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बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी का ऐतिहासिक धमाका, भाजपा और कांग्रेस को पछाड़कर हासिल किया पूर्ण बहुमतराजस्थान
14 सित॰ 2026, 7:47 pm (1 घंटे पहले)· 1

बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी का ऐतिहासिक धमाका, भाजपा और कांग्रेस को पछाड़कर हासिल किया पूर्ण बहुमत

राजस्थान के बारां नगर परिषद चुनाव में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों को हराकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है।

राजस्थान में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों की मतगणना के बीच बारां नगर परिषद से एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक राजनीतिक उलटफेर सामने आया है। राज्य के स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इस समय इसी परिणाम की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, जहां पारंपरिक रूप से वर्चस्व रखने वाले दोनों बड़े दलों, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस, को एक नए राजनीतिक विकल्प ने पूरी तरह पीछे धकेल दिया है। बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने एक ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए न केवल सबसे बड़ी पार्टी होने का गौरव हासिल किया है, बल्कि स्पष्ट और पूर्ण बहुमत के साथ परिषद की सत्ता पर काबिज होने का मार्ग भी प्रशस्त कर लिया है। इस परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर मतदाता पारंपरिक राजनीतिक चक्रव्यूह से बाहर निकलकर विकास और बदलाव के नए चेहरों को अपनाने के लिए तैयार हैं, भले ही राज्य के अन्य हिस्सों में चुनावी लहर का रुख इसके विपरीत ही क्यों न दिख रहा हो।

बारां नगर परिषद के चुनावी समीकरण: सीटों का विस्तृत विश्लेषण

बारां नगर परिषद के भीतर शासन की कमान संभालने के लिए कुल 60 सीटों पर मतदान कराया गया था। मतगणना के दौरान शुरुआती दौर से ही मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय नजर आ रहा था, लेकिन जैसे-जैसे राउंड्स पूरे होते गए, तस्वीर साफ होने लगी। कुल 60 वार्डों वाली इस परिषद में पूर्ण बहुमत प्राप्त करने के लिए किसी भी दल को कम से कम 31 सीटों की आवश्यकता थी। आम आदमी पार्टी ने शानदार चुनावी रणनीति के दम पर बिल्कुल इसी जादुई आंकड़े को हासिल कर लिया और पूरे 31 वार्डों में जीत दर्ज करके नगर परिषद में अपना पूर्ण बहुमत स्थापित किया। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी जो राज्य की राजनीति में एक मुख्य ताकत रही है, इस चुनाव में केवल 18 वार्डों में ही सिमट कर रह गई। हालांकि उसने भाजपा की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन बहुमत के आंकड़े से वह कोसों दूर रह गई। इस पूरे चुनाव में सबसे बड़ी निराशा भारतीय जनता पार्टी के लिए रही, जो राज्य स्तर पर अग्रणी रहने के बावजूद यहां मात्र 9 वार्डों में ही सिमट कर रह गई। इसके अतिरिक्त, दो वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया, जो भविष्य में स्थानीय राजनीति में संतुलन बनाने का काम कर सकते हैं। भाजपा की इस करारी हार और आम आदमी पार्टी की एकतरफा जीत ने जिले के पुराने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।

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कमल राठौर का नेतृत्व और आम आदमी पार्टी की सुनियोजित रणनीति

बारां में आम आदमी पार्टी को मिली इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफलता का मुख्य श्रेय पार्टी द्वारा चुनी गई कुशल चुनावी रणनीति और सही नेतृत्व को दिया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इस स्थानीय चुनाव में बारां के पूर्व सभापति कमल राठौर को अपना मुख्य चेहरा बनाकर पेश किया था। कमल राठौर की स्थानीय जनता के बीच एक साफ-सुथरी छवि और वर्षों का प्रशासनिक अनुभव था, जिसका सीधा लाभ पार्टी को मिला। आम आदमी पार्टी ने खुद को भाजपा और कांग्रेस के बीच एक मजबूत तीसरे मोर्चे के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे वह उन मतदाताओं को आकर्षित करने में सफल रही जो दोनों पारंपरिक दलों की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट थे। कमल राठौर के नेतृत्व में चुनाव लड़ने से पार्टी को स्थानीय कार्यकर्ताओं का भी भरपूर सहयोग मिला। मतगणना स्थल के बाहर जैसे ही आधिकारिक परिणामों की घोषणा हुई और आम आदमी पार्टी की जीत पर मुहर लगी, वैसे ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं का हुजूम सड़कों पर उतर आया। कार्यकर्ताओं ने गुलाल उड़ाकर, मिठाइयां बांटकर और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। स्थानीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि कमल राठौर के चेहरे ने इस त्रिकोणीय मुकाबले को आम आदमी पार्टी के पक्ष में मोड़ने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राज्य स्तरीय रुझान: पूरे राजस्थान में भाजपा का दबदबा

हालांकि बारां का यह परिणाम जितना आश्चर्यजनक है, वह राजस्थान के समग्र चुनावी रुझानों से उतना ही भिन्न भी है। राज्य के कुल 311 निकायों में से 304 निकायों में मतगणना का काम सुचारू रूप से चल रहा है। अब तक राज्य के कुल 10,244 वार्डों में से 9,892 वार्डों के परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित किए जा चुके हैं। इन राज्य स्तरीय परिणामों पर नजर डालें तो भारतीय जनता पार्टी ने अपना दबदबा पूरी तरह से कायम रखा है। घोषित सीटों में से भाजपा ने 4,036 वार्डों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है और वह पूरे राज्य में शीर्ष पर बनी हुई है। कांग्रेस पार्टी भी अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में 3,485 वार्डों को जीतकर दूसरे स्थान पर बनी हुई है। इस चुनाव में सबसे दिलचस्प पहलू बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत रहा है, जिन्होंने 2,207 वार्डों में जीत हासिल कर स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पैठ दिखाई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी यानी RLP ने भी 61 वार्डों पर अपना कब्जा जमाया है। वहीं, अगर आम आदमी पार्टी की बात करें तो उसने पूरे राज्य में कुल 38 वार्डों में जीत दर्ज की है। इस आंकड़े का सबसे रोचक पहलू यह है कि आम आदमी पार्टी की कुल 38 सीटों में से 31 सीटें अकेले बारां नगर परिषद से आई हैं। यह इस बात को रेखांकित करता है कि जहां पूरे राज्य में पार्टी को कड़ी मेहनत की जरूरत है, वहीं बारां में उसकी रणनीति शत-प्रतिशत सफल साबित हुई।

सवाल-जवाब

बारां नगर परिषद में किस पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला है?
आम आदमी पार्टी ने बारां नगर परिषद में पूर्ण बहुमत हासिल किया है।
बारां नगर परिषद में कुल कितने वार्ड हैं और किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
कुल 60 वार्डों में से आम आदमी पार्टी को 31, कांग्रेस को 18, भाजपा को 9 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 2 सीटें मिली हैं।
आम आदमी पार्टी ने बारां में किसके नेतृत्व में यह चुनाव लड़ा था?
पार्टी ने पूर्व सभापति कमल राठौर को अपना मुख्य चेहरा बनाकर यह चुनाव लड़ा था।
राजस्थान के कुल कितने स्थानीय निकायों में मतगणना चल रही है?
राजस्थान के कुल 311 निकायों में से 304 निकायों में मतगणना चल रही है।
पूरे राजस्थान के घोषित परिणामों में भाजपा और कांग्रेस को कितनी-कितनी सीटें मिली हैं?
अब तक घोषित परिणामों में भाजपा ने 4,036 और कांग्रेस ने 3,485 वार्डों में जीत दर्ज की है।
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