मिस्र की सेना ने सूडान की सीमा से लगे दक्षिणी इलाके में एक बड़ा अभियान चलाते हुए 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। सेना के मुताबिक इन सभी पर अवैध सोने की खनन और तस्करी का आरोप है। सोमवार को जारी सेना के आधिकारिक बयान में बताया गया कि हिरासत में लिए गए लोगों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं और ऑपरेशन के दौरान खनन के उपकरणों की भारी मात्रा भी जब्त की गई है।
कौन पकड़ा गया और क्या बरामद हुआ
सेना के बयान के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में 87 मिस्री नागरिक और 136 विदेशी नागरिक हैं। अधिकारियों ने विदेशी नागरिकों के देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए। सेना ने बताया कि यह अभियान दक्षिणी सीमा पर अवैध खनन गतिविधियों और सोने की तस्करी से जुड़े रास्तों को बंद करने के लिए चलाया गया। बड़े पैमाने पर खनन उपकरण और यंत्र भी ज़ब्त किए गए, हालांकि इनकी किस्म या कीमत का कोई ब्योरा नहीं दिया गया।
कुछ संदिग्ध खनन मज़दूरों ने मिस्री अधिकारियों के सामने खुद आत्मसमर्पण किया। सेना के बयान में कहा गया कि इन्हें बाद में उनके गृह देश वापस भेज दिया गया।
सोशल मीडिया वीडियो और सूडानी मीडिया के दावे
ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहे वीडियो में एक सीमा चौकी पर सैकड़ों सूडानी लोगों की भीड़ नज़र आई। सूडानी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि ये वही खनन मज़दूर थे जिन्हें मिस्र ने हिरासत में लेकर वापस भेजा। हालांकि मिस्र की सेना ने आधिकारिक तौर पर न तो वापस भेजे गए लोगों की राष्ट्रीयता बताई और न ही उनकी कुल संख्या की जानकारी दी।
मिस्र का दक्षिणी इलाका: सोने की खदानों का गढ़
मिस्र का दक्षिणी हिस्सा सोने के भंडारों और सक्रिय खदानों से भरपूर है। सरकार इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन विकास कर रही है, जिसमें सुकारी मेगाप्रोजेक्ट सबसे अहम है। इसी वजह से इस इलाके में अवैध खनन मिस्री अधिकारियों के लिए एक गंभीर और सीधी चुनौती है।
सूडान में जंग और बेकाबू सोने की तस्करी
सूडान में तीन साल से चल रही जंग ने वहां के खनन क्षेत्र को पूरी तरह अनियंत्रित कर दिया है। UN की विशेषज्ञ समिति की 2024 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सूडान में खनन किए गए सोने का 50% से अधिक हिस्सा अवैध तरीकों से देश के बाहर भेजा जाता है।
इस तस्करी की भयावहता इस तथ्य से समझी जा सकती है कि सोना सूडान के कुल राजस्व का 70% हिस्सा है। यानी इसकी तस्करी सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाती है। सूडान में सेना और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेस के बीच चल रही जंग के बीच, इसी UN रिपोर्ट में बताया गया कि रैपिड सपोर्ट फ़ोर्सेस ने दारफ़ुर और कोर्डोफ़ान से हज़ारों टन सोना तस्करी के ज़रिए बाहर भेजा है।
मिस्र की सेना की कड़ी चेतावनी
अपने बयान के आखिर में मिस्र की सेना ने साफ कर दिया कि वह सीमा पर किसी भी खतरे से निपटने के लिए अपने पास मौजूद हर विकल्प इस्तेमाल करने के लिए तैयार है। भविष्य में सीमा पर क्या कदम उठाए जाएंगे, इसका कोई और ब्योरा नहीं दिया गया।













