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पटाया पहुंचते ही भिड़े अमेरिकी नौसैनिक, 5 दिन तक जहाज से उतरने पर लगी रोकदुनिया
5 सित॰ 2026, 7:11 am (10 दिन पहले)· 10

पटाया पहुंचते ही भिड़े अमेरिकी नौसैनिक, 5 दिन तक जहाज से उतरने पर लगी रोक

286 दिन समंदर में बिताने के बाद पटाया पहुंचे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन के दो नौसैनिक पहुंचने के कुछ घंटों में ही आपस में भिड़ गए, जिसके बाद उन्हें बाकी पांच दिनों के लिए जहाज से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई.

भारत से करीब 4 हजार किलोमीटर दूर थाईलैंड के मशहूर टूरिस्ट शहर पटाया में एक अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी इस हफ्ते चर्चा का विषय बन गई. वजह रही जहाज पर सवार दो नौसैनिकों के बीच हुई झड़प, जो जमीन पर कदम रखने के कुछ ही घंटों बाद हो गई.

पहुंचते ही भिड़ गए दो नौसैनिक

अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन बुधवार को पटाया पहुंचा. यह जहाज करीब 286 दिन लगातार समंदर में रहने के बाद पहली बार किनारे लगा था, इसलिए इस पर सवार करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों और नौसैनिकों के लिए यह जमीन पर उतरकर आराम करने का लंबे समय बाद मिला मौका था. लेकिन राहत की यह घड़ी ज्यादा देर टिक नहीं पाई. जहाज के पहुंचने के कुछ ही घंटों में दो नाविक वॉकिंग स्ट्रीट के आसपास आपस में भिड़ते नजर आए. वॉकिंग स्ट्रीट पटाया के सबसे मशहूर और चर्चित इलाकों में गिना जाता है. स्थानीय पुलिस प्रमुख कर्नल एनेक स्राथोंगयू ने बताया कि दोनों नाविक नशे में थे, आपस में लड़ रहे थे और काफी हो-हल्ला भी मचा रहे थे.

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कानून नहीं तोड़ा, फिर भी नहीं मिलेगी छूट

पुलिस ने साफ किया कि दोनों नाविकों ने थाईलैंड का कोई कानून नहीं तोड़ा. इसके बावजूद उन्हें बाकी बचे पांच दिनों के पोर्ट स्टॉप के दौरान जहाज से नीचे उतरने की इजाजत नहीं दी जाएगी. अमेरिकी नौसेना के लिए यह मामूली सी झड़प भर थी, लेकिन थाई प्रशासन के लिए, जो इस दौरे को बेहद सावधानी से मैनेज कर रहा था, यह शुरुआत असहज करने वाली जरूर रही.

जहाज के पहुंचने से पहले ही तय हो गई थीं सीमाएं

दरअसल अमेरिकी और थाई अधिकारियों ने इस दौरे से पहले ही कई सख्त नियम बना दिए थे. वजह यह थी कि पटाया अपने नाइटलाइफ के लिए दुनियाभर में मशहूर है, और करीब 5,000 सैनिकों की मौजूदगी में किसी बड़े विवाद का खतरा प्रशासन को साफ नजर आ रहा था. सैनिकों को क्लबों और बार के लिए मशहूर सोई 6 इलाके में जाने से रोक दिया गया था. थाई पुलिस ने बाकायदा सैनिकों को यह याद भी दिलाया कि थाईलैंड में वेश्यावृत्ति गैरकानूनी है. पटाया के मेयर पोरामासे न्गामपिचेस ने सैनिकों के पहुंचने से पहले रेड लाइट एरिया में गिरफ्तारी की खबरों को खारिज किया था, हालांकि उन्होंने यह जरूर माना कि शहर में ऐसी गतिविधियां अब भी चलती हैं. पाबंदियां यहीं खत्म नहीं हुईं. सैनिकों को कैनेबिस की दुकानों से भी दूर रहने को कहा गया था, और पैराग्लाइडिंग व जेट स्कीइंग जैसे कुछ एडवेंचर स्पोर्ट्स पर भी रोक लगाई गई थी. मकसद साफ था, इतनी बड़ी तादाद में सैनिकों की मौजूदगी को बिना किसी बड़े हंगामे के निपटाना. लेकिन पहले ही दिन हुई इस झड़प ने अधिकारियों की चिंता जरूर बढ़ा दी.

286 दिन के सफर की कहानी जो प्लान जैसी नहीं रही

अब्राहम लिंकन का यह सफर किसी सामान्य तैनाती जैसा नहीं रहा. यह जहाज पिछले साल नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था. शुरुआती योजना के मुताबिक इसे करीब छह महीने के लिए प्रशांत क्षेत्र और साउथ चाइना सी में तैनात रहना था. लेकिन फरवरी में जैसे ही अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया, लिंकन को रास्ता बदलकर पश्चिम एशिया भेज दिया गया. इसके बाद जहाज को लंबे समय तक समंदर में ही डटे रहना पड़ा. नतीजा यह हुआ कि बुधवार को पटाया पहुंचने तक यह जहाज लगातार 286 दिन समंदर में बिता चुका था. इतने लंबे समय तक समंदर में रहने को लेकर अमेरिका में भी सवाल उठे. वहां के सांसदों ने जहाज पर खाने की कमी, खराब शौचालयों और सैनिकों में मानसिक तनाव से जुड़ी रिपोर्टों पर चिंता जताई थी. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन सभी चिंताओं को खारिज कर दिया था. वहीं एक अमेरिकी सैनिक की पत्नी ने इस जहाज को तैरती हुई लोहे की जेल तक करार दिया था.

1975 के बाद पटाया में सबसे बड़ी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी

अधिकारियों के मुताबिक इस एक झड़प के अलावा पटाया दौरे के दौरान कोई और बड़ा मामला सामने नहीं आया. इस यात्रा को साल 1975 में साइगोन के पतन के बाद पटाया में अमेरिकी सैन्यकर्मियों की सबसे बड़ी मौजूदगी में गिना जा रहा है. USS अब्राहम लिंकन और उसका पूरा क्रू रविवार को थाईलैंड से अमेरिका के लिए रवाना होगा.

सवाल-जवाब

USS अब्राहम लिंकन पटाया कब पहुंचा?
जहाज बुधवार को थाईलैंड के पटाया पहुंचा.
जहाज कितने दिनों से लगातार समंदर में था?
पटाया पहुंचने तक यह जहाज 286 दिनों से समंदर में था.
झड़प कहां हुई थी?
पटाया के मशहूर इलाके वॉकिंग स्ट्रीट के पास दो नाविक भिड़ गए.
नाविकों पर क्या कार्रवाई हुई?
उन्हें बाकी बचे पांच दिनों के पोर्ट स्टॉप के दौरान जहाज से उतरने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
क्या नाविकों ने कोई कानून तोड़ा था?
नहीं, पुलिस के मुताबिक दोनों ने थाईलैंड का कोई कानून नहीं तोड़ा.
सैनिकों पर पहले से क्या पाबंदियां लगाई गई थीं?
सोई 6 इलाके, कैनेबिस दुकानों और पैराग्लाइडिंग व जेट स्कीइंग जैसे खेलों पर रोक लगाई गई थी.
जहाज को पश्चिम एशिया की ओर क्यों भेजा गया था?
फरवरी में अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद जहाज का रास्ता बदल दिया गया था.
जहाज कब वापस अमेरिका के लिए रवाना होगा?
USS अब्राहम लिंकन और उसका क्रू रविवार को थाईलैंड से अमेरिका के लिए रवाना होगा.
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टिप्पणियाँ 4

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·9 दिन पहले

अब्राहम लिंकन के इस लंबे और कठिन 286 दिनों के अभियान ने अमेरिकी नौसेना के सामने भारी मानसिक तनाव और थकान की चुनौतियों को उजागर किया है। पटाया में हुआ यह छोटा विवाद इस बात का संकेत है कि लंबे समय तक समंदर में रहने वाले सैनिकों के लिए तट पर अनुशासन बनाए रखना कितना मुश्किल होता है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·9 दिन पहले

अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप का यह असाधारण रूप से लंबा 286 दिनों का मिशन मध्य पूर्व और हिंद-प्रशांत क्षेत्रों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी नौसेना पर पड़ रहे भारी परिचालन दबाव का सीधा प्रमाण है। जब युद्धपोत लंबे समय तक समंदर में रहते हैं और उनके क्रू को तनावपूर्ण मिशनों से सीधे मनोरंजन स्थलों पर उतारा जाता है, तो इस तरह की अनुशासनात्मक चुनौतियां न केवल स्थानीय प्रशासन के साथ सुरक्षा प्रबंधन को जटिल बनाती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि निरंतर सैन्य तत्परता सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य और क्षेत्रीय कूटनीतिक साझेदारियों को किस हद तक प्रभावित कर सकती है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·9 दिन पहले

286 दिनों की इस लंबी तैनाती से अमेरिकी नौसैनिकों पर भारी मानसिक दबाव साफ झलकता है। हालांकि पटाया में यह झड़प छोटी थी, लेकिन अमेरिकी सैन्य अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर छवि के लिए यह एक चेतावनी है। अमेरिका और थाई प्रशासन के बीच कड़े नियमों के बावजूद ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि इतनी बड़ी संख्या में सैनिकों की अनियोजित छुट्टी स्थानीय कूटनीतिक संबंधों और सुरक्षा प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·9 दिन पहले

कार्लोस मेंडोज़ा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, लगभग दस महीने की यह लंबी तैनाती न केवल अमेरिकी नौसैनिकों के मानसिक तनाव को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन के बीच कितना संवेदनशील संतुलन मांगती है। 286 दिन के अथक समुद्री अभियानों के बाद ऐसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि सैनिकों की थकान और नाइटलाइफ़ के आकर्षण का यह मिश्रण मेज़बान देशों के साथ कूटनीतिक असहजता पैदा कर सकता है, जिससे भविष्य में पोर्ट विज़िट के दौरान अनुशासन और निगरानी के नियमों को और अधिक कड़ा किया जा सकता है।

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