मेक्सिको में एवोकाडो के व्यापार को लेकर अमेरिका और मेक्सिको के बीच कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधी तनाव गहरा गया है। अमेरिका ने सुरक्षा का हवाला देते हुए मेक्सिको के मिचोआकान राज्य में अपने सरकारी कामकाज को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। इस फैसले के दायरे में अमेरिका भेजे जाने वाले एवोकाडो की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच का कार्य भी शामिल है, जिसके चलते वहां से होने वाले आयात पर रोक लग गई है।
सैनिकों की तैनाती और सरकारी कदम
इस अमेरिकी कदम का त्वरित जवाब देते हुए मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम ने एवोकाडो उत्पादक क्षेत्रों में 1500 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने का बड़ा निर्णय लिया है। इस सैन्य तैनाती का मुख्य उद्देश्य इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अमेरिका के लिए एवोकाडो के एक्सपोर्ट को जल्द से जल्द दोबारा शुरू कराना है। मेक्सिको सरकार इस बात को लेकर गंभीर है कि व्यापार जल्द पटरी पर लौटे।
हिंसा और ड्रग कार्टेल का साया
मिचोआकान मेक्सिको का सबसे बड़ा एवोकाडो उत्पादक राज्य है, लेकिन यह क्षेत्र खतरनाक ड्रग कार्टेल की सक्रियता के लिए भी कुख्यात है। ये आपराधिक समूह न केवल नशीले पदार्थों की तस्करी करते हैं, बल्कि स्थानीय किसानों और कारोबारियों से जबरन वसूली भी करते हैं। एवोकाडो का यह विशाल कारोबार भी इन कार्टेल की गतिविधियों से अछूता नहीं है। कार्टेल के लोग किसानों से प्रति किलो के हिसाब से या कुल उत्पादन के आधार पर भारी रकम वसूलते हैं, जिसका असर अंततः एवोकाडो की बाजार कीमतों पर भी पड़ सकता है।
पहले भी रुक चुका है आयात
यह कोई पहली मर्तबा नहीं है जब सुरक्षा चिंताओं के कारण अमेरिका ने मेक्सिको से आने वाले एवोकाडो के आयात पर ब्रेक लगाया हो। इससे पहले साल 2024 में भी मिचोआकान में USDA के दो अधिकारियों पर हमला हुआ था और उन्हें कुछ समय के लिए बंधक बना लिया गया था। उस घटना के बाद भी एवोकाडो के निरीक्षण और निर्यात पर बुरा असर पड़ा था। हालांकि इस बार किसी विशिष्ट हमले की बात सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार हाल ही में जबरन वसूली करने वाले कुछ लोगों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा का गंभीर खतरा महसूस हुआ, जिसके चलते एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
अमेरिकी बाजार पर असर और भारी कारोबार
अमेरिका मेक्सिको के एवोकाडो का सबसे बड़ा खरीदार देश है। अमेरिका में खपत होने वाले कुल एवोकाडो का 80 फीसदी से अधिक हिस्सा अकेले मेक्सिको से आता है। केवल साल 2025 में ही मेक्सिको ने अमेरिका को लगभग 3.7 अरब डॉलर मूल्य के एवोकाडो का निर्यात किया था। मेक्सिको से अमेरिका पहुंचने से पहले अमेरिकी कृषि विभाग यानी USDA के अधिकारी इस फल की बारीकी से जांच करते हैं। यह निरीक्षण इसलिए अनिवार्य है ताकि किसी भी कीट या पौधे की बीमारी अमेरिका में प्रवेश न कर सके। यदि यह जांच रुकती है, तो आयात ठप हो जाता है और अमेरिकी बाजार में इस फल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं।
किसानों का दर्द और वसूली का खेल
मिचोआकान के एक स्थानीय एवोकाडो उत्पादक ने मीडिया को जानकारी दी कि वह अमेरिका भेजे जाने वाले प्रत्येक किलो एवोकाडो पर जबरन वसूली की भारी रकम चुकाता है। उस किसान के मुताबिक वह रोजाना लगभग 90 मीट्रिक टन एवोकाडो का निर्यात करता है, जिसका मतलब है कि सिर्फ उसी एक किसान से हर दिन 5000 डॉलर से ज्यादा की उगाही कर ली जाती है। सुरक्षा के भारी डर के कारण उस किसान ने अपनी पहचान गुप्त रखी है। एवोकाडो का निर्यात रुकने से केवल मेक्सिको को ही आर्थिक चोट नहीं पहुंचती, बल्कि अमेरिका में भी आपूर्ति बाधित होती है। मिचोआकान का यह एवोकाडो उद्योग लगभग 2 लाख लोगों को आजीविका प्रदान करता है, यही वजह है कि इस तरह के प्रतिबंध आमतौर पर ज्यादा लंबे समय तक नहीं टिकते।
भविष्य की राह और चुनौतियां
मेक्सिको सरकार ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने का ठोस भरोसा दिलाया है और राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाम ने यह भी संकेत दिया है कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो मेक्सिको के अपने अधिकारी ही एवोकाडो की जांच का जिम्मा संभाल सकते हैं। हालांकि स्थानीय किसानों का यह भी मानना है कि निर्यात के दोबारा शुरू हो जाने मात्र से कार्टेल द्वारा की जाने वाली जबरन वसूली का सिलसिला पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाएगा।



















