वेनेजुएला में आए दो भीषण भूकंपों के बाद मानवीय संकट गहराता जा रहा है। मलबे के नीचे दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहतकर्मी लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारी मशीनों की किल्लत के चलते यह अभियान बेहद धीमा हो गया है। इस आपदा में अब तक 920 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि घायलों की संख्या 3,360 से अधिक हो गई है। स्थानीय प्रशासन का अनुमान है कि सैकड़ों लोग अभी भी जमींदोज हुई इमारतों के नीचे दबे हैं और करीब 50,000 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) का अनुमान है कि इस आपदा में जान गवाएं लोगों की कुल संख्या 10,000 के पार जा सकती है।
तटीय शहर ला ग्वाइरा में सबसे भयानक तबाही
राजधानी कराकास के नजदीक स्थित तटीय शहर ला ग्वाइरा इस आपदा का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है। यहां कई बहुमंजिला अपार्टमेंट्स समेत 100 से अधिक इमारतें पूरी तरह जमींदोज हो चुकी हैं। शहर की सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और रिहायशी इलाके मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं। भारी उपकरणों की कमी के कारण स्थानीय लोग खुद ही अपने हाथों और छोटे घरेलू औजारों की मदद से मलबा हटाने में जुटे हैं ताकि अपने करीबियों को बचा सकें।
क्रेन और अन्य भारी मशीनें समय पर न मिलने से मलबे में दबी जिंदगियों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस मुश्किल घड़ी में स्थानीय स्वयंसेवक मोटरसाइकिलों की मदद से प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी और दवाएं पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस बीच, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने ला ग्वाइरा में राहत कार्यों को गति देने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है और प्रभावित क्षेत्रों में 2,600 टन खाद्य सामग्री बांटने का दावा किया है।
भारत ने शुरू किया 'ऑपरेशन अमिस्ताद'
इस भीषण त्रासदी के बीच भारत ने वेनेजुएला की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है और 'ऑपरेशन अमिस्ताद' की शुरुआत की है। भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो चुके हैं। भारत की ओर से भेजी गई इस मदद में 41 सदस्यों का एक विशेष मेडिकल और राहत दल, एक फील्ड हॉस्पिटल, पोर्टेबल अस्पताल, आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं और 35 टन से अधिक की राहत सामग्री शामिल है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस आपदा पर दुख जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत पूरी मजबूती के साथ वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है।
दुनियाभर से पहुंचने लगी मदद
भूकंप की इस विभीषिका के बाद दुनिया के तमाम देशों ने वेनेजुएला की ओर मदद के हाथ बढ़ाए हैं। अमेरिका ने संकट से निपटने के लिए 15 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उसने दो सैन्य जहाज, हेलीकॉप्टर, विमान और एक विशेषज्ञ मेडिकल टीम को राहत कार्य के लिए तैनात किया है। वहीं, मेक्सिको ने इस अभियान में सहयोग देने के लिए 250 सैन्य बचावकर्मी, पांच खोजी कुत्ते और आधुनिक बचाव उपकरण भेजे हैं।
इसके अतिरिक्त स्पेन, स्विट्जरलैंड, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, फ्रांस, जर्मनी, ब्राजील, चीन और डोमिनिकन रिपब्लिक जैसे देशों ने भी अपनी मेडिकल टीमें, राहत सामग्री और बचाव दल रवाना किए हैं। अल सल्वाडोर और स्पेन से आए विशेषज्ञ बचावकर्मियों की टीमें मलबे में दबे जीवित लोगों की खोज के लिए आधुनिक ड्रोन, हीट स्कैनर और खोजी कुत्तों की मदद ले रही हैं। बचावकर्मियों का कहना है कि मलबे के नीचे से अभी भी जिंदगी के संकेत मिल रहे हैं, जिसके चलते खोज अभियान बिना रुके जारी है।
पहले से जारी संकट के बीच दोहरी मार
यह प्राकृतिक आपदा ऐसे समय में आई है जब वेनेजुएला पहले से ही गहरे आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के एक अनुमान के मुताबिक, इस भूकंप से करीब 70 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। राहत की बात केवल यह रही कि देश के प्रमुख तेल उद्योग को इस भूकंप से कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए देश को बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय मदद की आवश्यकता होगी।













