फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज़ जलडमरूमध्य इन दिनों दुनिया के सबसे खतरनाक सैन्य अभियानों का गवाह बन रहा है। तेहरान के साथ 60 दिनों के नाज़ुक संघर्ष-विराम समझौते को आगे बढ़ाने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इनकार के बाद अब अमेरिकी सेना ने इस क्षेत्र में एक अत्यंत गोपनीय समुद्री कॉरिडोर तैयार किया है। इस विशेष गलियारे के माध्यम से अमेरिकी नौसेना और वायु सेना की कड़ी निगरानी में हर रात दर्जनों तेल टैंकरों को निकाला जा रहा है। वॉशिंगटन ने साफ कर दिया है कि इस बेहद महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर उसका पूरा नियंत्रण है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह गुप्त मिशन पिछले कई हफ्तों से लगातार संचालित किया जा रहा है।
रणनीतिक समुद्री मार्ग की बनावट और दैनिक आवाजाही
इस पूरे गुप्त ऑपरेशन की बागडोर अमेरिकी सेना की एक विशेष टास्क फोर्स संभाल रही है, जिसका संचालन अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित फोर्ट ब्रैग में बने सेना मुख्यालय से हो रहा है। यह टास्क फोर्स खाड़ी क्षेत्र के अपने सहयोगी देशों के साथ लगातार तालमेल बिठाकर काम कर रही है। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह तंत्र हर दिन खाड़ी से बाहर निकलने वाले लदे हुए जहाजों और अरब सागर से खाड़ी के बंदरगाहों में प्रवेश करने वाले खाली किराए के टैंकरों की विस्तृत सूची तैयार करता है। रात के समय जहाजों की सुरक्षा के लिए एक सख्त समय सारिणी बनाई जाती है, जिसमें एक निश्चित समय पर जहाजों का काफिला बाहर निकलता है और दूसरे तय समय पर खाली जहाज अंदर प्रवेश करते हैं। ओमान के तट के करीब बनाए गए दक्षिणी चैनल से हर रात 15 से 20 टैंकरों का काफिला गुजारा जाता है।
ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर असर और निर्यात आंकड़े
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग माना जाता है, जिससे होकर वैश्विक जरूरत का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और एक तिहाई तरल प्राकृतिक गैस (LNG) गुजरती है। सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख उत्पादक देश अपने ईंधन का निर्यात इसी तंग रास्ते से करते हैं। 28 फरवरी से तनाव बढ़ने के बाद आपूर्ति में भारी रुकावट आई थी और कीमतें आसमान छूने लगी थीं। हालांकि, अमेरिकी सेना द्वारा संचालित इस नए रास्ते के जरिए अब रोजाना औसतन 10 मिलियन बैरल कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है, जो संघर्ष से पहले की मात्रा का लगभग आधा है। कुछ विशेष रातों में जहाजों की आवाजाही इतनी तेजी से संचालित की गई कि निर्यात का आंकड़ा 15 मिलियन से 20 मिलियन बैरल प्रति दिन तक दर्ज किया गया। हाल ही में एक ही रात में 20 से अधिक जहाजों को सुरक्षित निकालकर 15 मिलियन बैरल तेल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
सैन्य कार्रवाई और ईरानी निगरानी प्रणाली का विनाश
इस कठिन ऑपरेशन को अंजाम देना तब संभव हो सका जब अमेरिकी सेंट्रल COMMAND ने हाल ही में दो हफ्तों का एक व्यापक सैन्य अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान अमेरिकी हमलों ने ईरान के तटीय रडार नेटवर्क और समुद्री निगरानी अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचाया। हमलों के बाद ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की निगरानी क्षमता बेहद सीमित रह गई है। अब ईरानी बल केवल कुछ मरम्मत किए गए रडार स्टेशनों और छोटी तेज़ नावों पर तैनात स्पॉटर के भरोसे ही टिके हैं। ईरानी क्षमताएं कमजोर होने के कारण वे जहाजों के संभावित मार्गों की ओर अंधाधुंध ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलें दाग रहे हैं।
हवाई सुरक्षा कवच और मिसाइल रक्षा प्रणाली
ईरानी खतरों को विफल करने के लिए अमेरिकी वायु सेना के आधुनिक फाइटर जेट्स जहाजों के काफिले को लगातार हवाई सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स बाधाएं खड़ी करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन जलडमरूमध्य पर उनका नियंत्रण खत्म हो चुका है। अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों और जेट विमानों ने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही ध्वस्त कर दिया है। इसी हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी बलों ने जहाजों की ओर बढ़ रहे ईरान के आठ ड्रोन और दो क्रूज़ मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। इस बहुस्तरीय सुरक्षा कवच की वजह से ही खाली टैंकर अरब सागर से खाड़ी में प्रवेश कर तेल भरकर सुरक्षित वापस लौट पा रहे हैं।




















