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फ्लोरेस में फिर कांपी धरती, 5.9 तीव्रता के झटके से दहशत में इंडोनेशियादुनिया
20 अग॰ 2026, 10:01 am (26 दिन पहले)· 2

फ्लोरेस में फिर कांपी धरती, 5.9 तीव्रता के झटके से दहशत में इंडोनेशिया

इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में बृहस्पतिवार को 5.9 तीव्रता का नया भूकंप आया। 15 अगस्त के 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के बाद अब तक 73 लोगों की मौत हो चुकी है और 60,000 लोग विस्थापित हुए हैं।

इंडोनेशिया का फ्लोरेस द्वीप क्षेत्र एक बार फिर तेज भूकंप के झटकों से कांप उठा है। बृहस्पतिवार को आए इस नए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.9 मापी गई, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई। यह झटका हाल ही में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बाद आया है, जिसने पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई थी।

फ्लोरेस क्षेत्र में 5.9 तीव्रता का नया झटका

यूरोपियन मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को आए इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। कम गहराई पर आए इन झटकों के कारण सतह पर जोरदार कंपन महसूस किया गया। पहले से ही आपदा का सामना कर रहे स्थानीय लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत कार्यों में लगे दल भी नए झटकों के बाद सतर्क हो गए हैं।

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15 अगस्त के भीषण भूकंप का खौफनाक मंजर

यह नया झटका 15 अगस्त को आए 7.7 तीव्रता के मुख्य भूकंप के कुछ ही दिनों बाद दर्ज किया गया है। उस विनाशकारी भूकंप का केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा में स्थित एंडे शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में था। जमीन के करीब आए उस प्रचंड झटके ने बड़े पैमाने पर भूस्खलन को अंजाम दिया था। भूकंप के चलते अनगिनत रिहायशी मकान, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और प्रशासनिक इमारतें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसके अलावा, समुद्र में लगभग 1.61 मीटर ऊंची सुनामी की लहरें भी उठी थीं, जिसके बाद तटीय क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया था जिसे बाद में हटा लिया गया।

73 लोगों की मौत और राहत कार्य में बाधाएं

इंडोनेशियाई अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस सिलसिलेवार प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 73 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में 900 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि लगभग 60,000 नागरिकों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। मुख्य भूकंप के बाद से अब तक 3,000 से ज्यादा आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार आ रहे झटकों और जगह-जगह हुए भूस्खलन से सड़कें टूट गई हैं, जिससे सुदूर प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना और बचाव अभियान चलाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

सवाल-जवाब

इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में बृहस्पतिवार को कितनी तीव्रता का भूकंप आया?
बृहस्पतिवार को आए नए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.9 दर्ज की गई, जिसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था।
15 अगस्त को इंडोनेशिया में आए भीषण भूकंप का मुख्य केंद्र कहां था?
15 अगस्त को आए 7.7 तीव्रता के मुख्य भूकंप का केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा में स्थित एंडे शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था।
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कितने लोगों की मौत और घायल होने की पुष्टि हुई है?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस आपदा में कम से कम 73 लोगों की मौत हुई है, 900 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और लगभग 60,000 नागरिक विस्थापित हुए हैं।
मुख्य भूकंप के बाद से क्षेत्र में कितने आफ्टरशॉक दर्ज किए गए हैं?
15 अगस्त के मुख्य भूकंप के बाद से अब तक 3,000 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं।
क्या भूकंप के कारण सुनामी की लहरें भी उठी थीं?
15 अगस्त के भूकंप के बाद समुद्र में सुनामी की छोटी लहरें उठी थीं, जिनमें सबसे ऊंची लहर लगभग 1.61 मीटर दर्ज की गई थी। हालांकि बाद में सुनामी की चेतावनी हटा ली गई थी।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में क्या बाधाएं आ रही हैं?
भूस्खलन के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और लगातार आ रहे झटकों से दूरदराज के इलाकों तक राहत दल और सामग्री पहुंचाने में कठिनाई हो रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·25 दिन पहले

15 अगस्त के 7.7 तीव्रता के मुख्य भूकंप के बाद से 3,000 से अधिक आफ्टरशॉक और 5.9 तीव्रता का यह नया झटका इस बात का संकेत है कि विस्थापित हुए 60,000 लोगों की वापसी और बुनियादी ढांचे की बहाली का रास्ता बेहद लंबा और कठिन होगा। लगातार होते भूस्खलन और टूटी हुई सड़कें राहत कार्यों को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं, जिससे सुदूर इलाकों में मानवीय संकट गहराने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·25 दिन पहले

अपराध और आपदा प्रबंधन दोनों मामलों में त्वरित कानून-व्यवस्था और सुरक्षित मार्ग अत्यंत आवश्यक होते हैं। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा में 3,000 से अधिक आफ्टरशॉक और जमीनी मार्गों के पूरी तरह ध्वस्त होने से कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षा बलों के लिए प्रभावित क्षेत्रों में गश्त करना या निगरानी रखना एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती बन गया है। बुनियादी ढांचे के चरमराने से विस्थापित नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।

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