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Donald Trump ने Israel को दी संयम बरतने की सलाह, Lebanon में युद्धविराम के बाद कूटनीति तेजदुनिया
20 जून 2026, 7:01 am (41 दिन पहले)· 2

Donald Trump ने Israel को दी संयम बरतने की सलाह, Lebanon में युद्धविराम के बाद कूटनीति तेज

US President Donald Trump ने खुलासा किया है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से Israel को Hezbollah के साथ युद्धविराम के लिए मनाया है, ताकि क्षेत्र में बड़ी शांति वार्ता प्रभावित न हो।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, US President Donald Trump ने Israel को संयम बरतने और रणनीतिक सूझबूझ से काम लेने की सलाह दी है। Donald Trump ने बताया कि उन्होंने स्वयं इस मामले में दखल दिया और Israel को Hezbollah के साथ युद्धविराम के लिए राजी होने का आग्रह किया। उनका मानना था कि लेबनान में लगातार बढ़ती हिंसा के कारण ईरान के साथ चल रही नाजुक शांति वार्ताओं और अन्य महत्वपूर्ण राजनयिक प्रयासों को भारी नुकसान पहुंच सकता था।

धैर्य और रणनीतिक समझ की जरूरत

एक विशेष टेलीफोन इंटरव्यू में Donald Trump ने खुलासा किया कि उन्होंने इजरायली प्रशासन से बातचीत के दौरान शांति बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि यह संघर्ष इसी तरह चलता रहा, तो भविष्य में होने वाले बड़े क्षेत्रीय शांति समझौते कमजोर पड़ जाएंगे। Donald Trump ने बातचीत का विवरण देते हुए कहा कि कभी-कभी शांत रहना और पूरी समझदारी से फैसले लेना ही सबसे सही रास्ता होता है। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर यह बताने से परहेज किया कि क्या इस संबंध में उनकी सीधी बातचीत Israel के PM Benjamin Netanyahu से हुई थी या नहीं।

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शाम 4 बजे लागू हुआ युद्धविराम का फैसला

कतर और अमेरिका के वार्ताकारों की सक्रिय भूमिका और ईरान के सहयोग से आखिरकार इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम का समझौता हो गया। स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब 4 बजे से दोनों पक्षों के बीच गोलाबारी पूरी तरह थम गई। Hezbollah से जुड़े सूत्रों और इजरायल के एक शीर्ष अधिकारी ने इस युद्धविराम की पुष्टि की है। इजरायली अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक Hezbollah की ओर से हमले नहीं होते, तब तक इजरायल के लिए भी युद्ध जारी रखने का कोई कारण नहीं है, हालांकि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान के इलाकों में सुरक्षा की दृष्टि से तैनात रहेगी। हालांकि युद्धविराम के शुरुआती एक घंटे के भीतर इजरायल द्वारा कुछ हवाई हमले किए जाने की खबरें आईं, लेकिन शाम 5 बजे के बाद से पूरी तरह शांति रही।

आखिर क्यों जरूरी है यह युद्धविराम?

लेबनान में अचानक भड़की हिंसा का सीधा असर अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्ज़रलैंड में होने वाली बातचीत पर पड़ा था, जिसे स्थगित करना पड़ गया था। यह वार्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम के नियंत्रण और Strait of Hormuz के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल ही में हुए एक अंतरिम समझौते के तहत वॉशिंगटन और तेहरान के पास एक व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए 60 दिन का समय है, जिसके अंतर्गत परमाणु गतिविधियों की सीमा तय करने, प्रतिबंधों को हटाने और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बातचीत होनी है।

Hezbollah के सांसद Hassan Fadlallah ने स्पष्ट किया कि ईरान की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि आगे की कोई भी बातचीत लेबनान में पूर्ण युद्धविराम की स्थिति पर ही निर्भर करेगी। उधर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि समझौते के तहत तय किए गए वादों को पूरा करने की पूरी जिम्मेदारी अब वॉशिंगटन की होगी।

सवाल-जवाब

Donald Trump ने Israel को क्या सलाह दी है?
Donald Trump ने Israel को संयम बरतने, शांत रहने और रणनीतिक रूप से दिमाग का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम कब से लागू हुआ?
यह युद्धविराम स्थानीय समयानुसार शाम करीब 4 बजे से लागू हुआ है।
इस समझौते को कराने में किन देशों ने प्रमुख भूमिका निभाई?
इस युद्धविराम को कराने में अमेरिका और कतर के मध्यस्थों ने अहम भूमिका निभाई है, जिसमें ईरान की भी मदद शामिल रही।
क्या युद्धविराम के पहले घंटे में कोई हिंसा हुई थी?
हाँ, युद्धविराम लागू होने के पहले घंटे में इजरायल की ओर से कुछ हवाई हमले किए गए थे, लेकिन शाम 5 बजे के बाद से शांति रही।
अमेरिका और ईरान के पास व्यापक समझौते के लिए कितना समय है?
एक अंतरिम समझौते के तहत वाशिंगटन और तेहरान के पास परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में ढील और सुरक्षा मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए 60 दिन का समय है।
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