TrendKia
सभीलाइवदेश
दुनिया
सभी दुनिया
पाकिस्तानचीनअमेरिकायूरोपएशियामध्य पूर्वलैटिन अमेरिका
राजनीति
व्यापार
सभी व्यापार
बाज़ारमनीऑटोबेनिफिट्ससक्सेस स्टोरीक्रिप्टोएआई
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेशबिहारमध्य प्रदेशराजस्थानदिल्लीमहाराष्ट्रगुजरातपंजाबहरियाणापश्चिम बंगालतमिलनाडुकेरलकर्नाटकतेलंगानाआंध्र प्रदेशझारखंडछत्तीसगढ़ओडिशाअसमउत्तराखंडहिमाचल प्रदेशजम्मू-कश्मीरगोवाचंडीगढ़पुडुचेरी
यात्रा
यात्रा
खेल
क्रिकेटटेनिसफुटबॉल
मनोरंजनफ़िल्में, टीवी और सेलेब्स
बॉलीवुडOTTभोजपुरीमूवी रिव्यूटीवीहॉलीवुड
टेकगैजेट्स, ऐप्स और इनोवेशन
एक्सेसरीज़लॉन्च रिव्यूDIY
सेहतसेहत, फ़िटनेस और वेलनेस
जीवनफैशन, रिश्ते और जीवनशैली
फैशनकल्चररिश्तेट्रेंड्सपेरेंटिंग
खानपानरेसिपी, फूड और रेस्तरां
धर्मधर्म, आस्था और आध्यात्म
त्योहारवास्तुअध्यात्म
राशिफल
मेषवृषभमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुंभमीन
यात्राघूमने की जगहें और गाइड
ट्रैवल टिप्स
शिक्षानौकरी, परीक्षा और रिजल्ट
वैकेंसीएडमिशनपरीक्षारिजल्टकरियर
लाइव
देश
दुनिया
पाकिस्तान चीन अमेरिका यूरोप एशिया मध्य पूर्व लैटिन अमेरिका
राजनीति
व्यापार
बाज़ार मनी ऑटो बेनिफिट्स सक्सेस स्टोरी क्रिप्टो एआई
खेल
क्रिकेट टेनिस फुटबॉल
मनोरंजन
बॉलीवुड OTT भोजपुरी मूवी रिव्यू टीवी हॉलीवुड
टेक
एक्सेसरीज़ लॉन्च रिव्यू DIY
सेहत
जीवन
फैशन कल्चर रिश्ते ट्रेंड्स पेरेंटिंग
खानपान
धर्म
त्योहार वास्तु अध्यात्म
राशिफल
मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन
यात्रा
ट्रैवल टिप्स
शिक्षा
वैकेंसी एडमिशन परीक्षा रिजल्ट करियर
उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश राजस्थान दिल्ली महाराष्ट्र गुजरात पंजाब हरियाणा पश्चिम बंगाल तमिलनाडु केरल कर्नाटक तेलंगाना आंध्र प्रदेश झारखंड छत्तीसगढ़ ओडिशा असम उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश जम्मू-कश्मीर गोवा चंडीगढ़ पुडुचेरी
हमारे बारे में संपर्क गोपनीयता कुकी नीति शर्तें विज्ञापन दें
TrendKia logo हिंदी • English न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म

TrendKia

तेज़ • ताज़ा • हमेशा ट्रेंड पर

भारत और दुनिया की ताज़ा ट्रेंडिंग ख़बरें, हिंदी और अंग्रेज़ी में। कमेंट करने, टॉपिक फ़ॉलो करने और रिवॉर्ड पॉइंट कमाने के लिए Google से साइन इन करें।

हमारे बारे में
TrendKia news app preview
TrendKia
हमारे बारे मेंसंपर्कगोपनीयताकुकी नीतिशर्तेंविज्ञापन दें
कीव पर बरसीं रूसी बैलिस्टिक मिसाइलें, एक भी नहीं रुकी, 22 की मौतदुनिया
2 घंटे पहले· 2

कीव पर बरसीं रूसी बैलिस्टिक मिसाइलें, एक भी नहीं रुकी, 22 की मौत

यूक्रेनी वायुसेना ने कहा कि इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी के चलते रूस की 23 बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक भी नहीं रोकी जा सकी, इस हमले में कीव और आसपास के इलाके में 22 लोगों की मौत हो गई।

रविकाश गुप्तारविकाश गुप्तावरिष्ठ संवाददाता 6 मिनट पढ़ें AI के लिए
शेयर

रविवार रात रूस ने कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलों की झड़ी लगा दी और इस बार यूक्रेन की वायुसेना एक भी मिसाइल को हवा में मार गिराने में कामयाब नहीं हो पाई। इस हमले में राजधानी कीव में कम से कम 15 और आसपास के कीव क्षेत्र में सात और लोगों की जान चली गई, यानी कुल 22 मौतें दर्ज की गईं। अधिकारियों ने कहा कि यह तबाही इंटरसेप्टर मिसाइलों की गंभीर कमी की वजह से और बढ़ गई।

23 मिसाइलें, एक भी नहीं रुकी

यूक्रेनी वायुसेना ने साफ कहा कि इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी किल्लत के चलते रूस की तरफ से दागी गई सभी 23 बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक को भी मार गिराना मुमकिन नहीं हो सका। एक हफ्ते के भीतर कीव पर यह दूसरा बड़ा रूसी हमला था, और सोमवार सुबह होते होते पूरे शहर में तबाही साफ नजर आने लगी। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेनी सेना क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में कामयाब रही, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों के सामने बेबस रही। उनके मुताबिक रविवार का यह हमला 68 मिसाइलों और 351 अटैक ड्रोन का बड़ा हमला था, जिसमें वायुसेना 37 मिसाइलें और 326 ड्रोन मार गिराने या बेअसर करने में सफल रही। जेलेंस्की ने आगाह किया कि जब तक पैट्रियट डिफेंस मिसाइलें सहयोगी देशों के गोदामों में पड़ी रहेंगी और यूक्रेन तक नहीं पहुंचेंगी, मॉस्को रिहायशी इमारतों पर हमला करता रहेगा। बैलिस्टिक मिसाइलें क्रूज मिसाइलों और ड्रोन के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज रफ्तार से गिरती हैं, इसलिए इन्हें रोकने के लिए खासतौर पर पैट्रियट जैसी प्रणालियों की जरूरत पड़ती है, और यही वजह है कि इनकी कमी सीधे आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ रही है।

ये भी पढ़ें
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव, ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं मिसाइलें
नोविचोक और एपिबैटिडाइन पर काम के आरोप में ब्रिटेन ने सात रूसी वैज्ञानिकों और दो सरकारी संस्थानों पर लगाए प्रतिबंध

कीव की सड़कों पर तबाही का मंजर

राजधानी के लोगों के लिए यह एक और खौफनाक रात थी, तेज धमाकों और यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम की गड़गड़ाहट के बीच। सोमवार सुबह शहर भर में तबाही का मंजर दिख रहा था। शहर की तीन बड़ी रिहायशी इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं, इनमें से कुछ पर तो सीधे मिसाइलें गिरी थीं। हेलीकॉप्टर लगातार आसमान में चक्कर लगाते हुए नदी से पानी लाकर आग बुझाने में जुटे रहे। यूक्रेन की आपातकालीन सेवा के मुताबिक अकेले राजधानी में 56 लोग घायल हुए, जिनमें सात बच्चे शामिल हैं, जबकि चार बचावकर्मियों समेत 29 अन्य लोग भी घायल हुए।

मलबे से उठतीं चीखें और आंसू

कीव के पोदिल्स्की इलाके में एक हमले वाली जगह पर बचाव दल घंटों एक ऐसी इमारत के मलबे में काम करते रहे जिसके बीचोंबीच एक बड़ा छेद हो गया था। मलबे में दबे लोगों को ढूंढने के लिए स्निफर डॉग्स का इस्तेमाल किया गया, जबकि क्रेनों से कंक्रीट के बड़े बड़े स्लैब हटाए जा रहे थे, जिससे ईंटें नीचे गिरती रहीं। पास ही एक बेंच पर बैठी एक महिला रो रही थी, इतने सदमे में कि बोल तक नहीं पा रही थी, उसकी मदद कर रही टीम ने बताया कि उसके दो रिश्तेदार मलबे में दबे हो सकते हैं। जिन लोगों का सब कुछ इस हमले में तबाह हो गया, वे पुलिस के पास अपना नुकसान दर्ज कराने के लिए कतार में खड़े दिखे।

एक महिला, जिसका फ्लैट आठवीं मंजिल पर था और अब पूरी की पूरी इमारत गायब हो चुकी है, बोलना शुरू ही कर पाई थी कि रोते हुए मुंह फेर लिया। चार साल की भीषण जंग पहले से ही लोगों को थका चुकी है, और अब हवाई हमले और तेज होते जा रहे हैं। एक और निवासी ओलेना ने बताया कि जब पास में पहला धमाका हुआ तो शीशे टूटकर उन पर और आसपास खड़े लोगों पर गिरे, लगभग सिर पर, और उसके बाद सब कुछ हिलने लगा। ओलेना ने कबूल किया कि सायरन बजने पर भी वह बंकर में नहीं गईं क्योंकि वह बेहद थकी हुई थीं और अगले दिन काम पर जाने से पहले सोना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि अब वह शांत महसूस कर रही हैं, लेकिन अब भी पूरे बदन में कंपकंपी महसूस हो रही है।

ओलेना का एक सवाल भी था कि इस बार यूक्रेन एक भी बैलिस्टिक मिसाइल क्यों नहीं रोक पाया। उन्होंने कहा कि मिसाइलें उनके घरों पर गिरीं, और यह बहुत डरावना है। उन्हें लगा जैसे उनके पास इन्हें रोकने के लिए कुछ बचा ही नहीं है। उन्होंने पूछा कि आखिर उनके साझेदार देश कहां हैं और यह हो क्या रहा है, यही उनका सवाल था।

जेलेंस्की की नाटो से गुहार

जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से अपील की है कि इस हफ्ते होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में कीव को एयर डिफेंस मुहैया कराने का ठोस फैसला लिया जाए। हमले से कुछ घंटे पहले ही जेलेंस्की ने आगाह किया था कि मॉस्को कीव पर एक और बड़ा हमला करने की तैयारी में है, गुरुवार के उस हमले के बाद जिसमें 30 लोग मारे गए थे। यूक्रेन ने आरोप लगाया था कि उस हमले में मॉस्को ने जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, जबकि रूस का कहना था कि उसने रूसी क्षेत्र में बिजलीघरों और ऊर्जा ठिकानों पर हाल में हुए यूक्रेनी हमलों के जवाब में सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया।

रिपोर्टों के मुताबिक जेलेंस्की मंगलवार से तुर्की के अंकारा में शुरू हो रहे नाटो शिखर सम्मेलन के इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं। सोमवार को एक्स पर अपनी पोस्ट में जेलेंस्की ने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि अमेरिका और यूक्रेन के यूरोपीय साझेदार इस सम्मेलन में एयर डिफेंस के समर्थन में ठोस फैसले लेकर आएं, ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के पास इस आतंक को रोकने के लिए पर्याप्त ताकत है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लायेन ने कहा कि यूक्रेन को एयर डिफेंस की तत्काल जरूरत पर सम्मेलन में चर्चा होगी।

हफ्तेभर में दूसरा बड़ा हमला

कीव भी चुप नहीं बैठा है। यूक्रेन रूस के अहम ऊर्जा ठिकानों पर लगातार ड्रोन हमले करता रहा है, जिसकी वजह से रूस के कब्जे वाले क्रीमिया के सेवस्तोपोल शहर में कुछ समय के लिए बिजली गुल हो गई। यूक्रेनी सेना का कहना है कि उसने रूस की तीन तेल रिफाइनरियों पर हमला किया, जिनमें देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी, यानी ओम्स्क वाली रिफाइनरी भी शामिल है। यह जगह 2,414 किलोमीटर यानी करीब 1,500 मील दूर है, जो रूसी क्षेत्र के भीतर कीव के अब तक के सबसे लंबी दूरी वाले हमलों में से एक है। उधर रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि यूक्रेन ने 625 लंबी दूरी के अटैक ड्रोन दागे, जिनमें से उसकी सेनाओं ने 613 को मार गिराया।

चार साल की जंग, अब भी जारी

रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला शुरू किया था, और फिलहाल वह यूक्रेन के करीब पांचवें हिस्से पर कब्जा जमाए हुए है। चार साल से ज्यादा वक्त से चल रही इस जंग ने आम लोगों को थका दिया है, और अब हवाई हमलों की तीव्रता और बढ़ती जा रही है, जिससे कीव के लिए सहयोगी देशों से पैट्रियट जैसी एयर डिफेंस मिसाइलें हासिल करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।

इसका आप पर असर

यह खबर सीधे भारत से जुड़ी नहीं है, लेकिन इसका असर वैश्विक स्तर पर महसूस हो सकता है।

  • वैश्विक बाजारों के लिए: यूक्रेन का रूस की तेल रिफाइनरियों, जैसे ओम्स्क की रिफाइनरी, पर हमला जारी रहना वैश्विक कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर असर डाल सकता है, जिसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
  • निवेशकों के लिए: नाटो शिखर सम्मेलन में एयर डिफेंस को लेकर होने वाला फैसला यह तय करेगा कि यह जंग आने वाले हफ्तों में और तेज होती है या ठहराव की तरफ बढ़ती है, जिस पर वैश्विक बाजार और ऊर्जा कीमतें करीब से नजर रखेंगी।

सवाल-जवाब

रूस ने रविवार रात कीव पर कितनी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और कितनी रोकी गईं?
रूस ने 23 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और यूक्रेनी वायुसेना इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी के चलते एक भी नहीं रोक पाई।
इस हमले में कुल कितने लोगों की मौत हुई?
कीव शहर में कम से कम 15 और आसपास के कीव क्षेत्र में सात और लोगों की मौत हुई, यानी कुल 22 मौतें।
रविवार रात रूस ने कुल कितने हथियार दागे?
जेलेंस्की के मुताबिक रूस ने 68 मिसाइलें और 351 अटैक ड्रोन दागे, जिनमें से यूक्रेन ने 37 मिसाइलें और 326 ड्रोन मार गिराए या बेअसर किए।
इस हमले में कितने लोग घायल हुए?
यूक्रेन की आपातकालीन सेवा के मुताबिक राजधानी में 56 लोग घायल हुए जिनमें सात बच्चे शामिल हैं, और चार बचावकर्मियों समेत 29 अन्य लोग भी घायल हुए।
जेलेंस्की नाटो देशों से क्या मांग कर रहे हैं?
वे चाहते हैं कि नाटो शिखर सम्मेलन में सहयोगी देश यूक्रेन को एयर डिफेंस, खासकर पैट्रियट मिसाइलें, देने का ठोस फैसला लें।
नाटो शिखर सम्मेलन कब और कहां हो रहा है?
यह मंगलवार से तुर्की के अंकारा में शुरू हो रहा है, जहां जेलेंस्की के डोनाल्ड ट्रंप से मिलने की संभावना है।
यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई में क्या किया?
यूक्रेन ने रूस की तीन तेल रिफाइनरियों पर हमला किया, जिनमें ओम्स्क की सबसे बड़ी रिफाइनरी भी शामिल है, जो 2,414 किलोमीटर यानी करीब 1,500 मील दूर है।
गुरुवार के हमले में क्या हुआ था?
गुरुवार को हुए हमले में 30 लोगों की मौत हुई थी, जिसे यूक्रेन ने नागरिक इलाकों पर जानबूझकर किया गया हमला बताया, जबकि रूस ने इसे ऊर्जा और सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई बताया।
रविकाश गुप्ता
लेखक के बारे मेंरविकाश गुप्तावरिष्ठ संवाददाता लखनऊ
विशेषज्ञताभारत समाचार, वैश्विक बिज़नेस, वित्तीय बाज़ार, क्रिप्टोकरेंसी, ब्लॉकचेन, शेयर बाज़ार विश्लेषण, कॉर्पोरेट न्यूज़, स्टार्टअप, आर्थिक रुझान, डिजिटल एसेट्स, निवेश अंतर्दृष्टि

रविकाश गुप्ता एक वरिष्ठ संवाददाता एवं संपादक हैं जो भारत की ख़बरों, वैश्विक बिज़नेस, वित्तीय बाज़ार और क्रिप्टोकरेंसी को कवर करते हैं। वे आर्थिक रुझानों, क्रिप्टो घटनाक्रमों और दुनियाभर की बड़ी बाज़ार-हलचल वाली घटनाओं पर रिपोर्ट करते हैं।

रविकाश गुप्ता एक वरिष्ठ संवाददाता एवं संपादक हैं जो भारत-केंद्रित रिपोर्टिंग और बिज़नेस, वित्तीय बाज़ार व क्रिप्टोकरेंसी की वैश्विक कवरेज में विशेषज्ञता रखते हैं। वे ब्रेकिंग न्यूज़, आर्थिक घटनाक्रम, कॉर्पोरेट मामले, शेयर बाज़ार, ब्लॉकचेन नवाचार और आधुनिक वित्तीय तंत्र को आकार देने वाले डिजिटल एसेट रुझान कवर करते हैं। स्पष्टता, विश्लेषण और समय पर रिपोर्टिंग पर मज़बूत ज़ोर के साथ रविकाश वैश्विक आर्थिक बदलावों, उभरती तकनीकों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और बदलते क्रिप्टो परिदृश्य की अंतर्दृष्टि देते हैं। उनका काम व्यापक आर्थिक रुझानों को वास्तविक बाज़ार असर से जोड़ता है और पाठकों को पारंपरिक वित्त व डिजिटल एसेट्स की तेज़ी से बदलती दुनिया — दोनों समझने में मदद करता है।

पूरा प्रोफ़ाइल देखें ↗
#दुनिया#यूक्रेनयुद्ध#रूसहमला#कीवमिसाइलहमला#नाटोशिखरसम्मेलन#जेलेंस्की#पैट्रियटमिसाइल#एयरडिफेंस

टिप्पणियाँ 0

टिप्पणी करने के लिए साइन इन करें।

साइन इन

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवालराजनीति1
ओमान की खाड़ी में हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत: अमेरिका के 'संवेदनहीन' बयान पर भड़के शशि थरूर, जयशंकर से भी पूछे सवाल
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?बाज़ार2
AMZN पर वॉल स्ट्रीट की बड़ी दांव: 2026 से 2028 तक Amazon के शेयर कहाँ तक पहुँच सकते हैं?
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचलसाइबर सुरक्षा3
अमेरिका में 'बर्नर फोन' पर संकट: FCC का नया KYC प्रस्ताव गुमनाम सिम को खत्म कर सकता है, और हफ्ते की बड़ी साइबर सुरक्षा हलचल

ताज़ा ख़बरें सीधे आपके इनबॉक्स में

रोज़ की बड़ी ख़बरें, एक ईमेल में।

TrendKia बाज़ारविज्ञापनमानसून सेल — हर चीज़ पर 50% तक छूटTrendKia बाज़ारअभी खरीदें →
नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR

संबंधित ख़बरें

जकार्ता में मोदी के स्वागत में उमड़ा भारतीय समुदाय, भरतनाट्यम और रामायण की झलकदुनिया 2
जकार्ता में मोदी के स्वागत में उमड़ा भारतीय समुदाय, भरतनाट्यम और रामायण की झलक
3 मिनट पहले
जापान, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया ने चीन के पनडुब्बी मिसाइल परीक्षण पर जताई कड़ी नाराजगीचीन 3
जापान, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया ने चीन के पनडुब्बी मिसाइल परीक्षण पर जताई कड़ी नाराजगी
8 मिनट पहले
पैट्रियट मिसाइलों की भारी कमी से यूक्रेन बेबस, कीव पर रूसी हमले में 21 की मौतयूरोप 3
पैट्रियट मिसाइलों की भारी कमी से यूक्रेन बेबस, कीव पर रूसी हमले में 21 की मौत
11 मिनट पहले
फीफा वर्ल्ड कप से लेकर क्यूबा तक, डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों की पूरी दास्तानअमेरिका 2
फीफा वर्ल्ड कप से लेकर क्यूबा तक, डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों की पूरी दास्तान
1 घंटे पहले
मस्तूंग में ड्रोन हमले के बाद मरे 100 से ज्यादा मवेशी, मीर यार बलोच का पाकिस्तानी सेना पर आर्थिक तबाही का आरोपपाकिस्तान 3
मस्तूंग में ड्रोन हमले के बाद मरे 100 से ज्यादा मवेशी, मीर यार बलोच का पाकिस्तानी सेना पर आर्थिक तबाही का आरोप
2 घंटे पहले
खामेनेई को अंतिम विदाई देने तेहरान में उमड़ा जनसैलाब, ट्रंप विरोधी नारों से गूंजी सड़केंमध्य पूर्व 2
खामेनेई को अंतिम विदाई देने तेहरान में उमड़ा जनसैलाब, ट्रंप विरोधी नारों से गूंजी सड़कें
2 घंटे पहले
नोविचोक और एपिबैटिडाइन पर काम के आरोप में ब्रिटेन ने सात रूसी वैज्ञानिकों और दो सरकारी संस्थानों पर लगाए प्रतिबंधदुनिया 2
नोविचोक और एपिबैटिडाइन पर काम के आरोप में ब्रिटेन ने सात रूसी वैज्ञानिकों और दो सरकारी संस्थानों पर लगाए प्रतिबंध
3 घंटे पहले
नेगोंबो जेल में खूनी झड़प, 26 लोगों की मौत, श्रीलंका के न्याय मंत्री ने ली जिम्मेदारीदुनिया 2
नेगोंबो जेल में खूनी झड़प, 26 लोगों की मौत, श्रीलंका के न्याय मंत्री ने ली जिम्मेदारी
3 घंटे पहले