यूएस-कनाडा टैरिफ पर रोक और फेड ब्याज दर की घटती उम्मीदों से गिरा USD/CAD, 1.3790 के करीब पहुंचासंगारेड्डी के रेजिंथल स्थित सिद्धि विनायक धाम में चमत्कार, दो सौ सालों में 6.5 फीट ऊंची हुई प्रतिमानोएडा के अनूप खन्ना ने दादी की रसोई से बदली हज़ारों की जिंदगी, जानिए 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने की पूरी कहानीन्यूजीलैंड डॉलर में लगातार दूसरे दिन तेजी, सितंबर में रिजर्व बैंक ऑफ न्यूजीलैंड की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ींअमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक फैसले से डॉलर मई के बाद के निचले स्तर पर फिसलाकोलंबो में 23 अगस्त से भिड़ेंगे भारत और श्रीलंका, सीरीज 2-0 से कब्जाने पर टीम इंडिया की नजरगैस पर बार-बार उबलकर गिरता है दूध? इन 5 आसान उपायों से बचाएं समय और पोषणबोट ने भारत में लॉन्च किए 8 नए पार्टीपाल स्पीकर्स, ₹9,499 से शुरू होती है कीमतदरभंगा दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का कर्पूरी ग्राम पर ठहराव शुरू, चेक करें नया टाइम टेबलकांजीवरम और बनारसी सहित भारत की 6 सबसे कीमती सिल्क साड़ियां और उनकी विशेष बुनाई तकनीक
रावलपिंडी और कराची में उतरे चीन-तुर्की के मालवाहक विमान, रक्षा साजोसामान की आपूर्ति पर उठे सवालपाकिस्तान
20 अग॰ 2026, 12:38 pm (51 मिनट पहले)· 2

रावलपिंडी और कराची में उतरे चीन-तुर्की के मालवाहक विमान, रक्षा साजोसामान की आपूर्ति पर उठे सवाल

पाकिस्तान के नूर खान और मसरूर एयरबेस पर पिछले ढाई दिनों में चीनी और तुर्की सैन्य विमानों की असामान्य आवाजाही दर्ज की गई है, जिससे ड्रोन तथा रक्षा उपकरण पहुंचाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।

पाकिस्तान के वायुक्षेत्र में पिछले 60 घंटों के दौरान भारी सैन्य जहाजों की हलचल से रणनीतिक चिंताएं बढ़ गई हैं। रावलपिंडी और कराची स्थित प्रमुख सैन्य ठिकानों पर चीन तथा तुर्की के भारी परिवहन विमानों का बार-बार उतरना दर्ज किया गया है। इस अचानक बढ़ी आवाजाही के बाद पाकिस्तान को उन्नत ड्रोन और अन्य आधुनिक रक्षा प्रणालियों की आपूर्ति किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

नूर खान और मसरूर एयरबेस पर केंद्रित गतिविधि

चीनी वायुसेना के भारी परिवहन विमान रावलपिंडी के पास स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नूर खान एयरबेस पर उतरे। इसके साथ ही सिंध प्रांत के कराची में स्थित मसरूर एयरबेस पर भी चीनी जहाजों की लगातार आवाजाही देखी गई। रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व के मुख्यालय के नजदीक है और रणनीतिक लॉजिस्टिक्स के परिचालन के लिए जाना जाता है।

ये भी पढ़ें

तुर्की के सैन्य जहाजों की समानांतर आवाजाही

इसी 60 घंटे की समयावधि के दौरान तुर्की के सैन्य परिवहन विमानों की आवाजाही भी पाकिस्तानी वायुसीमा में सक्रिय रही। चीन और तुर्की दोनों देशों के सैन्य विमानों का एक साथ बार-बार उतरना सामान्य उड़ानों से अलग माना जा रहा है। चीन और तुर्की हाल के वर्षों में पाकिस्तान के मुख्य रक्षा आपूर्तिकर्ता रहे हैं, विशेषकर मानवरहित हवाई वाहनों और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में।

कार्गो की सामग्री पर अस्पष्टता

विमानों के बार-बार उतरने से सैन्य उपकरणों के हस्तांतरण के कयास तेज हुए हैं, लेकिन जहाजों में वास्तव में क्या सामान लाया गया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन उड़ानों के विशिष्ट उद्देश्य या कार्गो के विवरण पर कोई आधिकारिक डेटा जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद, क्षेत्रीय सुरक्षा के संदर्भ में इन सैन्य उड़ानों के पैटर्न और समय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सवाल-जवाब

पाकिस्तान में किन देशों के सैन्य विमान देखे गए हैं?
पाकिस्तान के वायुक्षेत्र में पिछले 60 घंटों के दौरान चीन और तुर्की के भारी सैन्य परिवहन विमानों की असामान्य आवाजाही दर्ज की गई है।
ये सैन्य विमान पाकिस्तान के किन एयरबेस पर उतरे?
चीनी सैन्य विमान रावलपिंडी के पास स्थित नूर खान एयरबेस और कराची के मसरूर एयरबेस पर बार-बार उतरे हैं।
इन उड़ानों की हलचल से क्या आशंका जताई जा रही है?
इन उड़ानों के जरिए पाकिस्तान को आधुनिक ड्रोन और रक्षा उपकरण पहुंचाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
क्या विमानों में लाए गए सामान की आधिकारिक पुष्टि हुई है?
नहीं, इन सैन्य विमानों में वास्तव में क्या सामग्री लाई गई है, इसकी कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
नूर खान एयरबेस का क्या रणनीतिक महत्व है?
रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पाकिस्तान के सैन्य मुख्यालय के निकट है और महत्वपूर्ण सैन्य लॉजिस्टिक्स के लिए उपयोग किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR