रूसी विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने साफ संकेत दिए हैं कि BRICS समूह नए देशों को जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार है — बस फिलहाल लगी रोक के हटने का इंतजार है। उन्होंने इशारा किया कि इस सूची में अगला नाम बांग्लादेश का हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह प्रक्रिया थोड़ा समय ले सकती है, क्योंकि समूह का विस्तार महज दो साल पहले ही हुआ था।
अभी रोक क्यों लगी है
Lavrov के मुताबिक समूह को अपने नए ढांचे के साथ तालमेल बैठाने के लिए कुछ वक्त चाहिए, इसलिए नए सदस्य जोड़ने पर अस्थायी विराम लगाया गया है। बांग्लादेश के राजनयिक Khalilur Rahman के साथ बातचीत के बाद उन्होंने कहा:
“As for BRICS, the ten members currently comprising the group have agreed to put the admission of new members on hold for the time being, because just two years ago the number of BRICS members doubled overnight from 5 to 10, and we need a little time to adjust to the new lineup.”
यानी दो साल पहले समूह की सदस्य संख्या रातोंरात 5 से बढ़कर 10 हो गई थी, और अब दस सदस्य देश इसी नए स्वरूप के साथ ढलने का समय चाहते हैं।
बांग्लादेश पर रूस का रुख
रोक हटने के बाद बांग्लादेश की दावेदारी को लेकर रूस का नजरिया बेहद स्पष्ट है। Lavrov ने जोर देकर कहा:
“But our stance on Bangladesh’s candidature when this pause is over is as follows: we will welcome the candidature of this large and important Asian nation.”
उन्होंने इस एशियाई देश को बड़ा और अहम बताते हुए उसकी दावेदारी का स्वागत करने का भरोसा जताया।
कतार में और भी कई देश
Lavrov ने यह भी रेखांकित किया कि BRICS से जुड़ने के फायदे बहुत बड़े हैं और सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं, कई दूसरे देश भी इस मंच का हिस्सा बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा:
“A big number of countries, more than the current number of BRICS members, want to join these advantages.”
“We fully understand the aspirations of the applicants, including our friends from Bangladesh, who are already members and shareholders of the New Development Bank and are very pleased with such participation.”
यानी समूह में शामिल होने के इच्छुक देशों की संख्या मौजूदा BRICS सदस्यों से भी ज्यादा है। बांग्लादेश पहले से ही New Development Bank का सदस्य और शेयरधारक है और इस भागीदारी से संतुष्ट भी है।
बांग्लादेश और BRICS की राह
बांग्लादेश ने BRICS की सदस्यता के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन समूह ने अब तक उसे शामिल नहीं किया है। Lavrov के बयानों को देखते हुए संभावना प्रबल है कि अगली बारी बांग्लादेश की हो सकती है। हालांकि एक अहम पेच यह है कि विस्तार सहमति के आधार पर होता है — किसी भी नए देश को जोड़ने पर समूह के हर सदस्य की रजामंदी जरूरी है। अगला BRICS शिखर सम्मेलन भारत की राजधानी New Delhi में होना तय है, हालांकि इसकी तारीखों का ऐलान अभी बाकी है।













