटल में 14 साल की एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। उस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें पीड़िता की सहेली, शेख अज़हरुद्दीन, सुबीर दास और होटल मैनेजर राजकुमार डे शामिल थे। सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इन आरोपियों की उम्र 25 से 32 साल के बीच बताई गई थी। पुलिस के अनुसार, जब पीड़िता को बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो आरोपी रात करीब 10 बजे होटल से चेक-आउट कर बुडबुड लौट आए। बताया जाता है कि आरोपी लड़की को शॉपिंग मॉल घुमाने का बहाना बनाकर दुर्गापुर ले गए थे, जबकि आरोप है कि उसे उसकी सहेली के घर से बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। दुर्गापुर थाने के एक जांच अधिकारी ने बताया था कि आरोपियों ने लड़की को उसके घर के पास एनएच19 के किनारे छोड़ दिया, जहां से उसे पहचानने वाला एक टोटो चालक उसे घर तक लेकर आया।













